
#विश्रामपुर #गणतंत्र_दिवस : फार्मेसी संकाय में थीम आधारित कार्यक्रम के साथ 77वां गणतंत्र दिवस मनाया गया।
विश्रामपुर स्थित बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय के फार्मेसी संकाय में 26 जनवरी 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की थीम “Pharmacist as a Pillar of Republic” रही, जिसमें फार्मासिस्ट की सामाजिक भूमिका को रेखांकित किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं कुलपति ने सहभागिता की। इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों को संविधान, गणतंत्र और समाज के प्रति उनके कर्तव्यों से जोड़ना रहा।
- 26 जनवरी 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित।
- आयोजन स्थल बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय, फार्मेसी संकाय।
- मुख्य अतिथि कुलाधिपति दिनेश प्रसाद सिंह एवं कुलपति डॉ एम के सिंह।
- थीम रही Pharmacist as a Pillar of Republic।
- रंगोली, पोस्टर प्रेजेंटेशन, निबंध लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित।
- फार्मेसी शिक्षकों एवं छात्रों की सक्रिय सहभागिता।
विश्रामपुर, पलामू स्थित बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय के फार्मेसी संकाय में सोमवार, 26 जनवरी 2026 को देश का 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह, गरिमा और शैक्षणिक चेतना के साथ मनाया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “Pharmacist as a Pillar of Republic” रखी गई, जिसके माध्यम से फार्मासिस्ट को गणतंत्र की मजबूती का एक अहम स्तंभ बताया गया। समारोह में राष्ट्रीय भावना, संविधान के प्रति सम्मान और समाज सेवा का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया।
मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री दिनेश प्रसाद सिंह तथा कुलपति प्रोफेसर (डॉ) एम के सिंह उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों का स्वागत फार्मेसी संकाय की ओर से किया गया। ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत हुई, जिससे पूरे परिसर में देशभक्ति का वातावरण बन गया।
फार्मासिस्ट की भूमिका पर विशेष फोकस
कार्यक्रम के दौरान फार्मेसी संकाय के प्रधानाध्यापक प्रोफेसर (डॉ) मनीष दुबे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए फार्मासिस्ट की सामाजिक और राष्ट्रीय भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
प्रोफेसर (डॉ) मनीष दुबे ने कहा: “फार्मासिस्ट केवल दवाइयों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज के स्वास्थ्य और राष्ट्र की मजबूती का अहम आधार है।”
उन्होंने छात्रों को बताया कि फार्मासिस्ट की जिम्मेदारी सिर्फ पेशेवर नहीं, बल्कि नैतिक और सामाजिक भी होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संविधान, स्वास्थ्य सेवा और जनकल्याण के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दी।
शैक्षणिक प्रतियोगिताओं के माध्यम से जागरूकता
गणतंत्र दिवस समारोह के अंतर्गत फार्मेसी संकाय द्वारा रंगोली, पोस्टर प्रेजेंटेशन और निबंध लेखन जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में फार्मेसी संकाय के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी रचनात्मकता के माध्यम से गणतंत्र, संविधान और फार्मासिस्ट की भूमिका को प्रस्तुत किया।
पोस्टर और निबंधों में स्वास्थ्य सेवा, दवा सुरक्षा, जनस्वास्थ्य में फार्मासिस्ट की भूमिका और संविधान के मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। रंगोली के माध्यम से भी छात्रों ने देशभक्ति और एकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य और संदेश
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य फार्मेसी संकाय के विद्यार्थियों को समाज के प्रति उनके कर्तव्यों से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि एक फार्मासिस्ट न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था का हिस्सा है, बल्कि वह समाज में जागरूकता, सेवा और नैतिकता का संवाहक भी है। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के साथ इस थीम को जोड़कर छात्रों में जिम्मेदारी और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत किया गया।
शिक्षकों का सराहनीय योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में फार्मेसी संकाय के शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसमें विशेष रूप से
डॉ अक्षत नवेरिया, महेश सिंह, नेहा खरे, विकास राव, रोहित कुमार गुप्ता, राहुल कुमार, डॉ कौशल कुमार गुप्ता, आनंद गुप्ता, शशि भूषण, अरुण कुमार, हिमांशु कुमार, अविनाश एवं अभिषेक ने सक्रिय भूमिका निभाई। शिक्षकों के समन्वय और मार्गदर्शन से कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कुलपति और कुलाधिपति का प्रेरक संदेश
समारोह के अंत में कुलपति डॉ एम के सिंह एवं कुलाधिपति श्री दिनेश प्रसाद सिंह ने कार्यक्रम की सराहना की।
कुलपति डॉ एम के सिंह ने कहा: “ऐसे शैक्षणिक और राष्ट्रीय कार्यक्रम छात्रों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
कुलाधिपति श्री दिनेश प्रसाद सिंह ने भी छात्रों को भविष्य में इसी प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन के लिए प्रेरित किया और कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक दायित्व की समझ ही सच्चे नागरिक का निर्माण करती है।
न्यूज़ देखो: जब शिक्षा और गणतंत्र का संदेश साथ चले
बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय का यह आयोजन बताता है कि उच्च शिक्षा संस्थान केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना के केंद्र भी हैं। फार्मेसी संकाय द्वारा गणतंत्र दिवस को थीम आधारित तरीके से मनाना सराहनीय पहल है। ऐसे आयोजनों से छात्रों में जिम्मेदारी और राष्ट्रप्रेम दोनों विकसित होते हैं। भविष्य में अन्य संकायों में भी ऐसे प्रयास देखने की उम्मीद है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
गणतंत्र की मजबूती में युवाओं की भूमिका
गणतंत्र दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों की याद दिलाने का अवसर है। जब छात्र अपने पेशे को समाज और राष्ट्र से जोड़कर देखते हैं, तब बदलाव की नींव पड़ती है।
आप भी ऐसे शैक्षणिक और सामाजिक कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करें, युवाओं को जागरूक बनाएं और संविधान के मूल्यों को जीवन में उतारें। इस खबर पर अपनी राय साझा करें, लेख को आगे बढ़ाएं और सकारात्मक सोच का संदेश फैलाएं।







