Simdega

बानो में आयुष विभाग का स्वास्थ्य शिविर सफल, ओस्टियो-अर्थराइटिस से पीड़ित मरीजों की जांच और दवा वितरण

#बानो #स्वास्थ्य_शिविर : ग्रामीणों के लिए आयोजित आयुष स्वास्थ्य जांच में 45 मरीजों की जांच और दवा वितरण
  • पबुड़ा पंचायत में आयुष विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया।
  • डॉ. इरफान अंसारी ने 45 मरीजों की जांच कर निःशुल्क दवा दी।
  • शिविर में ग्रामीणों के बीच फलदार पौधों का वितरण किया गया।
  • डॉ. इरफान आलम ने जोड़ों के दर्द व गठिया से संबंधित परामर्श दिया।
  • बुजुर्गों को ठंड से बचाव के विशेष निर्देश दिए गए।

सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड के पबुड़ा पंचायत में जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी सुभद्रा कुमारी के निर्देश पर ओस्टियो-अर्थराइटिस एवं अन्य मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को जोड़ों के दर्द, कमर दर्द, गठिया और तंत्रिका संबंधी समस्याओं के उपचार और जागरूकता से जोड़ना था। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों की व्यापक जांच की गई और योग्य मरीजों को स्थल पर ही निःशुल्क दवाएं प्रदान की गईं।

स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण

शिविर में डॉक्टर इरफान अंसारी ने 45 मरीजों की स्वास्थ्य जांच की। उन्होंने मरीजों की समस्या के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराईं और उन्हें सही समय पर दवा सेवन व दिनचर्या में बदलाव से संबंधित सलाह दी। कई मरीजों ने बताया कि ऐसे शिविर से उन्हें काफी राहत और मार्गदर्शन मिलता है, क्योंकि गांव स्तर पर विशेषज्ञ सेवा मिलना आसान नहीं होता।

ग्रामीणों के बीच जागरूकता और परामर्श

आयुष ग्राम कैंप में उपस्थित सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. इरफान आलम ने बताया कि शिविर में सबसे अधिक मरीज जोड़ों व मांसपेशियों के दर्द, गठिया, स्नायुवेधन, गर्दन और पीठ दर्द की समस्या लेकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि मस्कुलोस्केलेटल समस्याएँ तेजी से बढ़ रही हैं और समय पर इलाज व जीवनशैली में सुधार से इनसे काफी हद तक बचाव और राहत संभव है।

डॉ. इरफान आलम ने कहा: “बृद्ध व्यक्ति अपने को ठंड से बचाएं।”

उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों को ठंड के मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी, क्योंकि इस मौसम में जोड़ों का दर्द और गठिया की समस्या अधिक बढ़ जाती है।

पौधों का वितरण और स्वास्थ्य लाभ की पहल

शिविर में स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ फलदार पौधों का वितरण भी किया गया, ताकि ग्रामीणों में पौधारोपण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके और भविष्य में पोषण सुरक्षा भी मजबूत हो सके। आयुष विभाग की यह पहल गांव के समग्र विकास और स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।

न्यूज़ देखो: ग्रामीण स्वास्थ्य को सशक्त करने की सराहनीय पहल

यह स्वास्थ्य शिविर दिखाता है कि जब विशेषज्ञ सेवाएं गांव के द्वार तक पहुँचती हैं, तो ग्रामीणों के लिए उपचार आसान हो जाता है। आयुष विभाग की यह पहल खासकर बुजुर्गों और दर्द से पीड़ित लोगों के लिए राहत लेकर आई है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे शिविरों की निरंतरता से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता बेहतर होगी।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन – जागरूक रहें, सुरक्षित रहें

ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने में सामुदायिक भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे शिविर न केवल उपचार देते हैं, बल्कि जागरूकता भी बढ़ाते हैं, जिससे लोग अपने स्वास्थ्य का बेहतर ख्याल रख पाते हैं। अब समय है कि हम सभी अपने परिवार और समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में योगदान दें।
अपनी राय कॉमेंट करें और इस खबर को शेयर करें, ताकि अधिक लोग ऐसे स्वास्थ्य शिविरों की जानकारी पाकर लाभ उठा सकें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 3 / 5. कुल वोट: 1

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

IMG-20250723-WA0070
IMG-20251223-WA0009
आगे पढ़िए...

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Shivnandan Baraik

बानो, सिमडेगा

Related News

Back to top button
error: