जलडेगा के प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय में नैतिक शिक्षा और सकारात्मक जीवन शैली पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

जलडेगा के प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय में नैतिक शिक्षा और सकारात्मक जीवन शैली पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

author Shivnandan Baraik
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#जलडेगा #नैतिक_शिक्षा : छात्राओं को सकारात्मक सोच और संस्कारयुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया।

प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय जलडेगा में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा नैतिक शिक्षा एवं मानवीय मूल्यों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को सकारात्मक जीवन शैली, अनुशासन और आत्मविश्वास का महत्व बताया गया। ब्रह्माकुमारी संस्थान की बहनों ने नैतिक मूल्यों और नशामुक्त जीवन के प्रति जागरूक किया। इस दौरान विद्यालय परिवार और बड़ी संख्या में छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही।

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  • प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय जलडेगा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
  • प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
  • अमृता बहन ने छात्राओं को सकारात्मक सोच और अनुशासन का महत्व बताया।
  • गीत बहन ने नशामुक्त और तनावमुक्त जीवन जीने की प्रेरणा दी।
  • कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं शामिल रहीं।
  • नैतिक शिक्षा को समाज में शांति और सद्भावना का आधार बताया गया।

प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय जलडेगा में छात्राओं के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए “नैतिक शिक्षा एवं मानवीय मूल्यों द्वारा सकारात्मक जीवन शैली” विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को नैतिक मूल्यों, सकारात्मक सोच और अनुशासित जीवन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और वक्ताओं के विचारों को गंभीरता से सुना।

सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों पर दिया गया जोर

कार्यक्रम का संचालन राजयोगिनी शांति दीदी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान ब्रह्माकुमारी अमृता बहन ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जीवन को सफल और सुखमय बनाने के लिए नैतिक मूल्यों का पालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी शिक्षा का उद्देश्य होना चाहिए।

अमृता बहन ने कहा: “सकारात्मक सोच, अनुशासन और आत्मविश्वास जीवन की सबसे बड़ी ताकत हैं, जो हर परिस्थिति में व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।”

उन्होंने छात्राओं को अपने जीवन में ईमानदारी, अनुशासन और आत्मसम्मान जैसे मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही कहा कि नैतिक शिक्षा के माध्यम से ही समाज में प्रेम, शांति और सद्भावना का वातावरण तैयार किया जा सकता है।

नशामुक्त और तनावमुक्त जीवन का दिया संदेश

कार्यक्रम में उपस्थित ब्रह्माकुमारी गीत बहन ने भी छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में विद्यार्थी कई प्रकार के मानसिक दबाव और तनाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सकारात्मक सोच और आत्मिक शक्ति के माध्यम से ही तनावमुक्त जीवन जिया जा सकता है।

गीत बहन ने कहा: “मानवीय मूल्यों को अपने जीवन में अपनाकर ही हम स्वस्थ, खुशहाल और सफल जीवन की ओर बढ़ सकते हैं।”

उन्होंने छात्राओं को नशे और नकारात्मक संगति से दूर रहने की सलाह दी। साथ ही कहा कि युवाओं को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को जीवन में समय प्रबंधन, मानसिक संतुलन और अच्छे संस्कारों के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।

छात्राओं ने उत्साहपूर्वक लिया भाग

विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने वक्ताओं की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और नैतिक शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को समझा। विद्यालय परिवार ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विद्यालय के प्राचार्य और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों के लिए केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें नैतिक और सामाजिक मूल्यों की जानकारी होना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को सही दिशा देने में मदद करते हैं।

शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी

कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि समाज में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बदलती जीवन शैली के बीच बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास बेहद आवश्यक हो गया है। यदि विद्यार्थियों को बचपन से ही अच्छे संस्कार और सकारात्मक सोच की शिक्षा दी जाए, तो वे भविष्य में बेहतर नागरिक बन सकते हैं।

विद्यालय परिवार ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रेरणादायी कार्यक्रम छात्राओं के मानसिक और नैतिक विकास में सहायक सिद्ध होते हैं। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को सकारात्मक जीवन शैली अपनाने का संकल्प भी दिलाया गया।

न्यूज़ देखो: शिक्षा के साथ संस्कारों की मजबूती भी जरूरी

जलडेगा के प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक जागरूकता अभियान नहीं बल्कि विद्यार्थियों को बेहतर इंसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। आज के समय में जब युवा पीढ़ी कई सामाजिक और मानसिक चुनौतियों का सामना कर रही है, तब नैतिक शिक्षा और मानवीय मूल्यों की भूमिका और भी बढ़ जाती है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही समाज को मजबूत और जागरूक बना सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सकारात्मक सोच और अच्छे संस्कार से बनता है उज्ज्वल भविष्य

हर विद्यार्थी के जीवन में शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों का होना बेहद जरूरी है। अनुशासन, सम्मान, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच ही जीवन को सही दिशा देते हैं। समाज और परिवार की जिम्मेदारी है कि बच्चों को अच्छे संस्कार और प्रेरणादायी वातावरण प्रदान करें ताकि वे भविष्य में मजबूत और जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

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Written by

बानो, सिमडेगा

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