संत गुरु रविदास जयंती समारोह में बोले भरत प्रसाद, समानता और भाईचारे का दिया संदेश

संत गुरु रविदास जयंती समारोह में बोले भरत प्रसाद, समानता और भाईचारे का दिया संदेश

author Satyam Kumar Keshri
1 Views
#सिमडेगा #रविदास_जयंती : हरिपुर गांव में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई संत गुरु रविदास जयंती, समाजसेवी भरत प्रसाद ने दिया सामाजिक समरसता का संदेश।

सिमडेगा जिले के हरिपुर गांव में श्री संत गुरु रविदास जयंती समारोह श्रद्धा, आस्था और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में समाजसेवी भरत प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि पवन जैन एवं अशोक जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में संत गुरु रविदास के विचारों और उनके सामाजिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई।

Join WhatsApp
  • हरिपुर गांव में श्रद्धा के साथ मनाई गई संत गुरु रविदास जयंती
  • समाजसेवी भरत प्रसाद रहे समारोह के मुख्य अतिथि
  • समानता, मानवता और भाईचारे का दिया संदेश
  • बड़ी संख्या में ग्रामीणों और समाज के लोगों की रही उपस्थिति
  • सामाजिक समरसता और सौहार्द पर दिया गया विशेष जोर

समारोह को संबोधित करते हुए समाजसेवी भरत प्रसाद ने संत गुरु रविदास के जीवन, संघर्ष और विचारधारा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत गुरु रविदास ने समाज को समानता, मानवता और भाईचारे का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज भी समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं और एक समरस एवं न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लिए सभी को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।

विनम्रता से भरा संबोधन

कार्यक्रम के दौरान जब आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा भरत प्रसाद को विशेष व्यक्ति बताते हुए सम्मानित किया गया, तो उन्होंने इसे पूरी विनम्रता के साथ स्वीकार करने से इनकार किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा—
“मेरे भाई-बंधुओं ने कहा कि मैं कोई खास हूं, लेकिन मैं साफ कहना चाहता हूं कि मैं कोई खास इंसान नहीं हूं। मैं भी यहीं का बच्चा हूं, आप सभी का ही बच्चा हूं। जितना मोहल्ला आपका है, उतना ही मेरा भी है। हम सब एक ही परिवार हैं।”

संत रविदास के विचार आज भी प्रासंगिक

भरत प्रसाद ने कहा कि संत गुरु रविदास ने जाति-भेद, ऊंच-नीच और सामाजिक असमानताओं के खिलाफ आवाज उठाई और मानवता को सर्वोपरि बताया। आज के समय में जब समाज विभिन्न चुनौतियों से गुजर रहा है, तब संत रविदास के विचार समाज को जोड़ने और एकजुट रखने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

सामाजिक सौहार्द का संदेश

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों और समाज के लोगों ने संत गुरु रविदास के भजनों और विचारों के माध्यम से सामाजिक एकता का संदेश दिया। आयोजन में श्रद्धा, अनुशासन और भाईचारे का माहौल देखने को मिला।

आयोजन में रही व्यापक भागीदारी

समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय समिति और ग्रामीणों की अहम भूमिका रही। अंत में कार्यक्रम सामाजिक सौहार्द, एकता और समानता के संदेश के साथ संपन्न हुआ।

न्यूज़ देखो

संत गुरु रविदास जयंती समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि समाज की मजबूती समानता, मानवता और भाईचारे से ही संभव है।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

सिमडेगा नगर क्षेत्र

🔔

Notification Preferences

error: