
#खलारी #केंद्रीयबजटपरिचर्चा : मंडल स्तर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने बजट को बताया विकास और आत्मनिर्भरता का रोडमैप।
रांची जिले के खलारी प्रखंड सहित ग्रामीण पश्चिमी क्षेत्र के विभिन्न मंडलों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय बजट 2026 को लेकर परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया। यह आयोजन झारखंड भाजपा और रांची जिला ग्रामीण पश्चिमी के जिला अध्यक्ष के दिशा-निर्देश पर हुआ। कार्यक्रम में बजट के प्रमुख प्रावधानों, विकास लक्ष्यों और आर्थिक दृष्टिकोण पर सामूहिक चर्चा की गई। वक्ताओं ने बजट को विकसित भारत की दिशा में एक संतुलित और दूरदर्शी दस्तावेज बताया।
- खलारी मंडल सहित 17 मंडलों में आयोजित हुई बजट परिचर्चा।
- कांके, मांडर और हटिया विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ता रहे शामिल।
- केंद्रीय बजट 2026 को बताया गया विकसित भारत का बजट।
- रक्षा, एआई और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश को अहम बताया गया।
- 7 से 7.5 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि लक्ष्य को बताया गया सशक्त संकेत।
रांची जिला ग्रामीण पश्चिमी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कांके, मांडर और हटिया विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा मंडल स्तर पर केंद्रीय बजट 2026 को लेकर व्यापक परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम झारखंड भाजपा एवं रांची जिला ग्रामीण पश्चिमी के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह के दिशा-निर्देश पर संपन्न हुआ।
खलारी मंडल में आयोजित परिचर्चा कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष अनिल गंझू ने की। इस दौरान सभी मंडलों में कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से बजट के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और इसके दीर्घकालिक प्रभावों पर विचार साझा किए।
मंडल स्तर पर हुआ संगठित संवाद
भाजपा रांची जिला ग्रामीण आईटी सेल सह संयोजक आनंद सिंह ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण पश्चिमी क्षेत्र के कुल 17 मंडलों में यह परिचर्चा आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं ने बजट को केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश के भविष्य की दिशा तय करने वाला रोडमैप बताया।
आनंद सिंह ने कहा:
“सभी मंडलों में कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में केंद्रीय बजट 2026 को विकसित भारत का बजट बताया है। यह बजट समावेशी विकास और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता की सोच को दर्शाता है।”
चुनावी वर्ष में भी संतुलित बजट पर जोर
वक्ताओं ने कहा कि कई राज्यों में चुनावी वर्ष होने के बावजूद यह बजट किसी प्रकार के चुनावी पूर्वाग्रह से मुक्त नजर आता है। उन्होंने इसे “एक भारत, समृद्ध भारत” की अवधारणा को मजबूत करने वाला बजट बताया।
कार्यकर्ताओं ने चर्चा के दौरान कहा कि जब विश्व की अधिकांश अर्थव्यवस्थाएं 2 से 2.5 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही हैं, ऐसे समय में भारत के लिए 7 से 7.5 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर का लक्ष्य तय करना देश की आर्थिक मजबूती और नीति निर्धारण की स्पष्टता को दर्शाता है।
रक्षा बजट और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर फोकस
परिचर्चा के दौरान रक्षा क्षेत्र में बढ़ाए गए बजट को देश की सुरक्षा और रणनीतिक मजबूती के लिए आवश्यक बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता और क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच रक्षा बजट में वृद्धि भारत की संप्रभुता और सैन्य तैयारियों को मजबूत करेगी।
साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के आवंटन को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बताया गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह निवेश न केवल रोजगार सृजन करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर और सशक्त बनाएगा।
कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह और भरोसा
परिचर्चा कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं में बजट को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। वक्ताओं ने कहा कि यह बजट युवा, किसान, मध्यम वर्ग और उद्यमियों सभी के लिए अवसर लेकर आया है। मंडल स्तर पर इस तरह की चर्चाएं कार्यकर्ताओं को सरकार की नीतियों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में मदद करेंगी।

न्यूज़ देखो: नीति और नीयत का स्पष्ट संकेत
केंद्रीय बजट 2026 को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं की यह परिचर्चा दर्शाती है कि पार्टी संगठन स्तर पर नीतियों को समझने और समझाने पर जोर दे रही है। रक्षा, तकनीक और विकास दर जैसे मुद्दों पर स्पष्ट दृष्टिकोण यह संकेत देता है कि सरकार दीर्घकालिक रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। अब देखना होगा कि इन प्रावधानों का लाभ जमीनी स्तर तक कितनी प्रभावी रूप से पहुंचता है।
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विकसित भारत की राह में जनभागीदारी जरूरी
देश का विकास तभी सशक्त होगा जब नीतियों पर संवाद और सहभागिता मजबूत होगी।
केंद्रीय बजट पर ऐसी परिचर्चाएं लोकतांत्रिक चेतना को बढ़ाती हैं।
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