
#गढ़वा #विश्वविद्यालय_समाचार : कुलाधिपति और कुलपति ने संयुक्त रूप से वर्ष 2026 की डायरी जारी की।
गढ़वा स्थित बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय में नव वर्ष 2026 के अवसर पर विश्वविद्यालय की आधिकारिक डायरी का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में कुलाधिपति दिनेश प्रसाद सिंह और कुलपति प्रोफेसर एम के सिंह ने संयुक्त रूप से डायरी का लोकार्पण किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी महाविद्यालयों और विभागों के प्राचार्यों को डायरी वितरित की गई। आयोजन को शैक्षणिक अनुशासन, नियोजन और नई ऊर्जा के प्रतीक के रूप में देखा गया।
- बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय, गढ़वा में 2026 की डायरी का विमोचन।
- कुलाधिपति दिनेश प्रसाद सिंह और कुलपति प्रो. एम के सिंह ने किया लोकार्पण।
- सभी महाविद्यालयों एवं विभागों के प्राचार्यों को डायरी वितरण।
- डायरी को शैक्षणिक कैलेंडर और कार्यसंस्कृति का प्रतीक बताया गया।
- विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं कई कॉलेजों के प्राचार्य रहे उपस्थित।
गढ़वा स्थित बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय परिसर में नव वर्ष 2026 के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शैक्षणिक वातावरण उत्साह और सकारात्मक संकल्पों से भरा नजर आया। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वर्ष 2026 की आधिकारिक डायरी का विधिवत विमोचन किया गया, जिसे आने वाले शैक्षणिक सत्र की दिशा और कार्ययोजना का महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है।
यह कार्यक्रम न केवल नव वर्ष के स्वागत का अवसर था, बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिबद्धता, अनुशासन और भविष्य की योजनाओं को साझा करने का भी मंच बना।
कुलाधिपति ने दी नव वर्ष की शुभकामनाएं
नई ऊर्जा और समर्पण का आह्वान
डायरी विमोचन के उपरांत कुलाधिपति दिनेश प्रसाद सिंह ने विश्वविद्यालय के सभी महाविद्यालयों एवं विभागों के प्राचार्यों को वर्ष 2026 की डायरी वितरित की। इस दौरान उन्होंने सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा:
दिनेश प्रसाद सिंह ने कहा: “नव वर्ष 2026 को हमें नई ऊर्जा, नए संकल्प और प्रगति के प्रतीक के रूप में स्वीकार करना चाहिए। विश्वविद्यालय के प्रत्येक शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी को समर्पण भाव से कार्य करना होगा, तभी संस्थान नई ऊंचाइयों को छू सकेगा।”
उन्होंने विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति में शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
कुलपति ने डायरी के महत्व को रेखांकित किया
शैक्षणिक कैलेंडर का दर्पण
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एम के सिंह ने कहा:
प्रो. एम के सिंह ने कहा: “नव वर्ष 2026 के शुभ अवसर पर विश्वविद्यालय की डायरी का विमोचन हम सभी के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। यह डायरी केवल तिथियों का संग्रह नहीं, बल्कि हमारे शैक्षणिक कैलेंडर, कार्यसंस्कृति, अनुशासन और नियोजन का प्रतीक है।”
उन्होंने कहा कि यह डायरी शिक्षकों, विद्यार्थियों और प्रशासन के लिए मार्गदर्शक के रूप में कार्य करेगी तथा विश्वविद्यालय की गतिविधियों को सुव्यवस्थित करने में सहायक होगी।
विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
प्रशासनिक सहभागिता
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से:
- कुलसचिव डॉ. अजय भूषण प्रसाद
- डीएसडब्ल्यू डॉ. अरविन्द कुमार सिंह
- परीक्षा नियंत्रक डॉ. ललन कुमार
- सीईओ सुभाष कुमार
- प्रशासनिक अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह
- सम्पदा अधिकारी राकेश कुमार सिंह
सभी अधिकारियों ने नव वर्ष के अवसर पर विश्वविद्यालय के सुचारु संचालन और शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य रहे उपस्थित
सामूहिक सहभागिता से मजबूती
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं प्राचार्या भी उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. केशवेन्द्र कुमार तिवारी, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. सुनीता गुप्ता, दिब्या तिरु, डॉ. पी डी तिवारी, डॉ. बद्री राव कर्णम, किरण वर्मा सहित अन्य शामिल थे।
प्राचार्यों ने विश्वविद्यालय की डायरी को शिक्षण एवं प्रशासनिक गतिविधियों के समन्वय का उपयोगी साधन बताया।
वर्ष 2026 के लिए शैक्षणिक दिशा
नियोजन और अनुशासन पर जोर
डायरी में विश्वविद्यालय से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियां, शैक्षणिक गतिविधियां, परीक्षा कार्यक्रम और प्रशासनिक दिशानिर्देश शामिल हैं। इसे शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए उपयोगी दस्तावेज माना जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि स्पष्ट नियोजन और समयबद्ध कार्य संस्कृति से शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार संभव है।
न्यूज़ देखो: शैक्षणिक अनुशासन की मजबूत नींव
बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय में वर्ष 2026 की डायरी का विमोचन यह दर्शाता है कि संस्थान शैक्षणिक नियोजन और अनुशासन को प्राथमिकता दे रहा है। नव वर्ष के अवसर पर इस तरह के कार्यक्रम शिक्षकों और प्रशासन को एक साझा लक्ष्य की ओर प्रेरित करते हैं। अब देखने वाली बात होगी कि ये संकल्प जमीनी स्तर पर किस हद तक साकार होते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नए संकल्प, नई जिम्मेदारी
नव वर्ष केवल तारीख बदलने का नाम नहीं, बल्कि सोच और कार्यशैली बदलने का अवसर है।
शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण और अनुशासन से ही भविष्य का निर्माण होता है।
यदि आप विश्वविद्यालय से जुड़े हैं, तो इस नए सत्र को नई जिम्मेदारी के साथ अपनाएं।
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