बिग ब्रेकिंग: हैदरनगर में करंट की चपेट में आकर पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत, दो घंटे बाद भी बिजली विभाग नदारद

बिग ब्रेकिंग: हैदरनगर में करंट की चपेट में आकर पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत, दो घंटे बाद भी बिजली विभाग नदारद

author News देखो Team
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#हैदरनगर #बिजलीहादसा — जर्जर तार बना दो जिंदगियों के लिए काल, स्थानीयों में उबाल

  • 11 हजार वोल्ट के गिरे हुए तार की चपेट में आकर पिता-पुत्र की मौके पर मौत
  • सिमरसोत गांव के बिंदु मेहता और बिपिन मेहता की पहचान
  • बिजली विभाग को सूचना देने के दो घंटे बाद भी कोई अधिकारी नहीं पहुंचा
  • आक्रोशित ग्रामीणों ने शव उठाने से किया इनकार, मुआवजे की मांग पर अड़े
  • हैदरनगर-जपला मुख्य सड़क को जाम करने की दी चेतावनी
  • पूर्व मुखिया ने विभागीय लापरवाही पर उठाए सवाल, जर्जर तार-पोल को बताया जिम्मेदार

हादसे ने छीन ली दो जिंदगियां, गांव में पसरा मातम

पलामू जिला अंतर्गत हैदरनगर प्रखंड के खड़गड़ा नहर सड़क पर रविवार को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। स्थानीय निवासी बिंदु मेहता और उनके बेटे बिपिन मेहता बाइक से किसी कार्यवश बाहर निकले थे। लेकिन रास्ते में गिरे हुए 11 हजार वोल्ट के हाई वोल्टेज तार की चपेट में आने से दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

सूचना के बाद भी बिजली विभाग की चुप्पी बनी जनाक्रोश का कारण

स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद बिजली विभाग को सूचना दी गई थी, लेकिन दो घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस रवैये ने ग्रामीणों के गुस्से को और भी भड़काया। लोग इसे सीधी लापरवाही मानते हैं और बिजली विभाग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

मुआवजे की मांग को लेकर शव उठाने से ग्रामीणों ने किया इनकार

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम को शव उठाने में भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पीड़ित परिवार को मुआवजा और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक शव नहीं उठाने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर विभाग और प्रशासन जल्द नहीं जागा, तो हैदरनगर-जपला मुख्य सड़क को जाम कर दिया जाएगा।

पूर्व मुखिया का बयान: क्षेत्र में खतरे की घंटी बन चुके हैं तार

पूर्व मुखिया ने कहा:

“बिजली विभाग की लापरवाही अब जानलेवा बन गई है। क्षेत्र में कई जगहों पर तार जमीन पर झूल रहे हैं और खंभे जर्जर हो चुके हैं, लेकिन विभाग कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठा रहा है।” — पूर्व मुखिया

संवेदनहीनता की मिसाल बना बिजली विभाग

इस हादसे ने एक बार फिर से बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब लोगों की जान खतरे में हो और विभाग के अधिकारी मौके पर ना पहुंचें, तो ऐसी संवेदनहीनता पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है। हादसे के बाद से सिमरसोत गांव और आसपास के इलाकों में शोक और आक्रोश का माहौल है।

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