
#जलडेगा #सिमडेगा #सीएसआर_पहल : प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को निःशुल्क बैग वितरित।
सिमडेगा जिले के जलडेगा में बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के तहत प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के बीच निःशुल्क स्कूल बैग और टॉफी का वितरण किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना था। वितरण समारोह में बैंक अधिकारियों ने बच्चों को मेहनत और लगन से पढ़ाई करने का संदेश दिया। इस पहल से बच्चों में उत्साह का माहौल देखा गया।
- बैंक ऑफ इंडिया, जलडेगा शाखा द्वारा विशेष वितरण समारोह आयोजित।
- स्थानीय प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को निःशुल्क स्कूल बैग और टॉफी प्रदान।
- शिक्षा के प्रति प्रोत्साहन और संसाधनों की कमी दूर करने का उद्देश्य।
- बैंक अधिकारियों ने बच्चों को मेहनत कर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
- ग्रामीण व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को मिला सहयोग।
सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड में देश के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बैंक ऑफ इंडिया ने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर स्थानीय प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को निःशुल्क स्कूल बैग और टॉफी वितरित की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करना और उनकी आवश्यकताओं में सहयोग देना था।
शिक्षा को प्रोत्साहन देने की पहल
बैंक का मानना है कि संसाधनों की कमी किसी भी बच्चे की पढ़ाई में बाधा नहीं बननी चाहिए। इसी सोच के साथ बैंक ऑफ इंडिया की जलडेगा शाखा ने बच्चों को स्कूल बैग उपलब्ध कराए, ताकि वे नियमित रूप से विद्यालय जा सकें और अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
नए बैग पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कई बच्चों ने पहली बार अपना नया स्कूल बैग प्राप्त किया, जिससे उनमें विद्यालय के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला।
सामाजिक सरोकार निभाने की दिशा में कदम
बैंक ऑफ इंडिया लंबे समय से वित्तीय सेवाओं के साथ-साथ सामाजिक उत्थान की दिशा में भी कार्य करता रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से बैंक अपनी जिम्मेदारी निभाता है।
जलडेगा में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बैंकिंग संस्थान केवल आर्थिक लेन-देन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।
बच्चों को दिया प्रेरणादायक संदेश
कार्यक्रम के दौरान बैंक अधिकारियों ने बच्चों को भविष्य में कड़ी मेहनत करने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया।
शाखा प्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया, जलडेगा शाखा ने कहा:
“शिक्षा एक उज्ज्वल भविष्य की नींव है। बैंक ऑफ इंडिया न केवल बैंकिंग संबंधों में विश्वास रखता है, बल्कि समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने के लिए भी प्रतिबद्ध है।”
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने भी बैंक की इस पहल की सराहना की। उनका मानना है कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के मनोबल को बढ़ाते हैं और उन्हें पढ़ाई के प्रति जागरूक बनाते हैं।
ग्रामीण बच्चों के सपनों को मिला सहारा
ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार आर्थिक चुनौतियों से जूझते हैं, जिसके कारण बच्चों की शैक्षणिक जरूरतें पूरी करना कठिन हो जाता है। ऐसे में स्कूल बैग जैसी छोटी लेकिन महत्वपूर्ण सहायता भी बच्चों के लिए बड़ा सहारा बनती है।
बैंक ऑफ इंडिया की यह पहल न केवल बच्चों को जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने तक सीमित है, बल्कि यह उनके सपनों को साकार करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम भी है।
न्यूज़ देखो: शिक्षा में निवेश ही सच्ची सामाजिक जिम्मेदारी
जलडेगा में आयोजित यह कार्यक्रम दर्शाता है कि कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व का सही अर्थ समाज के बुनियादी क्षेत्रों को मजबूत करना है। शिक्षा में किया गया निवेश लंबे समय तक सकारात्मक परिणाम देता है। यदि बैंक और अन्य संस्थान इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाते रहें, तो शिक्षा का स्तर और बेहतर हो सकता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बच्चों के सपनों को पंख दें
हर बच्चे को पढ़ने और आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए। छोटी-सी मदद भी किसी के भविष्य को दिशा दे सकती है।
समाज के सक्षम वर्गों और संस्थाओं को चाहिए कि वे शिक्षा के क्षेत्र में आगे आएं और जरूरतमंद बच्चों का हाथ थामें।
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