
#चैनपुरथाना #अंधविश्वासअपराध : भठोली गांव में डायन के संदेह ने ली 22 वर्षीय विवाहिता की जान।
चैनपुर थाना क्षेत्र के भठोली गांव में अंधविश्वास और कुप्रथा से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ‘डायन’ होने के संदेह में एक 22 वर्षीय महिला की पत्थर से कूचकर निर्मम हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास की भयावह सच्चाई को उजागर करती है।
- भठोली गांव, चैनपुर थाना क्षेत्र में दिल दहला देने की घटना।
- विन्दिया कुमारी (22 वर्ष) की पत्थर से कुचलकर हत्या।
- ‘डायन-विसाही’ के संदेह में हत्या का आरोप।
- तीन नामजद आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए।
- कांड संख्या 06/26 दर्ज, गंभीर धाराओं में कार्रवाई।
चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भठोली गांव में अंधविश्वास ने एक और निर्दोष जान ले ली। मृतका की पहचान विन्दिया कुमारी (22 वर्ष), पति कमलेश रौतिया, के रूप में की गई है। परिजनों के अनुसार, विन्दिया कुमारी हाल ही में अपनी एक रिश्तेदार के दशकर्म कार्यक्रम से लौटकर घर पहुंची थीं। इसके बाद वे गांव के ही दूसरे टोली में स्थित अपनी बेटी के घर जाने के लिए निकली थीं, लेकिन रास्ते में यह दर्दनाक घटना घट गई।
रास्ते में हुआ विवाद, फिर बेरहमी से हत्या
परिजनों का आरोप है कि रास्ते में गांव के कुछ लोगों के साथ महिला का विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने पहले महिला के साथ जमकर मारपीट की। इस दौरान उनका दाहिना हाथ टूट गया। इसके बाद हमलावरों ने पास पड़े भारी पत्थर से उनके सिर पर वार कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की क्रूरता ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया।
डायन-विसाही के शक में हत्या का आरोप
मृतका के पुत्र कमलेश रौतिया द्वारा चैनपुर थाना में दिए गए आवेदन में बताया गया है कि यह हत्या पूरी तरह से डायन-विसाही के शक से जुड़ी है। उन्होंने लालमोहन रौतिया, बालेश्वर रौतिया और धर्मराज रौतिया पर अपनी मां की हत्या का आरोप लगाया है।
परिजनों का यह भी कहना है कि पूर्व में भी इन्हीं आरोपियों द्वारा मृतका के साथ मारपीट की गई थी, जिसे उस समय आपसी सुलह के माध्यम से शांत करा दिया गया था। लेकिन इस बार अंधविश्वास और नफरत ने एक निर्दोष महिला की जान ले ली।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कांड संख्या 06/26 दर्ज की गई।
पुलिस ने गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता धारा 103(1) एवं 3(5) तथा डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम 2001 की धारा 3/4 शामिल हैं।
नामजद आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में गुमला भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—
बालेश्वर रौतिया, पिता स्व. मुंदरा रौतिया
लालमोहन रौतिया, पिता स्व. कांडू रौतिया
धर्मराज रौतिया, पिता स्व. पलाडू रौतिया
पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
थाना प्रभारी की अपील
इस घटना को लेकर थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा:
“किसी भी प्रकार के अंधविश्वास या अफवाहों में न आएं। कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें। दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाई जाएगी।”
न्यूज़ देखो: अंधविश्वास आज भी समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अंधविश्वास और कुप्रथाएं आज भी समाज में कितनी गहरी जड़ें जमाए हुए हैं। कानून सख्त है, फिर भी जागरूकता की कमी ऐसी घटनाओं को जन्म देती है। प्रशासनिक कार्रवाई जरूरी है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी सामाजिक चेतना और शिक्षा है। सवाल यह है कि कब तक निर्दोष लोग अंधविश्वास की बलि चढ़ते रहेंगे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अंधविश्वास नहीं, इंसानियत को चुनें
एक सभ्य समाज में हिंसा और कुप्रथा के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
डर और अफवाह के बजाय ज्ञान और संवाद को अपनाना समय की मांग है।
अपने गांव और समाज में ऐसी सोच के खिलाफ आवाज उठाएं।
कानून का सम्मान करें और किसी भी संदेह की सूचना पुलिस को दें।
इस खबर को साझा करें, अपनी राय रखें और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता की लौ जलाएं।







