#बानो #सड़क_जाम : खराब सड़क और धूल से परेशान ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी।
सिमडेगा जिले के बानो क्षेत्र में एनएच 320जी सड़क निर्माण में हो रही देरी से नाराज ग्रामीणों ने 11 अप्रैल को सड़क जाम करने का निर्णय लिया है। पिछले तीन वर्षों से अधूरी पड़ी सड़क और धूल-गड्ढों की समस्या से लोग परेशान हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना देकर चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन जाम किया जाएगा।
- एनएच 320जी सड़क निर्माण कार्य पिछले तीन साल से अधूरा पड़ा।
- पाड़ो गांव के ग्रामीणों ने 11 अप्रैल को सुबह 7 बजे सड़क जाम का निर्णय लिया।
- सड़क पर गड्ढे और उड़ती धूल से लोगों को हो रही परेशानी।
- अंचलाधिकारी नैमुदिन अंसारी और थाना प्रभारी श्याम नंदन को दी गई लिखित सूचना।
- रांची, मनोहरपुर और उड़ीसा जाने वाले वाहनों की आवाजाही होगी प्रभावित।
- समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन जाम की दी चेतावनी।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड अंतर्गत कोलेबिरा-बानो-मनोहरपुर एनएच 320जी सड़क निर्माण कार्य में हो रही लगातार देरी को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पिछले तीन वर्षों से अधूरी पड़ी इस सड़क की स्थिति अब बेहद खराब हो चुकी है, जिससे आम लोगों का चलना-फिरना तक मुश्किल हो गया है। इसी के विरोध में पाड़ो गांव के ग्रामीणों ने सड़क जाम करने का फैसला लिया है।
तीन वर्षों से अधूरी पड़ी है सड़क
जानकारी के अनुसार, कोलेबिरा से मनोहरपुर तक बनने वाली एनएच 320जी सड़क को करीब तीन साल पहले खोदकर छोड़ दिया गया था। इसके बाद से अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया, जिससे सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है, जबकि गर्मी में उड़ती धूल लोगों के लिए मुसीबत बन गई है।
11 अप्रैल को सुबह 7 बजे सड़क जाम का ऐलान
पाड़ो गांव के ग्रामीणों ने इस समस्या से तंग आकर 11 अप्रैल को सुबह 7 बजे एनएच 320जी को जाम करने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो जनप्रतिनिधियों ने और न ही जिला प्रशासन ने इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाया है।
इस संबंध में ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी नैमुदिन अंसारी और बानो थाना प्रभारी श्याम नंदन को लिखित सूचना भी दे दी है, ताकि प्रशासन को पहले से जानकारी रहे।
अनिश्चितकालीन जाम की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन सड़क जाम में बदल सकता है। उनका कहना है कि अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ है।
एक ग्रामीण ने कहा: “तीन साल से हम लोग इस खराब सड़क से परेशान हैं, अब मजबूरी में सड़क जाम करना पड़ रहा है, जब तक काम शुरू नहीं होगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”
आवागमन पर पड़ेगा व्यापक असर
यह सड़क सिमडेगा जिले को रांची, मनोहरपुर और उड़ीसा से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इस रास्ते से रोजाना बसें और मालवाहक वाहन गुजरते हैं।
ऐसे में यदि सड़क जाम होता है, तो इसका सीधा असर यातायात पर पड़ेगा और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। व्यापार और दैनिक आवागमन भी प्रभावित होगा।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही बरती गई है। यदि समय पर काम पूरा किया जाता, तो आज यह स्थिति नहीं बनती।
अब सभी की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर है कि वे इस समस्या का समाधान कितनी जल्दी करते हैं और क्या ग्रामीणों को राहत मिल पाती है।
न्यूज़ देखो: विकास कार्यों में देरी से बढ़ता जनआक्रोश
बानो क्षेत्र की यह स्थिति साफ दिखाती है कि अधूरे विकास कार्य किस तरह लोगों के लिए संकट बन जाते हैं। सड़क जैसी बुनियादी सुविधा में लापरवाही सीधे आम जनता के जीवन को प्रभावित करती है। प्रशासन को चाहिए कि वह समय पर हस्तक्षेप कर इस समस्या का समाधान करे, ताकि स्थिति और बिगड़ने से बच सके। क्या 11 अप्रैल से पहले कोई ठोस कदम उठाया जाएगा, यह बड़ा सवाल है।
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जब बुनियादी सुविधाएं प्रभावित होती हैं, तो चुप रहना समाधान नहीं होता। हमें अपने अधिकारों के लिए जागरूक रहना और सही मंच पर अपनी बात रखना जरूरी है। सामूहिक प्रयास से ही बदलाव संभव है।
अपने क्षेत्र की समस्याओं को नजरअंदाज न करें, बल्कि उनके समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाएं और जिम्मेदारी तय करने में सहयोग करें।
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