
#दुमका #पाकुड़ #रक्तदान #मानवता : समय पर मिले रक्त से बची एक और जिंदगी।
मानवता और समाजसेवा की मिसाल पेश करते हुए साबिर ने एक बार फिर रक्तदान कर एक महिला की जान बचाई है। पाकुड़ जिले के हरिनडंगा बाजार निवासी 50 वर्षीय सलीमा खातून, जो दुमका के कौशल्या नर्सिंग होम में इलाजरत थीं, को एनीमिया के कारण तत्काल एबी पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता थी।
- एनीमिया के कारण सलीमा खातून का हीमोग्लोबिन काफी कम हो गया था।
- डॉक्टरों ने तत्काल एबी पॉजिटिव ब्लड की जरूरत बताई।
- सूचना मिलते ही साबिर पहुंचे ग्लोकल ब्लड बैंक।
- 7वीं बार रक्तदान कर बचाई महिला की जान।
जैसे ही सलीमा खातून को रक्त की आवश्यकता की सूचना साबिर तक पहुंची, उन्होंने बिना किसी देरी के ग्लोकल ब्लड बैंक पहुंचकर रक्तदान किया। समय पर रक्त उपलब्ध होने से मरीज की हालत में सुधार हुआ और परिजनों ने राहत की सांस ली।
बताया जाता है कि साबिर इससे पहले भी छह बार रक्तदान कर जरूरतमंदों की मदद कर चुके हैं। लगातार सातवीं बार रक्तदान कर उन्होंने समाज के सामने मानवता, सेवा और संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है।
इस मानवीय कार्य में आबिद का भी विशेष सहयोग रहा। रक्तदान के बाद चिकित्सकों एवं परिजनों ने साबिर के इस जज्बे की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।
जिले को साबिर पर गर्व
साबिर के इस नेक कार्य को लेकर जिलेभर में उनकी प्रशंसा हो रही है। लोग उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बता रहे हैं।
न्यूज़ देखो: इंसानियत की जीत
आज के दौर में जब लोग अपनों से भी मुंह मोड़ लेते हैं, ऐसे समय में साबिर जैसे लोग यह साबित करते हैं कि इंसानियत अभी जिंदा है।
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