
#गढ़वा #धार्मिक_आयोजन : बंडा पहाड़ के अध्यात्मिक इतिहास को सहेजने और धार्मिक पहचान देने की दिशा में जागृति युवा क्लब का बड़ा प्रयास
- गढ़वा शहर से सटे बंडा पहाड़ को धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा।
- बाबा नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में 8 मार्च से शुरू होगा भव्य श्री रुद्र महायज्ञ।
- 14 जनवरी को मंदिर परिसर से शहर में निकलेगी भव्य शोभा यात्रा।
- वाराणसी और अयोध्या से कर्मकांडी आचार्य एवं प्रसिद्ध कथावाचक होंगे शामिल।
- यज्ञ के लिए तैयार किया जा रहा है पांच मंजिला भव्य यज्ञ मंडप।
गढ़वा शहर से सटे ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व वाले बंडा पहाड़ को एक सुव्यवस्थित धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। बंडा पहाड़ का इतिहास अध्यात्म से गहराई से जुड़ा रहा है, जहां वर्षों पूर्व संत–महात्माओं का डेरा रहा करता था। इसी आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने और आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जागृति युवा क्लब के तत्वावधान में बाबा नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में 8 मार्च से भव्य श्री रुद्र महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।
इस आयोजन को लेकर मंगलवार को मंदिर परिसर में एक संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें आयोजन समिति के प्रधानकर्ता सह समाजसेवी राकेश पाल, यज्ञकर्ता आचार्य आशीष वैद जी महाराज और जागृति युवा क्लब के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल ने विस्तार से जानकारी दी।
अध्यात्म से जुड़ा है बंडा पहाड़ का इतिहास
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आयोजन समिति के प्रधानकर्ता राकेश पाल ने कहा कि बंडा पहाड़ केवल एक पहाड़ी नहीं, बल्कि गढ़वा की आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वर्षों पहले इस पहाड़ के शिखर पर संत–महात्मा निवास करते थे और यहीं से क्षेत्र में धार्मिक चेतना का प्रसार हुआ।
उन्होंने कहा कि पूर्वजों की इस आध्यात्मिक परंपरा को जीवित रखने के उद्देश्य से गढ़वा के प्रबुद्ध नागरिकों ने वर्षों पूर्व बाबा नीलकंठ महादेव मंदिर की स्थापना की थी। अब इस स्थल को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करने की दिशा में जागृति युवा क्लब निरंतर प्रयास कर रहा है।
14 जनवरी को निकलेगी भव्य शोभा यात्रा
आयोजन समिति ने बताया कि श्री रुद्र महायज्ञ की शुरुआत से पूर्व 14 जनवरी को बाबा नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर से एक भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी। यह शोभा यात्रा गढ़वा शहर के विभिन्न चौक–चौराहों से होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंचेगी।
इसी दिन यज्ञकर्ता आचार्य आशीष वैद जी महाराज का विधिवत कुटिया प्रवेश भी कराया जाएगा। कुटिया प्रवेश के पश्चात आचार्य वैद महाराज यज्ञ स्थल पर ही निवास करेंगे और पूरे आयोजन का संचालन करेंगे।
देश के विभिन्न धार्मिक केंद्रों से आएंगे विद्वान आचार्य
राकेश पाल ने जानकारी दी कि यज्ञ को भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए वाराणसी और अयोध्या से अनुभवी कर्मकांडी आचार्यों को आमंत्रित किया गया है। इसके साथ ही अयोध्या के एक प्रसिद्ध कथावाचक को भी आमंत्रित किया गया है, जो श्रद्धालुओं को कथा–प्रवचन के माध्यम से धर्म और अध्यात्म से जोड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि इस महायज्ञ में कई विद्वानों और साधु–संतों का आगमन होगा, जिसके लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। जागृति युवा क्लब द्वारा यज्ञ को ऐतिहासिक बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारी की जा रही है।
पांच मंजिला यज्ञ मंडप का हो रहा निर्माण
यज्ञकर्ता आचार्य आशीष वैद जी महाराज ने बताया कि यह आयोजन एक विराट धार्मिक अनुष्ठान होगा, जिसमें समाज के हर वर्ग के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यज्ञ के लिए पांच मंजिला भव्य यज्ञ मंडप का निर्माण किया जा रहा है, जो अपने आप में एक विशेष आकर्षण होगा।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस महायज्ञ में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करें और आयोजन को सफल बनाएं।
शहरवासियों की आस्था का केंद्र है बाबा नीलकंठ महादेव धाम
गढ़देवी मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष विनोद जायसवाल ने कहा कि बाबा नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर गढ़वा शहर से सटा हुआ है और यह स्थान शहरवासियों की गहरी आस्था का केंद्र रहा है। शहर के व्यापारी, समाजसेवी और प्रबुद्ध नागरिक नियमित रूप से यहां पूजा–अर्चना के लिए आते हैं।
उन्होंने जागृति युवा क्लब की सराहना करते हुए कहा कि इतना बड़ा श्री रुद्र महायज्ञ आयोजित करना एक अत्यंत सराहनीय और ऐतिहासिक कार्य है, जिससे बंडा पहाड़ की धार्मिक पहचान और मजबूत होगी।
जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर गढ़वा प्रमुख अनीता देवी, नवादा पंचायत की मुखिया आशा देवी, सुरेंद्र यादव, विवेकानंद पाल, क्लब के उपाध्यक्ष सत्येंद्र पाल, सचिव विनय पाल, कोषाध्यक्ष विवेकानंद पाल, वरीय सदस्य उदय पाल, बिहारी पाल, हरि पाल, रोहित चंद्रवंशी, प्रदीप पाल, भूदेव पाल, सलाहकार ओमप्रकाश पाल सहित बड़ी संख्या में जागृति युवा क्लब के सीनियर–जूनियर सदस्य एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
न्यूज़ देखो: धार्मिक पर्यटन की नई पहचान
बंडा पहाड़ को धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने की यह पहल न केवल आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करेगी, बल्कि गढ़वा को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर भी स्थापित करेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था और संस्कृति से जुड़ने का अवसर
श्री रुद्र महायज्ञ और बाबा नीलकंठ महादेव धाम का यह आयोजन आस्था, संस्कृति और समाज को जोड़ने का प्रयास है। आप भी इस आयोजन में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करें और इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें।





