
#मेदिनीनगर #राजनीतिक_संवाद : मनरेगा मजदूरों से संवाद कर कांग्रेस ने केंद्र सरकार की नीतियों पर साधा निशाना।
पलामू जिले के पिपरा प्रखंड अंतर्गत डिहरिया गांव में कांग्रेस ने मनरेगा मजदूरों से सीधा संवाद किया। इस दौरान ग्रामीणों ने रोजगार, भुगतान और काम के दिनों में कटौती को लेकर गंभीर शिकायतें रखीं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बिमला कुमारी ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने ग्रामीण भारत में बढ़ती बेरोजगारी को चिंता का विषय बताया।
- पिपरा प्रखंड के डिहरिया गांव में कांग्रेस का ग्रामीण संवाद कार्यक्रम।
- जिला कांग्रेस अध्यक्ष बिमला कुमारी ने मनरेगा पर उठाए सवाल।
- भुगतान में देरी और काम के दिनों में कटौती को बताया गंभीर समस्या।
- केंद्र सरकार की नीतियों को ग्रामीण और मजदूर विरोधी करार।
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।
पलामू जिले के मेदिनीनगर में कांग्रेस पार्टी ने ग्रामीण मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। 15 जनवरी को जिला कांग्रेस अध्यक्ष बिमला कुमारी ने पिपरा प्रखंड के डिहरिया गांव का दौरा कर मनरेगा मजदूरों और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान मजदूरों ने अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखा और केंद्र की नीतियों के प्रति नाराजगी जाहिर की।
मनरेगा को कमजोर करने की साजिश का आरोप
मजदूरों को संबोधित करते हुए बिमला कुमारी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर वी.बी.जी. रामजी कर दिया है, लेकिन यह केवल नाम परिवर्तन नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह गरीबों और मजदूरों के संवैधानिक रोजगार अधिकार को धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश है।
बिमला कुमारी ने कहा:
“बजट में कटौती, समय पर मजदूरी का भुगतान न होना और काम के दिनों में लगातार कमी कर मनरेगा को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। यह गरीबों के सम्मान और आजीविका पर सीधा हमला है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस अन्याय को स्वीकार नहीं करेगी और सड़क से सदन तक मजदूरों के हक की लड़ाई जारी रखेगी।
ग्रामीण भारत की हकीकत उजागर
इस अवसर पर जिला कांग्रेस प्रवक्ता गोपाल सिंह ने कहा कि डिहरिया गांव के मजदूरों की स्थिति पूरे ग्रामीण भारत की वास्तविक तस्वीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा को कागजी योजना बनाकर मजदूरों को हतोत्साहित किया जा रहा है।
गोपाल सिंह ने कहा:
“यह प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि गरीब और मजदूर विरोधी नीति का परिणाम है। कांग्रेस पार्टी इसके खिलाफ पूरी मजबूती से खड़ी है।”
मजदूरों की प्रमुख समस्याएं
ग्रामीणों और मनरेगा मजदूरों ने संवाद के दौरान बताया कि उन्हें समय पर मजदूरी नहीं मिल रही, काम के अवसर सीमित हो गए हैं और रोजगार की अनिश्चितता बढ़ती जा रही है। मजदूरों ने कहा कि इन समस्याओं के कारण उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
ग्रामीणों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने और अपने अधिकारों के लिए एकजुट रहने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम में मौजूद रहे ये नेता
इस संवाद कार्यक्रम में सुमन तिर्की, अरविंद रवि, हेमंत कुमार, सुरेश राम, सत्येंद्र राम, कुंदन, सुधीर चौधरी, विनय पासवान, संतोष राम सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने ग्रामीण मुद्दों को लेकर एकजुटता दिखाई।
न्यूज़ देखो: ग्रामीण रोजगार पर बड़ा सवाल
यह संवाद कार्यक्रम दर्शाता है कि मनरेगा को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में असंतोष गहराता जा रहा है। रोजगार और भुगतान जैसे बुनियादी सवालों पर केंद्र सरकार की नीतियां अब राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा ग्रामीण राजनीति को और धार दे सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
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मजदूरों की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
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