
#रामगढ़ #मेदिनीनगर #पलामू #मेदिनीनगरचुनाव2026 #राजनीतिकसरगर्मी : समाजसेवा से राजनीति तक, आयशा सिंह की एंट्री से बढ़ी हलचल
मेदिनीनगर नगर निगम चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पलामू की चर्चित समाजसेवी और “पलामू शेरनी” के नाम से पहचानी जाने वाली आयशा सिंह ने सक्रिय राजनीति में उतरने का बड़ा ऐलान किया है। रामगढ़ में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के अध्यक्ष सह डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो से मुलाकात के बाद उन्होंने मेदिनीनगर मेयर पद का चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
- रामगढ़ में डुमरी विधायक जयराम महतो से शिष्टाचार मुलाकात
- आयशा सिंह ने विचारों और संघर्ष से प्रभावित होने की बात कही
- झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के टिकट पर मेयर चुनाव लड़ने का ऐलान
- समाजसेवा से राजनीति में कदम, चुनावी समीकरण बदले
- मेदिनीनगर नगर निगम चुनाव 2026 में मुकाबला और रोचक
रामगढ़ में हुई अहम राजनीतिक मुलाकात
पलामू की जानी-मानी समाजसेवी आयशा सिंह ने आज रामगढ़ में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के अध्यक्ष और डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो से शिष्टाचार मुलाकात की। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे आगामी नगर निगम चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है।
मुलाकात के दौरान आयशा सिंह ने विधायक जयराम महतो को आशीर्वाद दिया और कहा कि वे उनके संघर्षशील व्यक्तित्व, विचारधारा और जनपक्षीय राजनीति से बेहद प्रभावित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे लंबे समय से उनके विचारों से जुड़ाव महसूस करती रही हैं।
मेयर चुनाव लड़ने का बड़ा ऐलान
इस मुलाकात के दौरान आयशा सिंह ने बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि वे मेदिनीनगर नगर निगम चुनाव 2026 में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के टिकट पर मेयर पद का चुनाव लड़ेंगी। इस घोषणा के बाद मेदिनीनगर की राजनीति में नई हलचल देखी जा रही है।
आयशा सिंह ने कहा:
“मेदिनीनगर की जनता ही मेरा सब कुछ है। अब मेरा जीवन और संघर्ष जनता के लिए समर्पित है। शहर के विकास, जनहित और सामाजिक न्याय के लिए मैं पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करूंगी।”
चुनावी समीकरणों में बदलाव की संभावना
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आयशा सिंह की सक्रिय राजनीति में एंट्री और मेयर पद की दावेदारी से मेदिनीनगर की चुनावी लड़ाई और अधिक रोचक हो गई है। वर्षों से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहने, जमीनी जुड़ाव और मजबूत जनसंपर्क के चलते उन्हें एक मजबूत और प्रभावशाली दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।
उनकी छवि एक निर्भीक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में रही है, जिस कारण युवा, महिलाएं और आम जनता के बीच उनकी पकड़ को चुनाव में अहम माना जा रहा है।
“पलामू शेरनी” से मेयर उम्मीदवार तक
“पलामू शेरनी” के नाम से पहचान बना चुकी आयशा सिंह का यह कदम समाजसेवा से आगे बढ़कर सीधे सत्ता और नीति निर्माण में भागीदारी की ओर संकेत करता है। उनका कहना है कि अब केवल आवाज उठाने से नहीं, बल्कि निर्णय लेने की जगह पर पहुंचकर बदलाव लाया जा सकता है।
न्यूज़ देखो : मेदिनीनगर की राजनीति में नया अध्याय
आयशा सिंह का मेयर चुनाव लड़ने का ऐलान मेदिनीनगर नगर निगम चुनाव 2026 को नई दिशा देता दिख रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता उनके सामाजिक कार्यों और नए राजनीतिक संकल्प को किस रूप में स्वीकार करती है। आने वाले दिनों में चुनावी मैदान और ज्यादा गर्म होने के आसार हैं।
जनता, विकास और बदलाव का सवाल
मेदिनीनगर की जनता के सामने अब एक नया चेहरा, नया दावा और नया राजनीतिक विकल्प है। चुनाव तय करेगा कि समाजसेवा से निकली यह आवाज सत्ता तक पहुंच पाती है या नहीं।
हर अपडेट पर हमारी नजर बनी रहेगी।



