#पश्चिमीसिंहभूम #नक्सलअभियान : सारंडा वन क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन के दौरान प्रेशर आईईडी विस्फोट, वरिष्ठ अधिकारी घायल।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान रविवार सुबह आईईडी ब्लास्ट की बड़ी घटना सामने आई। 209 कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट अजय मलिक विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हो गए। सुरक्षा बलों को नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था।
- सारंडा वन क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान आईईडी विस्फोट।
- 209 कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट अजय मलिक गंभीर रूप से घायल।
- प्रेशर आईईडी जमीन के नीचे प्लांट किया गया था।
- कोबरा और जिला पुलिस की संयुक्त टीम चला रही थी सर्च ऑपरेशन।
- धमाका इतना जोरदार कि दूर तक सुनाई दी गूंज।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान एक बड़ी घटना सामने आई है। रविवार सुबह सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा बिछाए गए प्रेशर आईईडी में विस्फोट हो गया, जिसमें 209 कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट अजय मलिक गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूत्रों के अनुसार सुरक्षा बलों को सारंडा के घने जंगलों में नक्सलियों की गतिविधियों की गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। इसी आधार पर कोबरा बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही थी।
सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ विस्फोट
जानकारी के मुताबिक, जंगल के दुर्गम और घने रास्ते से गुजरते समय जमीन के नीचे प्लांट किया गया एक प्रेशर आईईडी अचानक ब्लास्ट हो गया। विस्फोट की चपेट में सहायक कमांडेंट अजय मलिक आ गए।
धमाका इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के बाद सुरक्षा बलों ने तत्काल क्षेत्र को घेर लिया और अतिरिक्त बलों को मौके पर बुलाया गया।
घायल अधिकारी को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। उनकी स्थिति को लेकर आधिकारिक चिकित्सा बुलेटिन की प्रतीक्षा की जा रही है।
नक्सल विरोधी अभियान जारी
सारंडा क्षेत्र लंबे समय से नक्सल गतिविधियों के कारण संवेदनशील माना जाता रहा है। घने जंगल और दुर्गम भू-भाग के कारण यहां अभियान चलाना सुरक्षा बलों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है।
संयुक्त टीम इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही थी, ताकि नक्सलियों की मौजूदगी की पुष्टि कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। घटना के बाद भी क्षेत्र में अभियान जारी रहने की जानकारी मिल रही है।
सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है और आसपास के क्षेत्रों में भी सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
आईईडी बना बड़ा खतरा
नक्सली संगठनों द्वारा प्रेशर आईईडी का इस्तेमाल सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए अक्सर किया जाता है। ऐसे विस्फोटक जमीन के नीचे छिपाकर लगाए जाते हैं और दबाव पड़ते ही सक्रिय हो जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विस्फोटक जंगल क्षेत्रों में गश्ती दलों के लिए गंभीर खतरा बनते हैं। सुरक्षा बल लगातार एंटी-आईईडी तकनीक और प्रशिक्षण के माध्यम से इन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद पूरे सारंडा क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है और संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।
पुलिस और केंद्रीय बलों के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने कहा है कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
न्यूज़ देखो: चुनौतीपूर्ण इलाके में सुरक्षा बलों की बड़ी परीक्षा
सारंडा जैसे दुर्गम क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान चलाना सुरक्षा बलों के लिए अत्यंत जोखिम भरा कार्य है। आईईडी ब्लास्ट की यह घटना बताती है कि नक्सली अब भी घात लगाकर हमले की रणनीति अपना रहे हैं। बावजूद इसके, सुरक्षा बल लगातार अभियान चलाकर क्षेत्र को सुरक्षित बनाने में जुटे हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षा और शांति के लिए सतर्कता जरूरी
जंगल क्षेत्रों में शांति स्थापना आसान नहीं होती।
सुरक्षा बलों का साहस और समर्पण देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ है।
ऐसे समय में समाज का सहयोग और जागरूकता भी आवश्यक है।
आइए शांति, विकास और सुरक्षा के पक्ष में एकजुट रहें।
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