
#बालूमाथ #अपराध_घटना : पिंडारकोम गांव में दबंगों पर मारपीट और महिला से छेड़खानी का सनसनीखेज आरोप।
लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत पिंडारकोम गांव में 27 जनवरी 2026 की शाम एक गंभीर आपराधिक घटना सामने आई है। आरोप है कि 10 से 15 लोगों ने एक परिवार के घर में घुसकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ मारपीट की तथा एक युवती से छेड़खानी की। पीड़ित परिवार ने बालूमाथ थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
- पिंडारकोम गांव में घर में घुसकर सामूहिक हमला करने का आरोप।
- सनाउल्लाह ने बालूमाथ थाना में दिया लिखित आवेदन।
- 27 जनवरी 2026, शाम लगभग 6 बजे की घटना बताई गई।
- 20 वर्षीय युवती से छेड़खानी और मोबाइल तोड़ने का आरोप।
- 6 से 60 वर्ष तक के परिजनों को लगी गंभीर चोटें।
- पुलिस ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का दिया आश्वासन।
लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना ने ग्रामीणों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। पिंडारकोम गांव निवासी सनाउल्लाह ने आरोप लगाया है कि उनके पड़ोस के कुछ दबंग लोगों ने एकजुट होकर उनके घर में घुसकर हमला किया। इस घटना में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों तक को नहीं बख्शा गया, जिससे पूरे गांव में आक्रोश का माहौल है।
कैसे हुई घटना, पीड़ित का आरोप
पीड़ित सनाउल्लाह (पिता – एनुल हक) द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, 27 जनवरी 2026 की शाम लगभग 6 बजे 10–15 लोग अचानक उनके घर में जबरन घुस आए। आरोप है कि सभी लोग गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से लैस थे और आते ही परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया।
सनाउल्लाह ने बताया कि हमलावरों ने घर में मौजूद महिलाओं और बच्चों को भी नहीं छोड़ा और बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान परिवार के कई सदस्यों को गंभीर चोटें आई हैं।
युवती से छेड़खानी का गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार का सबसे गंभीर आरोप यह है कि हमलावरों ने उनकी लगभग 20 वर्षीय पुत्री के साथ छेड़खानी की। परिजनों ने जब इस हरकत का विरोध किया और मोबाइल से वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने युवती का मोबाइल फोन छीनकर जमीन पर पटक दिया और उसके साथ हाथापाई भी की।
परिवार का कहना है कि यह घटना न केवल आपराधिक है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
पीड़ित परिवार ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि आरोपियों द्वारा पहले भी 2–3 बार इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है। हर बार दबंगों के डर से मामला दबा दिया गया, लेकिन इस बार परिवार ने न्याय के लिए थाना का दरवाजा खटखटाया है।
परिवार का दावा है कि घटना से संबंधित वीडियो फुटेज भी उनके पास मौजूद है, जिसे वे जांच के दौरान पुलिस को सौंपने को तैयार हैं।
पूरे परिवार में भय का माहौल
घटना के समय घर में 6 वर्ष से लेकर 60 वर्ष तक के लोग मौजूद थे। सभी को किसी न किसी रूप में चोटें आई हैं। घटना के बाद से परिवार दहशत में है और उन्हें दोबारा हमले की आशंका सता रही है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा की भी मांग की है ताकि वे बिना डर के अपने घर में रह सकें।
पुलिस का पक्ष
इस मामले में बालूमाथ थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित परिवार का लिखित आवेदन प्राप्त हो गया है। उन्होंने कहा:
“मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध विधि सम्मत सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
न्यूज़ देखो: महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
बालूमाथ की यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि पीड़ित परिवार के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा अलार्म है। अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
डर के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी
किसी भी समाज में महिलाओं और बच्चों पर हिंसा अस्वीकार्य है। पीड़ित परिवार का आगे आकर शिकायत दर्ज कराना साहस का परिचायक है।
यदि आपके आसपास भी ऐसी घटनाएं होती हैं, तो चुप न रहें। अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और न्याय की आवाज को मजबूत करें।







