
#कोलेबिरा #सांस्कृतिक_उत्सव : विद्यालय परिसर में भाजपा महिला मोर्चा के नेतृत्व में वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ उत्साह, सम्मान और राष्ट्रभावना के साथ मनाई गई।
- उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय हरिजन कॉलोनी, लचरागढ़ में कार्यक्रम आयोजित।
- आयोजन का नेतृत्व भाजपा महिला मोर्चा द्वारा किया गया।
- मुख्य अतिथि नंदकिशोर अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि मुखिया जीरेन मडकी, लीला बड़ाइक, तारा देवी, संदीप साहू, संजय मिश्रा रहे।
- शिक्षक पूर्णेश्वर साहू व शिक्षिकाओं को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
- बच्चों, शिक्षकों व ग्रामीणों ने वंदे मातरम् गान में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
- कार्यक्रम का समापन सुषमा देवी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ राष्ट्रभावना के संदेश पर हुआ।
मंगलवार को कोलेबिरा प्रखंड के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय हरिजन कॉलोनी, लचरागढ़ में वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ सादगी और गरिमा के साथ मनाई गई। भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय प्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व और स्वतंत्रता संग्राम में उसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई, जिससे बच्चों में देशभक्ति का संदेश गूंज उठा।
कार्यक्रम का संचालन और अतिथियों का सम्मान
इस आयोजन का नेतृत्व भाजपा महिला मोर्चा ने किया, जिसकी शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नंदकिशोर अग्रवाल थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में मुखिया जीरेन मडकी, लीला बड़ाइक, तारा देवी, संदीप साहू और संजय मिश्रा उपस्थित रहे।
अतिथियों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि नंदकिशोर अग्रवाल का स्वागत संदीप साहू ने किया, वहीं मुखिया जीरेन मडकी को लीला बड़ाइक ने सम्मानित किया।
विद्यालय के शिक्षक पूर्णेश्वर साहू और शिक्षिकाओं को भी अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया, जिसके साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई।
वंदे मातरम् गान और राष्ट्रभावना का संदेश
कार्यक्रम के आगे बढ़ते ही पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया। बच्चों, शिक्षकों, महिलाओं और ग्रामीणों ने पूरे उत्साह के साथ इसमें हिस्सा लिया, जिससे विद्यालय परिसर देशभक्ति की भावना से भर गया।
अतिथियों ने वंदे मातरम् की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और स्वतंत्रता आंदोलन में इसके प्रभाव पर चर्चा की। मुख्य अतिथि नंदकिशोर अग्रवाल ने कहा:
नंदकिशोर अग्रवाल ने कहा: “1875 में रचित वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि वह ऊर्जा है जिसने आज़ादी के दीवानों में अटूट जोश भरा। बच्चों को इसकी उत्पत्ति, महत्व और राष्ट्रप्रेरणा को समझना चाहिए।”
मुखिया जीरेन मडकी ने बच्चों को प्रेरित करते हुए संदेश दिया:
जीरेन मडकी ने कहा: “बंकिमचंद्र चटर्जी के आदर्श हमें बताते हैं कि देशप्रेम जीवन का आधार है। बच्चे इन आदर्शों को अपनाकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएं।”
कार्यक्रम का समापन और धन्यवाद ज्ञापन
पूरा कार्यक्रम सौहार्द, अनुशासन और देशभक्ति की भावना में संपन्न हुआ। अंत में भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष सुषमा देवी ने अतिथियों, ग्रामीणों, शिक्षकों और बच्चों का आभार व्यक्त किया।
सांस्कृतिक और राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत इस आयोजन ने विद्यालय परिसर में एक प्रेरक संदेश छोड़ते हुए समापन किया।
न्यूज़ देखो: राष्ट्रभावना के संरक्षण का सार्थक प्रयास
यह आयोजन बताता है कि स्कूलों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रीय मूल्यों पर आधारित कार्यक्रम सामाजिक एकता को मजबूती देते हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी लोकतांत्रिक सहयोग की मिसाल है। विद्यालय में बच्चों को इतिहास और संस्कृति से जोड़ने की यह पहल सराहनीय है।
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राष्ट्रभक्ति से प्रेरित होकर आगे बढ़ें
छात्र, शिक्षक और जनप्रतिनिधि जब मिलकर सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का प्रयास करते हैं, तो समाज स्वतः जागरूक और सशक्त बनता है। वंदे मातरम् जैसे राष्ट्रीय गीत हमें हमारे संघर्षों और गौरवशाली इतिहास की याद दिलाते हैं। आज का दिन बताता है कि नई पीढ़ी को सही दिशा तभी मिलेगी जब उन्हें प्रेरणा, जानकारी और अवसर एक साथ मिलें।
देश के प्रति गर्व महसूस करें, बच्चों को प्रेरित करें और समाज में जागरूकता फैलाएं।







