
#बानो #वार्षिक_खेलकूद : वर्ग 6 से 11वीं तक की छात्राओं ने चार दलों में बंटकर विभिन्न खेल एवं बौद्धिक प्रतियोगिताओं में लिया भाग।
सिमडेगा जिले के बानो स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। वार्डन कमला बड़ाईक ने हरा झंडा दिखाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कक्षा 6 से 11वीं तक की छात्राओं ने विभिन्न खेल एवं बौद्धिक गतिविधियों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
- वार्डन कमला बड़ाईक ने हरा झंडा दिखाकर किया कार्यक्रम का शुभारंभ।
- कक्षा 6 से 11वीं तक की छात्राओं ने चार दलों में बंटकर लिया भाग।
- ऊंची कूद, लंबी कूद, चम्मच रेस, म्यूजिकल चेयर, वाद-विवाद सहित कई प्रतियोगिताएं आयोजित।
- विजेता प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार से किया गया सम्मानित।
- पीटी शिक्षिका अनास्तसिया मिंज ने किया संचालन, शिक्षिकाओं का रहा सहयोग।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय परिसर में उस समय उत्साह और ऊर्जा का माहौल देखने को मिला, जब विद्यालय में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की वार्डन कमला बड़ाईक ने हरा झंडा दिखाकर किया। इस अवसर पर विद्यालय की कक्षा 6 से 11वीं तक की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
चार दलों में बंटकर छात्राओं ने दिखाई खेल भावना
प्रतियोगिता को रोचक और व्यवस्थित बनाने के लिए छात्राओं को चार दलों—लीली, सूर्यमुखी, कमल और गुलाब—में विभाजित किया गया। सभी दलों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और खेल भावना के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। मैदान में छात्राओं का जोश और तालमेल देखने लायक था।
विविध प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन
वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के अंतर्गत कई शारीरिक एवं बौद्धिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें प्रमुख रूप से ऊंची कूद, लंबी कूद, चम्मच रेस, म्यूजिकल चेयर रेस, रस्सी दौड़, मार्च पास्ट तथा वाद-विवाद प्रतियोगिता शामिल थीं। छात्राओं ने अपनी क्षमता, संतुलन, गति और आत्मविश्वास का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
मार्च पास्ट के दौरान छात्राओं का अनुशासन और समन्वय विशेष रूप से सराहनीय रहा। वहीं वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर अपनी बौद्धिक क्षमता का परिचय दिया।
विजेताओं को किया गया सम्मानित
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान छात्राओं के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। इससे उनमें आगे और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा जागृत हुई।
वार्डन का प्रेरणादायक संदेश
इस अवसर पर वार्डन कमला बड़ाईक ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा—
पढ़ाई के साथ-साथ जीवन में खेलकूद भी आवश्यक है। आज खेल के माध्यम से भी रोजगार के अवसर प्राप्त किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सिमडेगा जिला को खिलाड़ियों की नर्सरी के रूप में जाना जाता है। यहां से हॉकी और फुटबॉल के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। उन्होंने छात्राओं को स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के महत्व को समझाते हुए नियमित रूप से खेलों में भाग लेने की प्रेरणा दी।
स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। आप सभी ने आज उत्साह के साथ भाग लिया, इसके लिए धन्यवाद। पढ़ाई और खेल दोनों में मन लगाकर विद्यालय का नाम रोशन करें।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बालिकाओं की शिक्षा के लिए अनेक योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ उठाकर छात्राएं अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकती हैं।
शिक्षिकाओं का रहा सक्रिय सहयोग
कार्यक्रम का सफल संचालन पीटी शिक्षिका अनास्तसिया मिंज ने किया। खेल गतिविधियों की रिपोर्टिंग महिमा लुगुन एवं शकुंतला कुमारी द्वारा की गई। इस आयोजन को सफल बनाने में ट्रेनर प्रीति रावत, पूजा बड़ाईक, सोनम डुंगडुंग सहित अन्य शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयास से आयोजित यह वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता न केवल छात्राओं के शारीरिक विकास का मंच बनी, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के विकास का भी अवसर प्रदान किया।

न्यूज़ देखो: खेल और शिक्षा का संतुलन ही असली विकास
कस्तूरबा विद्यालय बानो का यह आयोजन दर्शाता है कि शिक्षा के साथ खेल को भी समान महत्व दिया जा रहा है। बालिकाओं को मंच देकर उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में नई ऊर्जा भरते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बेटियां बढ़ेंगी तो समाज आगे बढ़ेगा
खेल हो या शिक्षा, हर मंच पर बेटियों को अवसर देना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यालयों में ऐसे आयोजन उनका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। आप भी बालिका शिक्षा और खेल को प्रोत्साहित करें। खबर को साझा करें और अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें।






