
#कोलेबिरा #सड़क_हादसा : खटखुरा के पास बाइक दुर्घटना में एक युवक की मौत, दूसरा गंभीर घायल।
कोलेबिरा प्रखंड के कोम्बाकेरा पत्राटोली गांव के दो युवक बाइक से लौटते समय खटखुरा के पास सड़क हादसे का शिकार हो गए। इस दुर्घटना में मनिष डुंग डुंग की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि फिल मोन टेटे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर परिजनों ने स्थानीय जनप्रतिनिधि से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस की मदद से आगे की कार्रवाई की गई। यह हादसा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और आपात व्यवस्था की गंभीरता को रेखांकित करता है।
- कोम्बाकेरा पत्राटोली ग्राम के दो युवक बाइक हादसे के शिकार।
- खटखुरा के पास बाइक से गिरने से हुआ हादसा।
- मनिष डुंग डुंग की मौके पर मौत, फिल मोन टेटे घायल।
- भाजपा नेता मुनेश्वर तिर्की ने पुलिस से समन्वय कर मदद दिलाई।
- शव को एंबुलेंस से गुमला सदर पंचनामा के लिए भेजा गया।
कोलेबिरा प्रखंड में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। कोम्बाकेरा पत्राटोली ग्राम निवासी दो युवक किसी काम से बाइक से कुरुम गए हुए थे और लौटने के दौरान यह हादसा हो गया। घटना ने न केवल एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया, बल्कि गांव और आसपास के क्षेत्र में गहरा दुख छोड़ दिया।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय महावीर डुंग डुंग के पुत्र मनिष डुंग डुंग और स्वर्गीय सिमोन टेटे के पुत्र फिल मोन टेटे कल किसी निजी कार्य से अपनी बाइक से कुरुम गए हुए थे। लौटने के क्रम में जब वे खटखुरा के पास पहुंचे, तभी किसी कारणवश बाइक असंतुलित हो गई और दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े। गिरने की वजह से मनिष डुंग डुंग को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि फिल मोन टेटे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल का इलाज जारी
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से घायल फिल मोन टेटे को इलाज के लिए पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। उनकी स्थिति को लेकर परिवार और गांव के लोग चिंतित हैं। चिकित्सकों द्वारा आवश्यक उपचार किया जा रहा है और परिजन लगातार स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ले रहे हैं।
सुबह परिजनों ने मांगी मदद
आज सुबह मृतक के परिजनों ने इस दुखद घटना की जानकारी समाजसेवी सह भाजपा नेता मुनेश्वर तिर्की को दी। सूचना मिलते ही श्री तिर्की ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत प्रशासनिक स्तर पर पहल की। उन्होंने बसिया थाना जाकर पुलिस इंस्पेक्टर से बातचीत की और आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया।
पुलिस की तत्परता और प्रशासनिक कार्रवाई
भाजपा नेता मुनेश्वर तिर्की के प्रयास के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ। पुलिस के समन्वय से एंबुलेंस की व्यवस्था कर मृतक मनिष डुंग डुंग के शव को पंचनामा के लिए गुमला सदर अस्पताल भेजा गया। इस दौरान पुलिस ने विधि-सम्मत प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई शुरू की।
मौके पर मौजूद लोग
घटना और प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौके पर उपस्थित रहे। इनमें वार्ड सदस्य रोशन टेटे, भाजपा नेता महेश सिंह, मेसाक बिलुङ्ग, तथा अन्य परिवारजन शामिल थे। सभी ने शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी और घायल युवक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
गांव में शोक का माहौल
मनिष डुंग डुंग की आकस्मिक मृत्यु से कोम्बाकेरा पत्राटोली ग्राम में शोक का माहौल है। गांव के लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मनिष एक मिलनसार और मेहनती युवक था, जिसकी असमय मृत्यु ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। परिजन गहरे सदमे में हैं और प्रशासन से हर संभव सहयोग की उम्मीद कर रहे हैं।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर ग्रामीण सड़कों की सुरक्षा, बाइक चलाते समय सावधानी और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर सवाल खड़े करता है। खटखुरा जैसे क्षेत्रों में अक्सर सड़क की स्थिति और रात के समय रोशनी की कमी दुर्घटनाओं का कारण बनती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर सतर्कता और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।
प्रशासन और समाज की भूमिका
इस पूरे घटनाक्रम में यह भी सामने आया कि संकट की घड़ी में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय कितना महत्वपूर्ण है। समय पर सूचना, पुलिस की सक्रियता और एंबुलेंस की उपलब्धता से कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकी, हालांकि एक अनमोल जान नहीं बचाई जा सकी।
न्यूज़ देखो: हादसे की त्रासदी और सिस्टम की जिम्मेदारी
यह खबर एक दर्दनाक सड़क हादसे के साथ-साथ यह भी दिखाती है कि ग्रामीण इलाकों में दुर्घटनाओं के बाद त्वरित सहायता कितनी जरूरी है। प्रशासन की कार्रवाई से प्रक्रिया आगे बढ़ी, लेकिन सवाल यह है कि क्या ऐसे हादसों को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हैं। सड़क सुरक्षा, जागरूकता और बुनियादी सुविधाओं पर और गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
एक हादसा कई सवाल और सीख
हर सड़क हादसा हमें सावधानी और जिम्मेदारी की याद दिलाता है। सुरक्षित गति, हेलमेट का उपयोग और सतर्क ड्राइविंग से कई जानें बचाई जा सकती हैं। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क और आपात सेवाएं भी उतनी ही जरूरी हैं।







