#लातेहार #स्वास्थ्य_अभियान : संपूर्णता अभियान के तहत कार्यक्रम—गर्भवती महिलाओं और नवजात की देखभाल पर फोकस।
लातेहार में सुरक्षित मातृत्व दिवस के अवसर पर संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य केंद्रों पर मातृ-शिशु स्वास्थ्य को लेकर जानकारी दी गई। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की देखभाल पर विशेष जोर दिया गया। प्रशासन ने स्वास्थ्य सूचकों में सुधार की दिशा में पहल तेज की है।
- संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत जिलेभर में कार्यक्रम।
- आंगनवाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं को जागरूक किया गया।
- स्वास्थ्य केंद्रों में नवजात शिशु जांच पर जोर।
- सहिया बैठकों में एएनसी और संस्थागत प्रसव पर चर्चा।
- एमडीए अभियान के लिए कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया।
लातेहार जिले में सुरक्षित मातृत्व दिवस के अवसर पर संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत व्यापक स्तर पर जागरूकता और स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिले के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर विशेष पहल की गई।
इस अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करना और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना है।
आंगनवाड़ी केंद्रों पर जागरूकता
जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों पर गर्भवती और धात्री महिलाओं को संतुलित आहार, बच्चों के पालन-पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने कहा: “सही पोषण और जानकारी से ही स्वस्थ भविष्य संभव है।”
नवजात शिशुओं की देखभाल पर फोकस
स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव के दौरान नवजात शिशुओं के वजन की निगरानी सुनिश्चित की गई, ताकि जन्म के समय ही उनकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया जा सके।
सहिया बैठकों का आयोजन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सहिया बैठकों का आयोजन किया गया, जिसमें एएनसी जांच, संस्थागत प्रसव और कम वजन वाले बच्चों की देखभाल जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा: “संस्थागत प्रसव से मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।”
एमडीए अभियान की तैयारी
पिरामल टीम द्वारा अप्रैल माह में संचालित होने वाले एमडीए (फाइलेरिया उन्मूलन) कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया।
इससे दवा वितरण और जागरूकता अभियान को मजबूत किया जाएगा।
टीकाकरण और स्वच्छता पर जोर
नवजात शिशुओं की देखभाल के तहत माताओं और परिजनों को टीकाकरण, पोषण और स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
ब्लॉक स्तर पर भी कार्यक्रम
ब्लॉक स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक लाभार्थियों तक इस अभियान का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।
स्वास्थ्य सूचकों में सुधार का लक्ष्य
जिला प्रशासन ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान की अवधि और उद्देश्य
‘संपूर्णता अभियान 2.0’ नीति आयोग के तहत 28 जनवरी से 14 अप्रैल 2026 तक चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य विकासात्मक सूचकों में सुधार करना है।

न्यूज़ देखो: जागरूकता से सुरक्षित मातृत्व
लातेहार में चलाया जा रहा यह अभियान दिखाता है कि सही जानकारी और समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से मातृ और शिशु स्वास्थ्य में बड़ा सुधार संभव है। अब जरूरत है कि यह पहल हर गांव तक पहुंचे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वस्थ मां, स्वस्थ समाज
मां और बच्चे का स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है।
जरूरी है कि हम समय पर जांच और देखभाल सुनिश्चित करें।
जागरूकता ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।
आइए, हम सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दें।
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