
#महुआडाड़ #रेहला #सेवा_कार्य : सुदूर आदिम जनजाति क्षेत्र में कंबल वितरण और निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन।
लातेहार जिले के महुआडाड़ प्रखंड अंतर्गत सोहरपाट ग्राम में प्रेरणा परमार्थ आश्रम प्रयागराज की रेहला इकाई द्वारा आदिम जनजाति समुदाय के लिए व्यापक सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत 300 जरूरतमंद परिवारों को कंबल वितरित किए गए और 118 मरीजों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच कर दवाएं दी गईं। यह सेवा आश्रम की टीम द्वारा 200 किलोमीटर दूर से पहुंचकर उपलब्ध कराई गई। क्षेत्र में इस पहल को मानवता और सेवा भाव का उदाहरण माना जा रहा है।
- सोहरपाट ग्राम में आदिम जनजाति परिवारों को 300 कंबल वितरित।
- 118 मरीजों की निःशुल्क जांच कर दवा वितरण।
- डॉ. अनुप कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवा।
- प्रेरणा परमार्थ आश्रम प्रयागराज की रेहला इकाई का आयोजन।
- आश्रम टीम ने 200 किलोमीटर दूर से पहुंचकर सेवा दी।
महुआडाड़ प्रखंड के सुदूर एवं आदिम जनजाति बहुल सोहरपाट ग्राम में रविवार को मानवता और सेवा का एक प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला, जब प्रेरणा परमार्थ आश्रम प्रयागराज की रेहला इकाई द्वारा अभावग्रस्त परिवारों के लिए कंबल वितरण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ठंड से राहत देने के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्र के लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना था।
पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
सेवा कार्यक्रम की शुरुआत अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी एवं गुरुजनों की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई। इसके बाद आश्रम के सदस्यों ने सेवा कार्य को धर्म और मानवता से जुड़ा कर्तव्य बताते हुए कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। पूजा के उपरांत ग्रामवासियों के बीच प्रसाद का भी वितरण किया गया।
300 कंबल वितरण से मिली ठंड से राहत
कार्यक्रम के तहत सोहरपाट ग्राम के आदिम जनजाति समुदाय के 300 जरूरतमंद परिवारों के बीच कंबल का वितरण किया गया। ठंड के मौसम में इस सहायता को पाकर ग्रामीणों के चेहरे पर संतोष और राहत साफ झलक रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि यह इलाका दूरस्थ होने के कारण अक्सर सरकारी एवं सामाजिक सहायता से वंचित रह जाता है, ऐसे में आश्रम द्वारा पहुंचकर की गई यह सेवा उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण
कंबल वितरण के साथ-साथ निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. अनुप कुमार द्वारा कुल 118 मरीजों की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के बाद आवश्यक दवाएं भी निःशुल्क वितरित की गईं। मरीजों में बुखार, सर्दी-खांसी, कमजोरी, त्वचा रोग और अन्य सामान्य बीमारियों से पीड़ित लोग शामिल थे।
डॉ. अनुप कुमार ने ग्रामीणों को स्वच्छता, संतुलित आहार और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आदिम जनजाति क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य सेवा पहुंचना बेहद जरूरी है, ताकि गंभीर बीमारियों से पहले ही बचाव किया जा सके।
200 किलोमीटर दूर से पहुंची आश्रम की टीम
इस सेवा कार्यक्रम की खास बात यह रही कि प्रेरणा परमार्थ आश्रम की रेहला इकाई ने लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय कर महुआडाड़ के इस दुर्गम क्षेत्र में पहुंचकर सेवा उपलब्ध कराई। आश्रम से जुड़े सदस्यों ने बताया कि उनका उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों तक सेवा पहुंचाना है, जहां संसाधनों की सबसे अधिक कमी है।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस अवसर पर आश्रम की ओर से डॉ. अनुप सिंह, रणधीर सिंह, अशोक यादव, राज सिंह, पप्पू सिंह, मुन्ना सिंह, अशोक सिंह, मुकुल, चिदात्मन, शेरू सिंह, राकेश सिंह, मृत्युंजय सिंह सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। वहीं महुआडाड़ क्षेत्र से अजय उरांव, गहनु उरांव, प्रिंस सहित स्थानीय ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई।
ग्रामीणों ने जताया आभार
सेवा कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने आश्रम की टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल से न केवल उनकी तत्काल जरूरतें पूरी होती हैं, बल्कि उन्हें यह एहसास भी होता है कि समाज में आज भी ऐसे लोग हैं, जो दूर-दराज़ के क्षेत्रों में रहने वालों के लिए सोचते हैं।



न्यूज़ देखो: दुर्गम क्षेत्रों में सेवा का सशक्त उदाहरण
सोहरपाट जैसे सुदूर आदिम जनजाति क्षेत्र में पहुंचकर कंबल वितरण और स्वास्थ्य सेवा देना सामाजिक जिम्मेदारी का मजबूत उदाहरण है। ऐसे प्रयास सरकारी योजनाओं के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर बड़ा बदलाव ला सकते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सेवा से ही सशक्त समाज का निर्माण
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