
#बरवाडीह #सामाजिक_सेवा : कड़ाके की ठंड में जरूरतमंदों को कंबल और बच्चों को शैक्षणिक सामग्री का वितरण।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड में कड़ाके की ठंड को देखते हुए युवा समाजसेवी मो. साहिद ने व्यापक राहत कार्य किया। विभिन्न गांवों में सैकड़ों असहाय बुजुर्गों को कंबल और बच्चों को शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। इस पहल से जरूरतमंदों को ठंड से राहत मिली और शिक्षा के प्रति बच्चों का उत्साह बढ़ा। कार्यक्रम ने सामाजिक सहयोग और मानवता का संदेश दिया।
- बरवाडीह प्रखंड के कई गांवों में कंबल वितरण।
- मो. साहिद और समाजसेवी बबन सिंह की संयुक्त पहल।
- बेतला बगीचा, पोखरी कलां, अखरा, पोखरी खुर्द, सरईडीह शामिल।
- सैकड़ों बुजुर्ग महिला-पुरुष लाभान्वित।
- छात्र-छात्राओं को डायरी, मिल्क और टॉफी का वितरण।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र में पड़ रही कड़ाके की ठंड के बीच सामाजिक सरोकार की एक सराहनीय मिसाल देखने को मिली है। युवा समाजसेवी संगठन युवाओं का धड़कन के सक्रिय सदस्य मो. साहिद और समाजसेवी बबन सिंह (रांची) के नेतृत्व में व्यापक स्तर पर राहत एवं सेवा कार्य किया गया। इस पहल का उद्देश्य ठंड से सबसे अधिक प्रभावित गरीब, असहाय और बुजुर्ग वर्ग को तत्काल राहत पहुंचाना और बच्चों में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बनाना रहा।
कई गांवों में एक साथ चला राहत अभियान
राहत एवं सेवा कार्य के तहत बेतला बगीचा, पोखरी कलां, अखरा, पोखरी खुर्द और सरईडीह गांवों में सैकड़ों असहाय बुजुर्ग महिला-पुरुषों के बीच कंबल का वितरण किया गया। ठंड के इस मौसम में कंबल पाकर जरूरतमंदों के चेहरों पर राहत और खुशी साफ झलकती नजर आई। कई बुजुर्गों ने कहा कि गिरते तापमान में यह कंबल उनके लिए किसी सहारे से कम नहीं है।
ठंड में गरीबों की परेशानी सबसे ज्यादा
कंबल वितरण के दौरान मो. साहिद ने कहा कि लगातार गिरते तापमान और सर्द हवाओं के कारण सबसे ज्यादा परेशानी गरीब, असहाय और बुजुर्ग वर्ग को होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में समाज के सक्षम लोगों को आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए।
मो. साहिद ने कहा:
“मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। जब तक संभव होगा, युवाओं का धड़कन संगठन इसी तरह समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए काम करता रहेगा।”
उनका कहना था कि यह सेवा कार्य किसी प्रचार के लिए नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी के तहत किया जा रहा है।
बुजुर्गों की दुआएं बनीं सबसे बड़ा सम्मान
कंबल वितरण के दौरान गांव के बुजुर्गों ने मो. साहिद और उनकी टीम को दुआएं दीं। कई बुजुर्गों ने भावुक होते हुए कहा कि बढ़ती ठंड में कंबल मिलना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि जब सरकारी सहायता सीमित हो जाती है, तब ऐसे समाजसेवी लोगों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
ग्रामीणों के अनुसार, युवाओं का धड़कन संगठन पहले भी क्षेत्र में सामाजिक कार्य करता रहा है और जरूरत के समय हमेशा आगे आता है।
शिक्षा को लेकर भी दिखाई संवेदनशीलता
केवल राहत कार्य ही नहीं, बल्कि शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी युवाओं का धड़कन संगठन द्वारा सराहनीय कदम उठाया गया। मो. साहिद ने गांव के छात्र-छात्राओं के बीच डायरी, मिल्क और टॉफी का वितरण किया।
जब बच्चों को डायरी और मिठाई मिली तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। बच्चों ने इसे अपने लिए एक खास पल बताया और कहा कि इससे पढ़ाई के प्रति उनका उत्साह और बढ़ेगा।
बच्चों को दिया प्रेरणादायक संदेश
इस अवसर पर मो. साहिद ने बच्चों से नियमित रूप से स्कूल जाने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अच्छा इंसान बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज और देश को आगे बढ़ाने का सबसे मजबूत आधार है।
मो. साहिद ने कहा:
“अगर आज के बच्चे शिक्षित और जागरूक होंगे, तभी आने वाला कल बेहतर होगा। पढ़ाई के साथ-साथ संस्कार और मानवता भी जरूरी है।”
गांव में सकारात्मक माहौल
कार्यक्रम के दौरान गांवों में सकारात्मक और उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवियों ने इस पहल की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं का धड़कन संगठन जिस तरह लगातार सामाजिक कार्य कर रहा है, वह अन्य युवाओं और संगठनों के लिए प्रेरणास्रोत है।
वितरण कार्यक्रम के दौरान संगठन के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित एवं अनुशासित तरीके से संपन्न कराया गया।
समाज में सहयोग और सेवा भावना को मजबूती
बरवाडीह प्रखंड के इन गांवों में किया गया कंबल एवं शैक्षणिक सामग्री वितरण न केवल जरूरतमंदों के लिए राहत लेकर आया, बल्कि समाज में आपसी सहयोग, मानवता और सेवा भावना को भी मजबूत करने का कार्य किया। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में यह कार्यक्रम सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बनकर उभरा।
भविष्य में भी जारी रहेगा सेवा कार्य
युवाओं का धड़कन संगठन से जुड़े लोगों ने संकेत दिया कि भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक और शैक्षणिक कार्य जारी रहेंगे। संगठन का लक्ष्य जरूरतमंदों तक सीधी मदद पहुंचाना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है।



न्यूज़ देखो: ठंड में इंसानियत की गर्माहट
बरवाडीह में किया गया यह राहत और शिक्षा से जुड़ा प्रयास बताता है कि सामाजिक जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के हर सक्षम व्यक्ति की है। मो. साहिद और उनकी टीम ने यह साबित किया है कि छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। ऐसे कार्य समाज में विश्वास और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सेवा से बनता है बेहतर समाज
जरूरतमंदों की मदद केवल राहत नहीं, बल्कि उम्मीद भी देती है।
ठंड में कंबल और बच्चों के हाथ में शिक्षा की सामग्री एक उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
आप भी ऐसे सामाजिक कार्यों से जुड़ें और सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनें।
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