डुमरी में बिजली विभाग की लापरवाही पर भड़का आक्रोश यूनियन ने 15 दिन में सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी

डुमरी में बिजली विभाग की लापरवाही पर भड़का आक्रोश यूनियन ने 15 दिन में सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी

author News देखो Team
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#डुमरी #बिजली_व्यवस्था : ज्ञापन सौंपकर यूनियन ने जर्जर ढांचे और अव्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल।

गिरिडीह जिले के डुमरी में बिजली विभाग की अव्यवस्था और लापरवाही के खिलाफ झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन ने ज्ञापन सौंपा है। यूनियन ने 15 दिनों के भीतर सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। क्षेत्र में जर्जर पोल, अनियमित बिलिंग और बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान हैं। मामले को लेकर प्रशासन और विभाग पर दबाव बढ़ता दिख रहा है।

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  • झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन ने सौंपा ज्ञापन।
  • 15 दिनों में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी।
  • जर्जर पोल और तार को बताया खतरनाक।
  • मीटर रीडिंग में अनियमितता और गलत बिलिंग का आरोप।
  • स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर भी उठे सवाल।
  • कनेक्शन के नाम पर वसूली का आरोप लगाया गया।

डुमरी प्रखंड क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को लेकर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी को लेकर झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन ने बिजली विभाग की कथित लापरवाही और अव्यवस्था के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। यूनियन ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो प्रतापपुर गेट स्थित विद्युत आपूर्ति कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

यूनियन ने सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी

यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो के निर्देश पर प्रखंड अध्यक्ष राजेंद्र यादव के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा गया। यूनियन ने कहा कि प्रस्तावित आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन इसमें बड़ी संख्या में किसान और मजदूर शामिल होंगे।

यूनियन की ओर से कहा गया: “यदि तय समय सीमा में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो हम व्यापक स्तर पर आंदोलन करेंगे।”

जर्जर पोल और तार बने खतरा

ज्ञापन में कहा गया है कि क्षेत्र के कई गांवों में बिजली के खंभे और तार बेहद जर्जर हो चुके हैं। खासकर 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के पोल कभी भी गिर सकते हैं, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है।

यूनियन ने मांग की है कि विभाग तत्काल सर्वे कर जर्जर संरचनाओं को बदले।

मीटर रीडिंग और बिलिंग में अनियमितता

यूनियन ने आरोप लगाया कि कई उपभोक्ताओं के RC/DC मीटर वर्षों से अपडेट नहीं किए जा रहे हैं। बिना सही रीडिंग के औसत बिल वसूला जा रहा है, जिससे गरीब उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

इससे उपभोक्ताओं में असंतोष और मानसिक तनाव की स्थिति बन रही है।

स्मार्ट मीटर योजना पर उठे सवाल

ज्ञापन में यह भी बताया गया कि डुमरी, इसरी और जमताड़ा क्षेत्रों में लगाए गए स्मार्ट मीटर भी सही ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। छह महीने बाद भी सही रीडिंग नहीं हो पाने से पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कनेक्शन के नाम पर वसूली का आरोप

यूनियन ने बिजली विभाग के कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नए कनेक्शन के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं। इसके बावजूद उपभोक्ताओं का काम समय पर नहीं हो रहा और उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठा

यूनियन ने बिजली विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों को उचित सुरक्षा उपकरण, मेडिकल सुविधा और बीमा उपलब्ध कराया जाए।

प्रशासन को भी भेजी गई प्रतिलिपि

ज्ञापन की प्रतिलिपि विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को भी भेजी गई है, ताकि जल्द कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

इस दौरान यूनियन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें भगतु रविदास उर्फ रवि कुमार, सुभाष कुमार पंडित, रवींद्र कुमार, नुनूचंद महतो, सौरभ विश्वकर्मा, अजीत कुमार ठाकुर सहित अन्य लोग शामिल थे।

ग्रामीणों में बढ़ता आक्रोश

बिजली व्यवस्था की बदहाली को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

यूनियन ने संकेत दिया है कि वे चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को तेज करेंगे और जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

न्यूज़ देखो: बुनियादी सुविधाओं में लापरवाही कब तक

डुमरी की स्थिति यह दिखाती है कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा में लापरवाही लोगों के जीवन को सीधे प्रभावित करती है। बार-बार शिकायतों के बावजूद सुधार नहीं होना प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है। अब यह देखना जरूरी होगा कि विभाग तय समय सीमा में कार्रवाई करता है या आंदोलन की स्थिति बनती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक बनें और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं

बुनियादी सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार हैं और इनके लिए आवाज उठाना जरूरी है। यदि आपके क्षेत्र में भी ऐसी समस्याएं हैं, तो संगठित होकर समाधान की मांग करें।

सही जानकारी और सामूहिक प्रयास से ही बदलाव संभव है, इसलिए अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें।

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