
#चतरा #कृषि_जागरूकता : डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
चतरा जिले के लावालौंग पंचायत सचिवालय में 06 जनवरी 2026 को डिजिटल क्रॉप सर्वे को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रखंड की सभी पंचायतों के कृषक मित्रों ने भाग लिया और सर्वे कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष चर्चा हुई। जिला स्तर से आए मास्टर ट्रेनर अमरेंद्र कुमार सिन्हा ने डिजिटल सर्वे ऐप के उपयोग की पूरी प्रक्रिया समझाई। यह बैठक किसानों से जुड़े आंकड़ों को डिजिटल माध्यम से संकलित करने की दिशा में एक अहम पहल साबित हुई।
- लावालौंग पंचायत सचिवालय, चतरा जिला में आयोजित बैठक।
- डिजिटल क्रॉप सर्वे ऐप के माध्यम से सर्वे करने का प्रशिक्षण।
- जिला से पहुंचे मास्टर ट्रेनर अमरेंद्र कुमार सिन्हा का मार्गदर्शन।
- बैठक में पंचायत सचिव रामानुज कुमार, एटीएम चंद्रभूषण एवं विनय कुमार उपस्थित।
- सर्वे कार्य में पारदर्शिता और सटीकता पर दिया गया जोर।
- जनवरी माह के अंत तक कार्य पूर्ण करने का निर्देश।
ठंड के इस मौसम में भी कृषि विभाग द्वारा किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं को गति देने के उद्देश्य से लावालौंग पंचायत सचिवालय में सोमवार को एक समीक्षा एवं प्रशिक्षण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु डिजिटल क्रॉप सर्वे रहा, जिसके माध्यम से पूरे प्रखंड में किसानों की फसलों से संबंधित वास्तविक जानकारी संकलित की जानी है।
डिजिटल सर्वे के लिए प्रखंड स्तरीय तैयारी
झारखंड सरकार के निर्देशानुसार पूरे राज्य में फसल से जुड़े आंकड़ों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में लावालौंग प्रखंड में भी यह प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बैठक में बताया गया कि डिजिटल सर्वे से यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस पंचायत में कितनी भूमि पर कौन–सी फसल उगाई गई है। इससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहूलियत होगी।
प्रखंड की विभिन्न पंचायतों से आए कृषक मित्रों को इस कार्य की रीढ़ माना गया है। इसलिए प्रशासन द्वारा उनकी उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। सभी ने इस सर्वे को सफल बनाने का संकल्प लिया।
मास्टर ट्रेनर ने दी तकनीकी जानकारी
बैठक में जिला स्तर से आए मास्टर ट्रेनर अमरेंद्र कुमार सिन्हा ने कृषक मित्रों को डिजिटल क्रॉप सर्वे से संबंधित पूरी जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि यह सर्वे एक मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें किसानों की फसल, बोआई क्षेत्र, फसल की वर्तमान स्थिति तथा अन्य जरूरी विवरण ऑनलाइन दर्ज किए जाएंगे।
मास्टर ट्रेनर अमरेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा: “डिजिटल सर्वे ऐप के उपयोग से कृषि विभाग को सटीक और त्रुटिरहित आंकड़े मिलेंगे। यह आंकड़े भविष्य में किसानों के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं का आधार बनेंगे। सभी कृषक मित्र इस कार्य को पूरी जिम्मेदारी के साथ करें ताकि सही जानकारी पोर्टल पर अपलोड हो सके।”
मास्टर ट्रेनर ने ऐप को डाउनलोड करने, उसमें लॉगिन करने, सर्वे फॉर्म भरने, खेत की फोटो लेने और डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया। उन्होंने कहा कि मैनुअल सर्वे की तुलना में डिजिटल प्रक्रिया अधिक भरोसेमंद और तेज है।
पंचायत अधिकारियों ने भी निभाई सक्रिय भूमिका
इस महत्वपूर्ण बैठक में पंचायत सचिव रामानुज कुमार, एटीएम चंद्रभूषण, एवं विनय कुमार ने भी अपनी भागीदारी निभाई। उन्होंने डिजिटल सर्वे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस कार्य को गंभीरता से लेना जरूरी है, क्योंकि इसी के आधार पर जिला और राज्य की कृषि नीति तैयार होगी।
एटीएम चंद्रभूषण ने सभी उपस्थित कृषक मित्रों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे अपने–अपने पंचायत क्षेत्रों में जल्द से जल्द डिजिटल ऐप के माध्यम से फसल सर्वे का कार्य शुरू करें। उन्होंने लक्ष्य तय करते हुए कहा कि लास्ट जनवरी माह तक हर हाल में यह कार्य पूर्ण कर लिया जाए।
एटीएम चंद्रभूषण ने कहा: “डिजिटल क्रॉप सर्वे किसानों के हित में बहुत जरूरी है। सभी कृषक मित्र अपने–अपने क्षेत्रों में घर–घर जाकर किसानों से संपर्क करें और समय पर सर्वे कार्य समाप्त करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
शंकाओं का हुआ त्वरित समाधान
बैठक के दौरान कृषक मित्रों ने ऐप के संचालन को लेकर कई सवाल भी पूछे। नेटवर्क की समस्या, डेटा एंट्री और अपलोडिंग से जुड़ी शंकाओं का समाधान मास्टर ट्रेनर द्वारा मौके पर ही किया गया। अधिकारियों ने कहा कि प्रखंड स्तर पर भी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि किसी को परेशानी न हो।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
बताया गया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से सरकार को खेती से जुड़े वास्तविक आंकड़े प्राप्त होंगे। इसके आधार पर फसल बीमा, आपदा राहत, अनुदान एवं अन्य कृषि योजनाओं को सही लाभुकों तक पहुंचाया जा सकेगा। यह पहल गांवों में खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का कार्य करेगी।
कृषि विज्ञान केन्द्र के पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. बंधुनु ओराँव ने भी कहा कि डिजिटल डेटा संकलन से जिले के कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान विजय सिंह, अशोक राम, मुन्ना राम, श्रीमती कविता देवी, श्रीमती कान्ति देवी सहित अन्य किसानों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कर इस पहल का स्वागत किया।

न्यूज़ देखो: डिजिटल क्रॉप सर्वे से मजबूत होगा कृषि तंत्र
लावालौंग पंचायत सचिवालय में हुई यह बैठक बताती है कि जिला प्रशासन किसानों से जुड़ी योजनाओं को लेकर पूरी तरह सजग है। डिजिटल क्रॉप सर्वे ऐप के माध्यम से सटीक आंकड़े तैयार करना भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण कदम है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को समय पर लाभ मिल सकेगा। अब देखना होगा कि प्रखंड में यह अभियान तय समय सीमा में कितना सफल होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सजगता से करें डिजिटल सर्वे में सहयोग
लावालौंग प्रखंड के सभी किसान भाई–बहनों से अपील है कि डिजिटल क्रॉप सर्वे में अपना पूरा सहयोग दें।
कृषक मित्रों को खेत की सही–सही जानकारी उपलब्ध कराएं।
यह सर्वे आपके अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
समय पर सर्वे पूरा होने से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे आपको मिलेगा।
इसलिए सभी ग्रामीण एकजुट होकर इस पहल को सफल बनाएं।
अपनी शंकाएं और सुझाव प्रखंड कार्यालय तक जरूर पहुंचाएं।
इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें ताकि कोई भी किसान इस महत्वपूर्ण अभियान से वंचित न रहे।
डिजिटल खेती की ओर बढ़ते इस कदम में सहभागी बनें और नए वर्ष में कृषि उत्थान का संकल्प लें।
अपनी राय कमेंट करें और खबर को आगे बढ़ाएं।





