
#दुमका #हंसडीहा #हत्या_कांड : बसबेरवा पुल के पास मिले शव मामले में पुलिस ने दर्ज किया कांड संख्या 25/26।
दुमका जिले के हंसडीहा थाना क्षेत्र में हुए बलराम यादव हत्याकांड मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मृतक की पत्नी मीना देवी के आवेदन पर हंसडीहा थाना में कांड संख्या 25/26 दर्ज किया गया है। 13 मार्च 2026 को बसबेरवा गांव के पास पुल के समीप बलराम यादव का शव मिला था, जिसकी पहचान बाद में उनकी पत्नी ने की थी। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी टीम तकनीकी साक्ष्य जुटाने के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।
- बलराम यादव हत्याकांड में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज।
- मृतक की पत्नी मीना देवी के आवेदन पर हंसडीहा थाना में कांड संख्या 25/26 दर्ज।
- 13 मार्च 2026 को बसबेरवा गांव के पास पुल के समीप मिला था शव।
- मृतक की पहचान बाद में पत्नी मीना देवी ने की थी।
- मामले की जांच के लिए एसआईटी टीम गठित, आसपास के लोगों से पूछताछ जारी।
- पुलिस तकनीकी साक्ष्य भी जुटा रही, जल्द खुलासे की उम्मीद।
दुमका जिले के हंसडीहा थाना क्षेत्र में हुए बलराम यादव हत्याकांड को लेकर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में मृतक की पत्नी मीना देवी के आवेदन के आधार पर चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। हंसडीहा थाना में कांड संख्या 25/26 दर्ज करते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
13 मार्च को मिला था शव
जानकारी के अनुसार 13 मार्च 2026 को हंसडीहा थाना क्षेत्र के बसबेरवा गांव के पास पुल के समीप एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
बाद में मृतक की पहचान आलूबरा गांव निवासी बलराम यादव के रूप में हुई। पहचान मृतक की पत्नी मीना देवी ने की थी।
पत्नी के आवेदन पर दर्ज हुई प्राथमिकी
घटना के बाद मृतक की पत्नी मीना देवी ने हंसडीहा थाना में आवेदन देकर अपने पति की हत्या का आरोप लगाते हुए चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। इसके आधार पर पुलिस ने कांड संख्या 25/26 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
जांच के लिए एसआईटी टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया है। यह टीम घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
एसआईटी टीम आसपास के गांवों के लोगों से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले और बाद में मृतक किन लोगों के संपर्क में था।
तकनीकी साक्ष्य भी जुटा रही पुलिस
जांच को मजबूत बनाने के लिए पुलिस तकनीकी साक्ष्य भी जुटा रही है। इसमें मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी साक्ष्यों को इकट्ठा करने के बाद ही मामले का पूरा खुलासा किया जाएगा।
जल्द खुलासे की उम्मीद
पुलिस का कहना है कि एसआईटी टीम लगातार काम कर रही है और जल्द ही मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग जल्द से जल्द मामले के खुलासे की उम्मीद कर रहे हैं।
न्यूज़ देखो: हत्या के मामलों में तेज और पारदर्शी जांच जरूरी
बलराम यादव हत्याकांड जैसे मामलों में पुलिस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। समय पर प्राथमिकी दर्ज करना, जांच टीम का गठन और तकनीकी साक्ष्य जुटाना न्याय की दिशा में अहम कदम होते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच कितनी तेजी और निष्पक्षता से आगे बढ़ती है और दोषियों को कब तक कानून के कठघरे में लाया जाता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अपराध के खिलाफ समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी
समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और आम जनता दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। किसी भी संदिग्ध घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को देना और जांच में सहयोग करना बेहद जरूरी है।
यदि हम सभी जागरूक रहेंगे और कानून का सम्मान करेंगे, तो समाज को सुरक्षित और बेहतर बनाया जा सकता है।
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