भाजपा मंडल कोलेबिरा में अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती श्रद्धा और विचारों के संकल्प के साथ मनाई गई

भाजपा मंडल कोलेबिरा में अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती श्रद्धा और विचारों के संकल्प के साथ मनाई गई

author Birendra Tiwari
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#कोलेबिरा #अटल_जयंती : भाजपा कार्यकर्ताओं ने अटल जी के राष्ट्रवादी विचारों और सुशासन को किया स्मरण।

भारतीय जनता पार्टी मंडल कोलेबिरा द्वारा भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अटल जी के राष्ट्रवादी विचार, सुशासन की अवधारणा और झारखंड राज्य गठन में उनके योगदान को याद किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने पोखरण परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध जैसे ऐतिहासिक निर्णयों को भारत की सामरिक मजबूती का प्रतीक बताया। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को अटल जी के विचारों से जोड़ते हुए सार्वजनिक जीवन में मूल्यों की प्रासंगिकता को रेखांकित करना रहा।

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  • भाजपा मंडल कोलेबिरा में अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती आयोजित।
  • कार्यक्रम की अगुवाई मंडल अध्यक्ष अशोक इंदवार ने की।
  • पोखरण परमाणु परीक्षण और कारगिल विजय को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताया गया।
  • झारखंड राज्य गठन में अटल जी के ऐतिहासिक योगदान पर विशेष चर्चा।
  • कार्यक्रम में पूर्व सांसद प्रतिनिधि चिंतामणि कुमार साहू सहित कई पदाधिकारी उपस्थित।

भारतीय जनता पार्टी मंडल कोलेबिरा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम का आयोजन उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को याद करने के उद्देश्य से किया गया। उपस्थित नेताओं ने अटल जी के विचारों को आज के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य में भी प्रासंगिक बताया। आयोजन में संगठनात्मक एकता और वैचारिक प्रतिबद्धता पर विशेष जोर दिया गया।

अटल बिहारी वाजपेयी का राष्ट्रवादी विचार और संगठन निर्माण

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा मंडल अध्यक्ष अशोक इंदवार ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय जनता पार्टी की स्थापना से लेकर संगठन को मजबूत करने वाले प्रमुख स्तंभ रहे हैं। उन्होंने कहा:

अशोक इंदवार ने कहा: “अटल जी ने करोड़ों कार्यकर्ताओं को गढ़ते हुए राष्ट्रवाद की चेतना को जागृत किया और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाला राजनीतिक विकल्प देश को दिया।”

उन्होंने बताया कि अटल जी के विचार केवल राजनीति तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे समाज, संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों को समान रूप से महत्व देते थे। उनके नेतृत्व में पार्टी ने वैचारिक दृढ़ता के साथ राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई।

प्रधानमंत्री के रूप में ऐतिहासिक निर्णय

अपने संबोधन में अशोक इंदवार ने अटल जी के प्रधानमंत्री काल की चर्चा करते हुए कहा कि पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध में भारत की विजय ने विश्व पटल पर भारत की सामरिक शक्ति को स्थापित किया। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों ने देश की सुरक्षा नीति को आत्मनिर्भर और निर्णायक बनाया।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि अटल जी ने वैश्विक मंच पर भारत को सम्मानजनक और मजबूत स्थिति में खड़ा किया, जिससे देश का आत्मविश्वास बढ़ा।

झारखंड राज्य गठन में अटल जी की भूमिका

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने विशेष रूप से झारखंड अलग राज्य के गठन में अटल बिहारी वाजपेयी की ऐतिहासिक भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा कि झारखंड के गठन से यहां के लोगों को पहचान, अधिकार और आत्मसम्मान मिला।
भाजपा नेताओं ने कहा कि यह निर्णय केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय आकांक्षाओं को सम्मान देने वाला कदम था, जिसने झारखंड के विकास की नींव रखी।

सुशासन और दूरदर्शी नेतृत्व की मिसाल

वक्ताओं ने अटल जी के नेतृत्व को जवाबदेही, पारदर्शिता और समावेशी विकास पर आधारित बताया। कहा गया कि अटल बिहारी वाजपेयी ने सुशासन की ऐसी मिसाल पेश की, जो आज भी देश को दिशा देती है।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि अटल जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र के उत्थान और जनसेवा को समर्पित रहा, जो आज के जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोग

इस अवसर पर पूर्व सांसद प्रतिनिधि चिंतामणि कुमार साहू, कृष्णा दास, जिला मंत्री दिलेश्वर सिंह, किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष जनेश्वर बिल्हौर, हेमंत प्रसाद, महेंद्र देहरी, धनंजय झा, सावित्री देवी, रामकिसून सिंह और कश्यप जी सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने अटल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

न्यूज़ देखो: अटल विचारों की प्रासंगिकता और राजनीतिक प्रतिबद्धता

अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम दर्शाता है कि उनकी विचारधारा आज भी राजनीतिक और सामाजिक विमर्श के केंद्र में है। राष्ट्रवाद, सुशासन और समावेशी विकास जैसे सिद्धांत वर्तमान समय में भी उतने ही आवश्यक हैं। ऐसे आयोजनों से कार्यकर्ताओं में वैचारिक स्पष्टता और संगठनात्मक मजबूती आती है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले समय में इन मूल्यों को नीति और व्यवहार में किस हद तक उतारा जाता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

विचारों से कर्म तक राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा

अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन यह सिखाता है कि राजनीति केवल सत्ता का साधन नहीं, बल्कि सेवा और संकल्प का माध्यम है। उनके विचार आज भी युवाओं और जनप्रतिनिधियों को सकारात्मक दिशा देते हैं।
समाज और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए ऐसे मूल्यों को अपनाना समय की आवश्यकता है।

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Written by

सिमडेगा

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