
#विश्रामपुर #राजनीतिक_धरना : नगर निकाय चुनाव से जुड़ी मांगों को लेकर भाजपा ने आवाज उठाई।
पलामू जिले के विश्रामपुर नगर परिषद कार्यालय के सामने सोमवार को भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय धरना दिया। यह धरना नगर निकाय चुनाव से जुड़ी तीन प्रमुख मांगों के समर्थन में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने राज्य सरकार पर चुनाव प्रक्रिया में देरी करने का आरोप लगाया। धरने के अंत में मांगों से संबंधित ज्ञापन कार्यपालक पदाधिकारी को सौंपा गया।
- विश्रामपुर, पलामू के नगर परिषद कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना।
- धरना प्रदर्शन से पहले 10+2 जनता उच्च विद्यालय के खेल मैदान से जुलूस।
- अध्यक्षता भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष ज्वाला प्रसाद गुप्ता ने की।
- संचालन पूर्व अध्यक्ष बबन राम द्वारा किया गया।
- मुख्य अतिथि प्रदेश कार्य समिति सदस्य डॉ. ईश्वर सागर चंद्रवंशी।
- ज्ञापन कार्यपालक पदाधिकारी जयपाल सिंह को सौंपा गया।
पलामू जिले के विश्रामपुर में मंगलवार को राजनीतिक सरगर्मी उस समय तेज हो गई जब भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं ने नगर परिषद कार्यालय के सामने धरना शुरू किया। यह धरना तीन सूत्री मांगों को लेकर आयोजित किया गया था। इससे पहले भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर में भव्य प्रदर्शन करते हुए जुलूस निकाला। पूरे कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में धरना शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ।
जुलूस के बाद धरना में बदला प्रदर्शन
धरना कार्यक्रम से पहले भाजपाइयों ने विश्रामपुर के 10+2 जनता उच्च विद्यालय के खेल मैदान से प्रदर्शन शुरू किया। कार्यकर्ता हाथों में बैनर और झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए नगर परिषद कार्यालय परिसर पहुंचे। यह जुलूस धीरे–धीरे धरना स्थल में तब्दील हो गया। नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए किया जा रहा है।
धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष ज्वाला प्रसाद गुप्ता ने की, जबकि संचालन पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष बबन राम द्वारा किया गया। अध्यक्षता कर रहे ज्वाला प्रसाद गुप्ता ने कहा कि नगर निकाय चुनाव से जुड़े मुद्दों पर भाजपा लगातार संघर्ष करती रही है और आगे भी करेगी।
नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश कार्य समिति सदस्य डॉ. ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने बैठक और धरना को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार नगर निकाय चुनाव कराना ही नहीं चाहती थी।
डॉ. ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने कहा: “राज्य सरकार न्यायालय के आदेश और केंद्र सरकार के दबाव में मजबूरीवश नगर निकाय चुनाव करा रही है। यदि सरकार की मंशा साफ होती तो चुनाव बहुत पहले हो चुका होता।”
उन्होंने कहा कि भाजपा की तीनों मांगें पूरी तरह जनहित में हैं और इन पर अविलंब निर्णय लिया जाना चाहिए। उनके अनुसार यह धरना राज्यव्यापी रणनीति का हिस्सा है, जिसके माध्यम से सरकार को जवाबदेह बनाया जा रहा है।
क्या हैं भाजपा की तीन प्रमुख मांगें
धरना के दौरान जिन तीन सूत्री मांगों को प्रमुखता से उठाया गया, वे इस प्रकार रहीं—
- राज्य सरकार यथाशीघ्र नगर निकाय चुनाव कराए।
- यह चुनाव दलीय आधार पर कराया जाए।
- बैलेट पेपर के स्थान पर ईवीएम के माध्यम से मतदान हो।
भाजपा नेताओं का कहना है कि इन मांगों के पूरा होने से चुनाव प्रणाली अधिक पारदर्शी और आधुनिक बन सकेगी। तत्काल चुनाव कराने से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी और विकास कार्यों में तेजी आएगी।
धरना समाप्ति के बाद सौंपा गया ज्ञापन
एक दिवसीय धरना कार्यक्रम के शांतिपूर्ण समापन के बाद भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी जयपाल सिंह से मिला। इस दौरान उन्हें मांगों से संबंधित एक लिखित ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया कि यदि सरकार इन मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो भाजपा कार्यकर्ता आने वाले दिनों में और भी बड़ा आंदोलन खड़ा करने को बाध्य होंगे।
प्रदर्शन में शामिल रहे प्रमुख नेता
इस धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाजपा के जिला एवं प्रखंड स्तरीय नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष अमित तिवारी, जिला उपाध्यक्ष रामचंद्र यादव, डॉ. बीपी शुक्ला, राजन पांडेय, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष अमरेश तिवारी, शंभू शरण सिंह, सुशील ठाकुर, रघुवीर चंद्रवंशी, महेंद्र प्रसाद, राधेश्याम सिंह, शशि दीक्षित, रजनीश चंद्रवंशी, शिववंश मिश्रा, बैजनाथ सिंह, श्याम सिंह, राजा राम, मनीष कुमार, जिला कार्यसमिति सदस्य किरण देवी, महिला मोर्चा अध्यक्ष किरण शर्मा, दिनेश शुक्ला, विजय कुमार रवि, सुनील कुमार चौधरी, संतोष राम, संजय ठाकुर, राजकुमार चौधरी, इदरीश हवारी, सिकंदर अली, फिरोज आलम, सलीम अख्तर, अमजद खान, सत्यनारायण सोनी, शंकर चंद्रवंशी, धीरन तिवारी, अर्चना चौधरी, बबीता देवी, विकाश चौबे, विमल चंद्रवंशी, सुनिल चौधरी सहित कई अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
नेताओं की इस व्यापक भागीदारी ने कार्यक्रम को मजबूत और प्रभावी बनाया। कार्यकर्ताओं में नगर निकाय चुनाव को लेकर गहरी दिलचस्पी और उत्साह देखा गया।



न्यूज़ देखो: लोकतांत्रिक संदेश
विश्रामपुर की यह घटना दर्शाती है कि राजनीतिक दल अब चुनावी सुधारों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर अधिक मुखर हो रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह सभी पक्षों की मांगों को गंभीरता से सुने और उचित मंच पर आगे बढ़ाए। क्या सरकार भाजपा की इन मांगों पर त्वरित निर्णय लेगी, यह देखने वाली बात होगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अपने अधिकारों के लिए सजग रहना जरूरी
लोकतंत्र में चुनाव जनता की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। नगर निकाय चुनाव से सीधे शहर और गांव के विकास की दिशा तय होती है। इसलिए हर नागरिक को ऐसी मांगों और आंदोलनों के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
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