
#लातेहार #महिला_रोजगार : विस्थापित महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण—आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर।
लातेहार के बारी पंचायत में बनहरदी कोयला खनन परियोजना द्वारा सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। यह पहल महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के उद्देश्य से की गई है। कार्यक्रम में दो बैचों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें प्रत्येक बैच में 20 महिलाएं शामिल होंगी। इस प्रयास को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- बारी पंचायत, मातेश्वरी मैरेज हॉल में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू।
- रेणु सहगल, सोमा मुखर्जी, सुस्मिता मलिक ने उद्घाटन किया।
- दो बैचों में 40 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- प्रत्येक बैच की अवधि दो महीने निर्धारित।
- विस्थापित महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर।
लातेहार जिले में बनहरदी कोयला खनन परियोजना के तहत महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। ग्राम पंचायत बारी स्थित मातेश्वरी मैरेज हॉल में सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने और उनकी छिपी प्रतिभाओं को निखारने का प्रयास किया जा रहा है।
भव्य उद्घाटन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन स्वर्णरेखा महिला समिति की अध्यक्षा रेणु सहगल, सोमा मुखर्जी, सुस्मिता मलिक एवं अन्य सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
कार्यक्रम में बनहरदी CMP के महाप्रबंधक एन.के. मलिक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
उद्घाटन के दौरान अधिकारियों ने कहा: “महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।”
दो बैचों में मिलेगा प्रशिक्षण
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो बैचों में संचालित किया जाएगा। प्रत्येक बैच में 20 प्रतिभागी शामिल होंगे और प्रशिक्षण की अवधि दो महीने निर्धारित की गई है।
इस प्रकार कुल 40 महिलाओं को इस कार्यक्रम से सीधे लाभ मिलेगा।
विस्थापित महिलाओं को प्राथमिकता
यह पहल विशेष रूप से विस्थापित परिवारों की महिलाओं को ध्यान में रखकर शुरू की गई है। उन्हें कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
आयोजकों ने कहा: “इस कार्यक्रम से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।”
आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
सिलाई प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं अपने स्तर पर रोजगार शुरू कर सकती हैं। इससे उन्हें आय का स्थायी स्रोत मिलेगा और परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
यह कार्यक्रम महिलाओं की छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का भी माध्यम बनेगा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें आधुनिक तकनीकों और बाजार की जरूरतों के अनुसार कौशल सिखाया जाएगा।
प्रतिभागियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए बनहरदी परियोजना प्रबंधन का आभार व्यक्त किया।
एक प्रतिभागी ने कहा: “यह प्रशिक्षण हमें अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर देगा।”
सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण
यह पहल बनहरदी परियोजना की सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाती है, जिसमें स्थानीय समुदाय के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
न्यूज़ देखो: कौशल विकास से बदलती तस्वीर
लातेहार में शुरू हुआ यह सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम दिखाता है कि सही दिशा में किया गया प्रयास ग्रामीण महिलाओं के जीवन को बदल सकता है। यदि ऐसे कार्यक्रम निरंतर चलते रहे, तो यह क्षेत्र के लिए आर्थिक परिवर्तन का बड़ा माध्यम बन सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आत्मनिर्भर बनें, आगे बढ़ें
हर महिला के अंदर क्षमता होती है, बस उसे अवसर की जरूरत होती है।
कौशल सीखकर हम अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं।
जरूरी है कि हम ऐसे कार्यक्रमों का लाभ उठाएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
आइए, हम सब मिलकर आत्मनिर्भर समाज का निर्माण करें।
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