बघिमा गांव में विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता अभियान, ग्रामीणों और बच्चों को स्वास्थ्य अधिकार का संदेश

बघिमा गांव में विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता अभियान, ग्रामीणों और बच्चों को स्वास्थ्य अधिकार का संदेश

author Rohit Kumar Sahu
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#पालकोट #स्वास्थ्य_जागरूकता : “माय हेल्थ माय राइट” थीम—ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का महत्व समझाया गया।

गुमला के पालकोट प्रखंड के बघिमा गांव में विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें ग्रामीणों और बच्चों को स्वास्थ्य के महत्व और अधिकारों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में हुआ। लोगों को स्वच्छता और नियमित जांच की सलाह दी गई।

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  • बघिमा गांव में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
  • माय हेल्थ, माय राइट” थीम पर चर्चा।
  • राजू साहू (PLV) ने ग्रामीणों को जानकारी दी।
  • स्वास्थ्य को मौलिक अधिकार बताया गया
  • बच्चों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी

गुमला जिले के पालकोट प्रखंड अंतर्गत बघिमा पंचायत के कॉलोनी बस्ती और राजकीय बुनियादी विद्यालय बघिमा में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों और बच्चों को स्वास्थ्य के महत्व और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।

यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA) के निर्देशानुसार आयोजित किया गया।

विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजन

कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुमला के अध्यक्ष ध्रुव चंद्र मिश्रा और सचिव रामकुमार लाल गुप्ता के मार्गदर्शन में किया गया।

इस दौरान पीएलवी राजू साहू ने लोगों को विस्तार से जानकारी दी।

राजू साहू ने कहा: “स्वास्थ्य हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार है और इसे सभी तक पहुंचाना जरूरी है।”

विश्व स्वास्थ्य दिवस का महत्व

कार्यक्रम में बताया गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 1948 में इस दिवस को मनाने का प्रस्ताव रखा था और 7 अप्रैल 1950 से इसे वैश्विक स्तर पर मनाया जा रहा है।

थीम पर विशेष चर्चा

इस वर्ष की थीम “माय हेल्थ, माय राइट” पर विशेष चर्चा की गई। इसका अर्थ है कि हर व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करना उसका अधिकार है।

स्वास्थ्य को बताया जीवन की नींव

कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि स्वास्थ्य मानव जीवन की सबसे महत्वपूर्ण नींव है और इसके बिना जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

एक शिक्षक ने कहा: “स्वस्थ व्यक्ति ही समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकता है।”

स्वच्छता और जांच पर जोर

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को स्वच्छता अपनाने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और संतुलित जीवनशैली अपनाने की सलाह दी गई।

बच्चों और ग्रामीणों की भागीदारी

इस आयोजन में विद्यालय के छात्र-छात्राओं और गांव के ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी की और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता दिखाई।

समाज में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास

यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।

न्यूज़ देखो: स्वास्थ्य अधिकार की समझ जरूरी

बघिमा गांव का यह कार्यक्रम दिखाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना कितना जरूरी है। जब लोग अपने अधिकारों को समझेंगे, तभी बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की मांग भी बढ़ेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनें

स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है।
जरूरी है कि हम स्वच्छता और नियमित जांच को अपनाएं।
हर व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।
आइए, हम स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दें।

इस तरह के कार्यक्रमों में भाग लें और दूसरों को भी जागरूक करें।
अपनी राय कमेंट में साझा करें और खबर को शेयर करें।

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Written by

पालकोट, गुमला

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