
#दुमका #समाजसेवा : गरीब सेवा समिति ने साप्ताहिक निःशुल्क भोजन वितरण कर मानवता का संदेश दिया।
दुमका शहर में समाजसेवा की एक प्रेरक तस्वीर सामने आई, जहां गरीब सेवा समिति द्वारा निःशुल्क भोजन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वीर कुंवर सिंह चौक पर आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 200 गरीबों, बुजुर्गों और बच्चों को बैठाकर भोजन कराया गया। यह सेवा कार्य पिछले पांच वर्षों से नियमित रूप से हर शनिवार को किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य जरूरतमंदों को सम्मान के साथ भोजन उपलब्ध कराना रहा।
- वीर कुंवर सिंह चौक, दुमका पर निःशुल्क भोजन वितरण।
- गरीब सेवा समिति द्वारा साप्ताहिक सेवा कार्यक्रम का आयोजन।
- लगभग 200 गरीबों, बुजुर्गों और बच्चों को कराया गया भोजन।
- पिछले 5 वर्षों से लगातार जारी है सेवा मुहिम।
- भोजन के साथ आचार और स्वच्छ पानी भी उपलब्ध कराया गया।
- समिति अध्यक्ष और सचिव सहित पूरी टीम की सक्रिय भागीदारी।
दुमका में शनिवार को समाजसेवा और मानवता का एक सराहनीय दृश्य देखने को मिला। शहर के व्यस्त इलाके वीर कुंवर सिंह चौक पर गरीब सेवा समिति द्वारा निःशुल्क भोजन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग शामिल हुए। दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सम्मानपूर्वक बैठाकर शुद्ध और स्वादिष्ट भोजन कराया गया। आयोजन स्थल पर अनुशासन, स्वच्छता और आत्मीयता का माहौल बना रहा।
पांच वर्षों से जारी सेवा की परंपरा
गरीब सेवा समिति द्वारा यह साप्ताहिक सेवा कार्य पिछले पांच वर्षों से लगातार किया जा रहा है। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, हर शनिवार को दुमका के विभिन्न इलाकों से जरूरतमंद लोग यहां पहुंचते हैं। समिति का उद्देश्य केवल भोजन कराना नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्ग को यह अहसास दिलाना है कि वे अकेले नहीं हैं और समाज उनके साथ खड़ा है।
समिति पदाधिकारियों की पहल
कार्यक्रम के दौरान समिति अध्यक्ष मधु अली खान और सचिव दिनेश मुर्मू ने बताया कि यह सेवा पूरी तरह सहयोग और सामूहिक प्रयास से संचालित होती है। उन्होंने कहा कि हर शनिवार को नियत समय पर भोजन तैयार कर वितरण किया जाता है, जिसमें गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है। भोजन के साथ आचार और पीने का पानी भी उपलब्ध कराया जाता है, ताकि लोगों को पूरी सुविधा मिल सके।
200 से अधिक लोगों ने उठाया लाभ
इस सप्ताह आयोजित कार्यक्रम में लगभग 200 लोगों ने निःशुल्क भोजन का लाभ उठाया। इनमें दिहाड़ी मजदूर, बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे शामिल थे। कई जरूरतमंदों ने समिति के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की सेवा उनके लिए बड़ी राहत होती है, खासकर उन लोगों के लिए जो नियमित रूप से दो वक्त का भोजन जुटाने में असमर्थ होते हैं।
टीम वर्क से बनती है सेवा की मिसाल
इस नेक कार्य को सफल बनाने में समिति के कई सदस्यों और स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। राजेश कुमार सिंह, रामविलास सिंह, सावर बाबू और सुनील कुमार सहित पूरी टीम ने भोजन वितरण से लेकर व्यवस्थाओं को संभालने तक जिम्मेदारी निभाई। सभी सदस्यों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि हर व्यक्ति को सम्मान और स्नेह के साथ भोजन मिले।
समाज में सकारात्मक संदेश
गरीब सेवा समिति का यह प्रयास समाज में आपसी सहयोग और संवेदनशीलता का मजबूत संदेश देता है। जहां एक ओर बढ़ती महंगाई और सामाजिक असमानता चिंता का विषय है, वहीं इस तरह के सेवा कार्य यह साबित करते हैं कि सामूहिक प्रयास से जरूरतमंदों की मदद की जा सकती है। समिति का यह आयोजन युवाओं और सामाजिक संगठनों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहा है।
मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म
कार्यक्रम के दौरान कई स्वयंसेवकों ने यह संदेश दिया कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। जरूरतमंदों को भोजन कराना न केवल शारीरिक भूख मिटाता है, बल्कि समाज में आपसी विश्वास और अपनापन भी बढ़ाता है। समिति का प्रयास इसी सोच को मजबूत करता है।
न्यूज़ देखो: समाजसेवा की जमीन पर उतरती तस्वीर
गरीब सेवा समिति का यह आयोजन दिखाता है कि समाज की समस्याओं का समाधान केवल नीतियों से नहीं, बल्कि संवेदनशील प्रयासों से भी होता है। लगातार पांच वर्षों से चल रही यह मुहिम प्रशासन और समाज दोनों के लिए प्रेरक उदाहरण है। ऐसे प्रयासों को समर्थन और प्रोत्साहन मिलना आवश्यक है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सेवा से सशक्त समाज की ओर
जब समाज का हर वर्ग एक-दूसरे के लिए आगे आता है, तभी सच्चा विकास संभव होता है। निःशुल्क भोजन जैसे छोटे दिखने वाले प्रयास भी कई जिंदगियों में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। सेवा, सहयोग और संवेदना ही मजबूत समाज की नींव हैं।
आप भी इस मानवीय पहल से प्रेरणा लें, जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं। खबर पर अपनी राय साझा करें, इसे दूसरों तक पहुंचाएं और सेवा की इस भावना को और मजबूत बनाएं।



