अवैध खनन से एक और बड़ा हादसा: ओबी स्लाइड से वैन खाई में गिरी चार मजदूरों की मौत एक लापता

अवैध खनन से एक और बड़ा हादसा: ओबी स्लाइड से वैन खाई में गिरी चार मजदूरों की मौत एक लापता

author Surendra Verma
30 Views Download E-Paper (19)
#धनबाद #खनन_हादसा : बीसीसीएल एरिया 4 में फिर ढही सुरक्षा व्यवस्था, ग्रामीणों में गुस्सा
  • बीसीसीएल एरिया 4 के अंगारपथरा ओपी क्षेत्र की ओपन कास्ट परियोजना में बड़ा हादसा।
  • ओबी स्लाइड से सर्विस वैन करीब 400 फीट गहरी खाई में गिरी।
  • वाहन में सवार चार मजदूरों की मौत, एक अभी भी लापता।
  • रेस्क्यू टीम रस्सी और जेसीबी के सहारे जुटी बचाव कार्य में।
  • डीजीएमएस नियमों का उल्लंघन, आउटसोर्सिंग प्रबंधन पर गंभीर सवाल।

धनबाद। अवैध खनन और सुरक्षा नियमों की अनदेखी ने एक बार फिर बड़ा हादसा कर दिया। कतरास के अंगारपथरा ओपी क्षेत्र में संचालित आउटसोर्सिंग कंपनी की ओपन कास्ट परियोजना में शुक्रवार को ओवर बर्डन (ओबी) स्लाइड होने से एक सर्विस वैन सीधे 400 फीट गहरी खाई में समा गई। हादसे के समय वैन में 4 से 5 मजदूर सवार थे। अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं, दो शव ओबी में फंसे मिले हैं जिनका रेस्क्यू किया जा रहा है, जबकि एक मजदूर अभी भी लापता है।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

खदान के जिस हिस्से से वैन गिरी, वहां से पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है। इस कारण रेस्क्यू टीम रस्सी के सहारे ऊपर से नीचे उतरी। साथ ही, मौके तक और टीमों को पहुंचाने के लिए जेसीबी से रास्ता बनाने का काम चल रहा है। स्थानीय प्रशासन, बीसीसीएल और डीजीएमएस की टीम मौके पर मौजूद है।

सुरक्षा नियमों की अनदेखी से हादसा

जानकारों का कहना है कि हादसा पूरी तरह से सुरक्षा नियमों की अनदेखी का नतीजा है। परियोजना क्षेत्र में जिस तरह से ट्रेंच कटिंग किया जाना चाहिए था, वैसा बिल्कुल नहीं किया गया। डीजीएमएस गाइडलाइन की अवहेलना कर लगातार उत्खनन किया जा रहा था। नतीजतन, भारी मात्रा में ओबी खिसक गई और यह भीषण हादसा हुआ।

भू-धंसान से बस्ती प्रभावित

हादसे के साथ-साथ आसपास की बस्ती भी भू-धंसान से प्रभावित हुई है। कई मकान जमींदोज हो गए हैं और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोग कह रहे हैं कि बार-बार चेतावनी के बावजूद बीसीसीएल और आउटसोर्सिंग कंपनियां सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रही हैं।

न्यूज़ देखो: मजदूरों की सुरक्षा कब तक दांव पर?

खनन परियोजनाओं में बार-बार हादसे साबित करते हैं कि सुरक्षा से समझौता अब जानलेवा हो चुका है। सवाल उठता है कि जब डीजीएमएस नियम स्पष्ट हैं, तो आउटसोर्सिंग प्रबंधन और बीसीसीएल इन्हें लागू क्यों नहीं करते? मजदूरों की जान से खिलवाड़ कर केवल उत्पादन बढ़ाने की दौड़ आखिर कब तक चलेगी?
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अब समय है जवाबदेही तय करने का

यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही और अव्यवस्था का नतीजा है। अब जरूरत है कि सरकार, बीसीसीएल और प्रशासन तत्काल ठोस कदम उठाएं। मजदूरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो। अपनी राय कॉमेंट करें और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि जिम्मेदारों तक मजदूरों की आवाज पहुंच सके।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

डुमरी, गिरिडीह

🔔

Notification Preferences

error: