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क्रिसमस और नववर्ष पर सिमडेगा में महंगाई पर बड़ी राहत भरत वेजिटेबल एंड फूड कंपनी की सस्ती सब्जी पहल

#सिमडेगा #महंगाई_राहत : क्रिसमस और नववर्ष पर आमजन को सस्ते दामों में सब्जियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

सिमडेगा में बढ़ती महंगाई के बीच भरत वेजिटेबल एंड फूड कंपनी ने क्रिसमस और नववर्ष पर आम लोगों को राहत देने की पहल की है। कंपनी 22 से 25 दिसंबर तक बाजार समिति परिसर स्थित गोदाम नंबर दो में प्याज, लहसुन, अदरक और आलू की रियायती बिक्री करेगी। इस दौरान निर्धारित मात्रा में उपभोक्ताओं को बेहद कम कीमत पर सब्जियां उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पहल त्योहार के समय घरेलू बजट को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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  • 22 दिसंबर से 25 दिसंबर तक रियायती बिक्री का आयोजन।
  • बाजार समिति परिसर, गोदाम नंबर 2 बिक्री स्थल।
  • प्याज 15 रुपये, लहसुन 100 रुपये प्रति किलो निर्धारित दर।
  • अदरक 50 रुपये और नया आलू 15 रुपये प्रति किलो
  • प्रति व्यक्ति सीमित मात्रा में सब्जी वितरण।
  • सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक बिक्री समय।

सिमडेगा जिले में बढ़ती महंगाई के बीच आम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। क्रिसमस और नववर्ष जैसे त्योहारों के दौरान जब रसोई का खर्च बढ़ जाता है, ऐसे समय में भरत वेजिटेबल एंड फूड कंपनी ने सस्ती दरों पर आवश्यक सब्जियों की बिक्री का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य आम परिवारों को त्योहार के अवसर पर राहत देना और आवश्यक खाद्य वस्तुओं की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

रियायती बिक्री का आयोजन और उद्देश्य

भरत वेजिटेबल एंड फूड कंपनी द्वारा यह विशेष रियायती बिक्री 22 दिसंबर से 25 दिसंबर तक आयोजित की जा रही है। आयोजन स्थल सिमडेगा बाजार समिति परिसर स्थित गोदाम नंबर 2 निर्धारित किया गया है। कंपनी का उद्देश्य है कि सीमित समय के लिए अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को लाभ पहुंचाया जा सके। त्योहारों के समय सब्जियों की कीमतों में अक्सर तेज उछाल देखा जाता है, ऐसे में यह पहल महंगाई से जूझ रहे उपभोक्ताओं के लिए संजीवनी साबित हो सकती है।

सब्जियों की दरें और उपलब्धता

इस रियायती बिक्री के तहत सब्जियों की दरें बाजार भाव से काफी कम रखी गई हैं। प्याज मात्र 15 रुपये प्रति किलो, लहसुन 100 रुपये प्रति किलो, अदरक 50 रुपये प्रति किलो और नया आलू 15 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। यह दरें वर्तमान बाजार मूल्य की तुलना में काफी सस्ती मानी जा रही हैं, जिससे आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

प्रति व्यक्ति निर्धारित सीमा

कंपनी ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि अधिक से अधिक परिवार इस योजना का लाभ उठा सकें, प्रति व्यक्ति खरीद की सीमा तय की है। प्रत्येक व्यक्ति को अधिकतम 10 किलो प्याज, 1 किलो लहसुन और 5 किलो नया आलू दिया जाएगा। इस व्यवस्था से जमाखोरी पर रोक लगेगी और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचेगा।

समय निर्धारण और व्यवस्था

रियायती बिक्री प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक की जाएगी। कंपनी की ओर से आवश्यक व्यवस्था की जा रही है ताकि भीड़ प्रबंधन सुचारू रूप से हो सके और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आयोजन स्थल पर स्टॉक और वितरण प्रणाली को सुव्यवस्थित रखने की तैयारी की गई है।

कंपनी प्रतिनिधि का बयान

भरत वेजिटेबल एंड फूड कंपनी के संचालक भरत प्रसाद ने कहा:
“यह रियायती सेवा केवल चार दिनों के लिए रखी गई है। हमारा उद्देश्य है कि त्योहार के अवसर पर आम लोगों को महंगाई से कुछ राहत मिले और वे बिना अतिरिक्त बोझ के अपने परिवार के लिए आवश्यक सब्जियां खरीद सकें।”

आम लोगों में उत्साह

इस घोषणा के बाद स्थानीय नागरिकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। आमतौर पर त्योहारों के दौरान प्याज और आलू जैसी आवश्यक सब्जियों की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं, जिससे घरेलू बजट प्रभावित होता है। ऐसे में सस्ते दामों पर सब्जियों की उपलब्धता लोगों के लिए राहत भरी साबित होगी। खासकर निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों को इससे सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

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स्थानीय बाजार पर संभावित प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से स्थानीय बाजार में भी कीमतों पर नियंत्रण का अप्रत्यक्ष दबाव बनता है। जब उपभोक्ताओं को वैकल्पिक रूप से सस्ती दरों पर सब्जियां उपलब्ध होती हैं, तो खुले बाजार में भी कीमतें संतुलित रहने की संभावना बढ़ जाती है। यह पहल सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।

न्यूज़ देखो: त्योहार पर राहत की मिसाल बनी यह पहल

भरत वेजिटेबल एंड फूड कंपनी की यह पहल बताती है कि निजी संस्थान भी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए महंगाई से राहत देने में भूमिका निभा सकते हैं। त्योहारों के समय आवश्यक वस्तुओं की सस्ती उपलब्धता आम लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। यह प्रयास अन्य व्यापारिक संस्थानों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

महंगाई के दौर में सहयोग की जरूरत

त्योहार खुशियों का समय होता है, लेकिन महंगाई कई बार इन खुशियों पर असर डाल देती है। ऐसे में जब कोई पहल सीधे आमजन के हित में हो, तो उसका समर्थन और प्रसार जरूरी हो जाता है। यह समय है जागरूक उपभोक्ता बनने का और ऐसी सकारात्मक पहलों को प्रोत्साहित करने का।

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Satyam Kumar Keshri

सिमडेगा नगर क्षेत्र

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