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नगर निगम चुनाव से पहले भाजपा का सख्त रुख, कामेश्वर पासवान को कारण बताओ नोटिस जारी

#गिरिडीह #नगरनिगमचुनाव : पार्टी विरोधी गतिविधियों पर सात दिन में मांगा स्पष्टीकरण।

गिरिडीह नगर निगम चुनाव के बीच भाजपा ने अनुशासनहीनता के आरोप में कामेश्वर पासवान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। रांची स्थित प्रदेश कार्यालय से भेजे गए पत्र में उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। उन्हें सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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  • कामेश्वर पासवान को भाजपा ने जारी किया कारण बताओ नोटिस।
  • आरोप — पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता।
  • नोटिस प्रदेश कार्यालय, रांची से जारी।
  • हस्ताक्षर डॉ. प्रदीप वर्मा, प्रदेश महामंत्री सह मुख्यालय प्रभारी।
  • सात दिनों में मांगा गया लिखित स्पष्टीकरण।
  • जवाब असंतोषजनक होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी।

गिरिडीह नगर निगम चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त रुख अपनाते हुए कामेश्वर पासवान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप लगाया गया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश कार्यालय से जारी हुआ नोटिस

भाजपा झारखंड प्रदेश कार्यालय, रांची से जारी पत्र के अनुसार यह नोटिस प्रदेश महामंत्री एवं सांसद सह मुख्यालय प्रभारी डॉ. प्रदीप वर्मा के हस्ताक्षर से भेजा गया है। पत्र में उल्लेख है कि संगठन के संज्ञान में आया है कि कामेश्वर पासवान पार्टी लाइन के विपरीत गतिविधियों में शामिल रहे हैं।

पत्र में इसे गंभीर अनुशासनहीनता करार देते हुए सात दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि तय समय सीमा के भीतर जवाब नहीं देने या असंतोषजनक उत्तर की स्थिति में कठोर अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे।

चुनावी माहौल में सख्ती

नगर निगम चुनाव को लेकर भाजपा संगठन स्तर पर सक्रिय है। पार्टी नेतृत्व ने संकेत दिया है कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या संगठन विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार यह कार्रवाई की गई है। माना जा रहा है कि चुनावी रणनीति को मजबूत बनाए रखने और संगठनात्मक एकजुटता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय निकाय चुनाव में पार्टी की छवि और एकजुटता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, ऐसे में संगठन अनुशासन को लेकर सख्ती दिखा रहा है।

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आगे क्या

अब निगाहें कामेश्वर पासवान के जवाब पर टिकी हैं। यदि वे निर्धारित समय के भीतर अपना पक्ष रखते हैं तो पार्टी नेतृत्व उस पर विचार करेगा। अन्यथा पार्टी संविधान के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई संभव है।

गिरिडीह नगर निगम चुनाव में विभिन्न दलों के बीच मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है और ऐसे में आंतरिक अनुशासन बनाए रखना सभी दलों के लिए चुनौती बना हुआ है।

न्यूज़ देखो: चुनाव में अनुशासन की असली परीक्षा

नगर निगम चुनाव केवल प्रत्याशियों की नहीं, बल्कि दलों की संगठनात्मक क्षमता की भी परीक्षा है। भाजपा का यह कदम संकेत देता है कि पार्टी अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। हालांकि अंतिम निर्णय जवाब और तथ्यों के आधार पर ही होना चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। अब देखना होगा कि इस कार्रवाई का चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

लोकतंत्र में संगठन और जवाबदेही दोनों जरूरी

चुनाव लोकतंत्र का उत्सव है, लेकिन इसके साथ अनुशासन और जवाबदेही भी जरूरी है। राजनीतिक दलों की मजबूती उनके आंतरिक संवाद और स्पष्ट नीति पर निर्भर करती है।

मतदाताओं के लिए भी यह समय है कि वे मुद्दों और कार्यशैली को ध्यान में रखकर निर्णय लें। सजग नागरिक ही स्वस्थ लोकतंत्र की नींव रखते हैं।

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Saroj Verma

दुमका/देवघर

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