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गुमला जिले में नन्हे बच्चों की सेहत, सुरक्षा और बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हैबिट चेंज अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत 28 जनवरी से पुनः कर दी गई है। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर प्रारंभ यह अभियान पहले चरण की सफलता के बाद दोबारा लागू किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वच्छता एवं सुरक्षित आदतों का विकास करना है।
- 28 जनवरी से हैबिट चेंज अभियान का दूसरा चरण शुरू
- जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में स्वच्छता पर विशेष जोर
- बच्चों की व्यक्तिगत स्वच्छता व सुरक्षित वातावरण पर फोकस
- प्रतिदिन कम से कम 24 आंगनवाड़ी केंद्रों में गतिविधियां
- 15 फरवरी तक संचालित होगा अभियान
जारी प्रखंड सहित पूरे गुमला जिले में संचालित इस अभियान के तहत सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वच्छ रसोई, साफ-सुथरे परिसर और सुरक्षित वातावरण को प्राथमिकता दी जा रही है। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रत्येक बच्चे को बचपन से ही स्वच्छ, सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक माहौल मिल सके।
आंगनवाड़ी केंद्रों में नियमित निरीक्षण
अभियान के अंतर्गत प्रतिदिन जिले के न्यूनतम 24 आंगनवाड़ी केंद्रों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान एलएस, सीडीपीओ, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित कर्मियों द्वारा नियमित भ्रमण कर निरीक्षण किया जा रहा है तथा अभियान की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है।
बच्चों से परिवार तक पहुंचेगा बदलाव
उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित का मानना है कि बच्चों में हैबिट चेंज होने से न केवल वे स्वयं स्वच्छ और सुरक्षित रहना सीखेंगे, बल्कि उनके परिवारजन भी स्वच्छता के प्रति जागरूक होंगे।
उन्होंने कहा, “बच्चे साफ रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे”—इसी सोच के साथ आंगनवाड़ी केंद्रों से इस अभियान की मजबूत शुरुआत की गई है।
15 फरवरी तक चलेगा अभियान
हैबिट चेंज अभियान का दूसरा चरण 15 फरवरी तक संचालित किया जाएगा। जिला प्रशासन का प्रयास है कि यह पहल केवल एक अस्थायी अभियान न रहकर बच्चों और उनके परिवारों के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव लाए।
न्यूज़ देखो विश्लेषण
हैबिट चेंज अभियान गुमला जिले में स्वस्थ, सुरक्षित और जागरूक पीढ़ी के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आंगनवाड़ी स्तर से शुरू हुई यह पहल दीर्घकाल में सामाजिक स्वास्थ्य सुधार का आधार बन सकती है।
स्वच्छ बचपन, सुरक्षित भविष्य
बचपन की आदतें ही भविष्य की नींव होती हैं।
ऐसी जनहितकारी पहलों को साझा करें और जागरूकता बढ़ाएं।







