#पांकी #अस्पताल_सुरक्षा : अस्पताल की चारदीवारी पर युवकों द्वारा शराब सेवन को बताया गंभीर लापरवाही।
पलामू जिले के पांकी स्थित अस्पताल परिसर में दिनदहाड़े शराब सेवन का मामला सामने आया है। मरीज से मिलने पहुंचीं भाजपा नेत्री मंजुलता दुबे ने चारदीवारी पर बैठे कुछ युवकों को शराब पीते देखा और इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कड़ी निगरानी और कार्रवाई की मांग की है।
- अस्पताल परिसर में दिनदहाड़े शराब सेवन का आरोप।
- भाजपा नेत्री मंजुलता दुबे ने जताई कड़ी आपत्ति।
- घटना को बताया प्रशासनिक लापरवाही और अनुशासनहीनता।
- मरीजों और परिजनों की भावनाओं से खिलवाड़ का आरोप।
- अस्पताल प्रशासन से नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई की मांग।
पांकी, पलामू। पांकी स्थित सरकारी अस्पताल परिसर में शराब सेवन का मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। भाजपा नेत्री मंजुलता दुबे ने आरोप लगाया है कि जब वे एक मरीज से मिलने अस्पताल पहुंचीं, तो उन्होंने देखा कि कुछ युवक अस्पताल की चारदीवारी पर बैठकर खुलेआम शराब का सेवन कर रहे थे।
उन्होंने इस दृश्य को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की गतिविधियां किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं।
संवेदनशील स्थल पर अनुशासनहीनता का आरोप
मंजुलता दुबे ने कहा कि अस्पताल वह स्थान है जहां मरीज उपचार के लिए आते हैं और उनके परिजन मानसिक तनाव की स्थिति में रहते हैं। ऐसे माहौल में शराब सेवन जैसी गतिविधियां न केवल अनुशासनहीनता हैं, बल्कि यह मरीजों और उनके परिजनों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ भी है।
उन्होंने कहा:
मंजुलता दुबे ने कहा: “अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर दिनदहाड़े शराब पीना घोर आपत्तिजनक है। यह प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है और इसे किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”
गुमटी संचालकों पर भी उठाए सवाल
भाजपा नेत्री ने अस्पताल के सामने रोजगार के नाम पर गुमटी लगाने वाले कुछ लोगों पर भी अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आम जनता की सहानुभूति प्राप्त करने के नाम पर यदि इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, तो यह गलत है।
उनका कहना था कि रोजगार की आड़ में यदि असामाजिक तत्वों को संरक्षण मिल रहा है, तो प्रशासन को इसकी भी जांच करनी चाहिए।
प्रशासन से सख्त निगरानी की मांग
मंजुलता दुबे ने अस्पताल प्रशासन से मांग की कि परिसर में नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड और पुलिस गश्ती की व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई न जाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह प्रवृत्ति बढ़ सकती है, जिससे अस्पताल की गरिमा और सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लग सकता है।
सामाजिक जिम्मेदारी की जरूरत
स्थानीय लोगों का भी मानना है कि अस्पताल परिसर में अनुशासन और शांति बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों को भी जागरूक रहना होगा। किसी भी असामाजिक गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दी जानी चाहिए।
अस्पताल परिसर में शराब सेवन का यह मामला अब स्थानीय प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
न्यूज़ देखो: अस्पताल की गरिमा से समझौता नहीं
अस्पताल केवल इलाज का स्थान नहीं, बल्कि संवेदनशील सामाजिक संस्थान भी है। यहां अनुशासन और शांति का माहौल बनाए रखना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। यदि समय पर सख्ती नहीं बरती गई तो ऐसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। आवश्यक है कि अस्पताल परिसरों को पूरी तरह सुरक्षित और मर्यादित रखा जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें, जिम्मेदारी निभाएं
अस्पताल की गरिमा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
किसी भी असामाजिक गतिविधि को नजरअंदाज न करें।
सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण के लिए प्रशासन का सहयोग करें।
जरूरत पड़े तो आवाज उठाएं और सही कदम की मांग करें।
आपकी सतर्कता ही समाज को सुरक्षित बना सकती है।
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