
#लातेहार #सामाजिक_सरोकार : कोयला खनन परियोजना क्षेत्र में तिलकुट और चूड़ा दही वितरण से मजबूत हुआ आपसी विश्वास।
लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड स्थित बनहरदी कोयला खनन परियोजना में मकर संक्रांति पर्व सामाजिक सौहार्द और सहभागिता के साथ मनाया गया। परियोजना प्रबंधन द्वारा आसपास के गांवों के ग्रामीणों के साथ मिलकर पारंपरिक रूप से तिल, तिलकुट और चूड़ा-दही का वितरण किया गया। यह आयोजन स्थानीय समुदाय के साथ बेहतर संबंध स्थापित करने और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया। कार्यक्रम में परियोजना के वरिष्ठ अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही।
- बनहरदी कोयला खनन परियोजना, चंदवा में मकर संक्रांति का आयोजन।
- चेतर, बारी और बनहरदी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों के बीच वितरण।
- तिल, तिलकुट और चूड़ा-दही का पारंपरिक प्रसाद वितरित।
- पीवीयूएनएल के सीईओ अशोक कुमार सहगल के नेतृत्व में आयोजन।
- परियोजना प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच सौहार्दपूर्ण संवाद।
लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड अंतर्गत बनहरदी कोयला खनन परियोजना क्षेत्र में मकर संक्रांति पर्व को उत्साह और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परियोजना द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक पर्व आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत आयोजन
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बनहरदी कोयला खनन परियोजना द्वारा लातेहार और चंदवा प्रखंड के अंतर्गत आने वाले चेतर, बारी और बनहरदी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों के बीच तिल, तिलकुट और चूड़ा-दही का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति को सम्मान देना और पर्व के माध्यम से समुदाय के साथ मजबूत संबंध बनाना रहा।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
यह कार्यक्रम पीवीयूएनएल (PVUNL) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अशोक कुमार सहगल के नेतृत्व में तथा बनहरदी कोयला खनन परियोजना के महाप्रबंधक श्री एन. के. मलिक के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। परियोजना के विभिन्न अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और उन्होंने ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद कर उन्हें पर्व की शुभकामनाएं दीं।
ग्रामीणों से संवाद और विश्वास का माहौल
कार्यक्रम के दौरान परियोजना अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याओं व सुझावों को भी सुना। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना प्रबंधन स्थानीय लोगों के साथ सहयोग और पारदर्शिता के आधार पर आगे बढ़ना चाहता है। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए परियोजना प्रबंधन के प्रति आभार जताया।
भविष्य में भी सहभागिता का भरोसा
परियोजना अधिकारियों ने कहा कि बनहरदी कोयला खनन परियोजना आने वाले समय में भी स्थानीय समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना का लक्ष्य केवल उत्पादन नहीं, बल्कि आसपास के गांवों के साथ संतुलित और समावेशी विकास को आगे बढ़ाना है।
न्यूज़ देखो: विकास के साथ सामाजिक जुड़ाव
बनहरदी कोयला खनन परियोजना द्वारा मकर संक्रांति का यह आयोजन दिखाता है कि औद्योगिक विकास के साथ सामाजिक जुड़ाव भी कितना आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम न सिर्फ पारंपरिक संस्कृति को जीवित रखते हैं, बल्कि परियोजना और स्थानीय समुदाय के बीच विश्वास की मजबूत नींव भी तैयार करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
पर्व, परंपरा और सहभागिता का संदेश
जब पर्व केवल उत्सव न रहकर समाज को जोड़ने का माध्यम बन जाए, तभी उसकी सार्थकता बढ़ती है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय संस्कृति को सम्मान मिलता है और विकास की राह और मजबूत होती है। इस खबर पर अपनी राय साझा करें, इसे आगे बढ़ाएं और सकारात्मक प्रयासों को समर्थन दें।





