दुमका के बासुकीनाथ में मनमौजी घोड़े से सावधान, श्रद्धालु घायल होने से दहशत

दुमका के बासुकीनाथ में मनमौजी घोड़े से सावधान, श्रद्धालु घायल होने से दहशत

author Saroj Verma
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#बासुकीनाथ #सुरक्षा_चेतावनी : मंदिर परिसर में वर्षों से घूम रहा घोड़ा अचानक हमलावर हुआ—लोगों में भय और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
  • बासुकीनाथ धाम में लंबे समय से घूम रहा घोड़ा अचानक हमलावर हो गया।
  • कई स्थानीय लोग और श्रद्धालु घायल, घोड़े के काटने से हालात बिगड़े।
  • पीड़ितों ने जरमुंडी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
  • थानेदार श्यामानंद मंडल ने घोड़े के आतंक से राहत दिलाने का भरोसा दिया।
  • कथित घोड़ा मालिक ने मालिकाना संबंध से इनकार किया।

दुमका जिले के बासुकीनाथ धाम क्षेत्र में वर्षों से बिना रोक-टोक घूम रहा एक घोड़ा अचानक उग्र हो उठा और स्थानीय लोगों तथा श्रद्धालुओं पर हमला करना शुरू कर दिया। इस हमलावर व्यवहार से कई लोग घायल हो गए, जिनमें कुछ श्रद्धालु घोड़े के काटने के कारण लहूलुहान भी हुए। धर्मस्थल होने के कारण रोज़ बड़ी संख्या में लोग बासुकीनाथ पहुंचते हैं, ऐसे में घटना ने क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। घटना के बाद पीड़ितों ने तुरंत जरमुंडी थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की।

घोड़े के हमले से दहशत में श्रद्धालु

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह घोड़ा लंबे समय से आसपास घूमता रहा है, लेकिन कभी इस तरह का आक्रमक रूप सामने नहीं आया था। अचानक हुए हमले ने लोगों को संभलने का मौका भी नहीं दिया और कई श्रद्धालुओं को चोटें आईं। घोड़े के काटने से घायल लोगों ने स्थिति की गंभीरता बताते हुए पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

पुलिस प्रशासन की तत्परता और आश्वासन

शिकायत दर्ज होने के बाद जरमुंडी थाना प्रभारी श्यामानंद मंडल ने लोगों की चिंता को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और घोड़े के आतंक को समाप्त करने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।

मालिकाना पर विवाद—कथित मालिक ने पल्ला झाड़ा

घटना के बाद यह भी चर्चा होने लगी कि घोड़ा आखिर किसका है। स्थानीय स्तर पर सामने आए कथित मालिक ने घोड़ा अपना होने से साफ इनकार कर दिया, जिससे मामले में और जटिलता पैदा हो गई है। घोड़े के वास्तविक मालिक की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, जिससे प्रशासन की चुनौती और बढ़ गई है।

बासुकीनाथ आने वाले श्रद्धालु अब भय के माहौल में हैं और लोगों का कहना है कि जब तक घोड़े को काबू में नहीं किया जाता, तब तक किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहेगी।

न्यूज़ देखो: पवित्र स्थल पर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था जरूरी

बासुकीनाथ जैसे भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी किसी भी समय बड़ी घटना का रूप ले सकती है। यह मामला प्रशासन के लिए चेतावनी है कि आवारा या असुरक्षित जानवरों पर तुरंत नियंत्रण किया जाए और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सावधानी ही सुरक्षा—बासुकीनाथ आने वाले श्रद्धालु सतर्क रहें

धार्मिक स्थानों की शांति तभी सुरक्षित रह सकती है, जब प्रशासन और नागरिक मिलकर सतर्कता बनाए रखें। यदि किसी जानवर में असामान्य व्यवहार दिखे, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें और आसपास के लोगों को भी सचेत करें। अपनी राय कमेंट में लिखें और इस खबर को साझा करें, ताकि अधिक लोग सतर्क रह सकें और किसी दुर्घटना को होने से रोका जा सके।

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Written by

दुमका/देवघर

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