
#गिरिडीह #नगरनिगमचुनाव : समर्थकों संग नामांकन कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का भरोसा।
गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 30 से आशा देवी ने बुधवार को पार्षद पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। वे समर्थकों के साथ उत्साहपूर्ण माहौल में नामांकन प्रक्रिया में शामिल हुईं। नामांकन के बाद उन्होंने वार्ड की जनसमस्याओं को प्राथमिकता देने और पारदर्शी तरीके से जनसेवा करने की बात कही। स्थानीय स्तर पर इसे चुनावी गतिविधियों में तेजी के रूप में देखा जा रहा है।
- वार्ड संख्या 30 से आशा देवी ने पार्षद पद के लिए नामांकन किया।
- समर्थकों के साथ उत्साह और जनसमर्थन के बीच पर्चा दाखिल हुआ।
- ईमानदारी, पारदर्शिता और विकास को बनाया मुख्य आधार।
- सड़क, साफ-सफाई, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य पर रहेगा फोकस।
- जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाने का संकल्प।
गिरिडीह नगर निगम चुनाव को लेकर शहर में राजनीतिक सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। विभिन्न वार्डों से प्रत्याशी मैदान में उतर रहे हैं और नामांकन प्रक्रिया के साथ चुनावी माहौल स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में वार्ड संख्या 30 से आशा देवी ने समर्थकों के साथ पहुंचकर नामांकन दर्ज कराया। इस दौरान समर्थकों में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली।
जनसेवा को बताया प्राथमिक उद्देश्य
नामांकन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए पार्षद प्रत्याशी आशा देवी ने कहा कि वे चुनावी राजनीति को सेवा का माध्यम मानती हैं। उनका उद्देश्य वार्ड की जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाना और समाधान की दिशा में ठोस पहल करना है।
आशा देवी ने कहा:
“मैं ईमानदारी, पारदर्शिता और विकास के साथ वार्ड की जनता की सेवा करना चाहती हूं।”
उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा ही किसी भी जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी ताकत होती है और वे इस भरोसे पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करेंगी।
बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का लक्ष्य
आशा देवी ने अपने एजेंडे को स्पष्ट करते हुए बताया कि यदि जनता ने उन्हें अवसर दिया, तो वार्ड में बेहतर सड़क व्यवस्था, नियमित साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण आम नागरिकों को रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।
वार्ड की समस्याओं पर जमीनी नजर
आशा देवी ने कहा कि वे वार्ड की हर गली और हर मोहल्ले की समस्याओं से अवगत हैं। उनका मानना है कि जब तक जनप्रतिनिधि जमीन से जुड़कर काम नहीं करता, तब तक विकास योजनाएं प्रभावी नहीं हो पातीं।
उन्होंने यह भी कहा कि वार्ड के नागरिकों के सुझावों और शिकायतों को गंभीरता से लेकर नगर निगम के स्तर पर उठाया जाएगा, ताकि समय पर समाधान संभव हो सके।
समर्थकों में दिखा विश्वास
नामांकन के दौरान मौजूद समर्थकों ने कहा कि आशा देवी वार्ड की समस्याओं को समझती हैं और जनता के बीच उनकी अच्छी पकड़ है। समर्थकों का मानना है कि उनके नेतृत्व में वार्ड 30 में विकास कार्यों को नई दिशा मिल सकती है।
समर्थकों ने एकजुट होकर चुनाव लड़ने और जनता के बीच उनके विकास एजेंडे को पहुंचाने का संकल्प भी लिया।
न्यूज़ देखो: जनसेवा के वादे पर होगी असली कसौटी
वार्ड 30 से आशा देवी का नामांकन नगर निगम चुनाव में एक और मजबूत दावेदारी को दर्शाता है। ईमानदारी और पारदर्शिता जैसे मुद्दे चुनावी बहस में महत्वपूर्ण हैं। अब यह देखना अहम होगा कि चुनावी वादे किस हद तक ठोस कार्ययोजना में बदलते हैं। जनता की अपेक्षाएं और जवाबदेही ही चुनाव की दिशा तय करेंगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जिम्मेदार प्रतिनिधित्व से बदलेगा वार्ड का भविष्य
नगर निगम चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने का अवसर नहीं, बल्कि अपने वार्ड के भविष्य को तय करने का समय होता है। जब जनप्रतिनिधि और नागरिक मिलकर काम करते हैं, तभी विकास स्थायी बनता है।
अपने वार्ड की जरूरतों को समझें, सवाल पूछें और जागरूक निर्णय लें।
वार्ड 30 के विकास को लेकर आपकी क्या अपेक्षाएं हैं? अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और जनजागरूकता की इस पहल का हिस्सा बनें।



