
#चतरा #मारपीट_मामला : बनवार गांव में विवाद के बाद बढ़ा तनाव—पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल।
चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड के बनवार गांव में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों पक्षों की शिकायत पर कुल 17 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। हालांकि गिरफ्तार आरोपियों के परिजनों ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
- बनवार गांव, लावालौंग में दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना।
- पुलिस ने भोला यादव, शिवपूजन यादव, आशीष यादव, रघुनंदन यादव, लोकेश कुमार को किया गिरफ्तार।
- दोनों पक्षों के आवेदन पर 17 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज।
- परिजनों ने पुलिस पर लगाया पक्षपात और एकतरफा कार्रवाई का आरोप।
- घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल, जांच जारी।
चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड अंतर्गत बनवार गांव में आपसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहां दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, लेकिन इस कार्रवाई को लेकर विवाद और बढ़ गया है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, बनवार गांव में किसी आपसी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। दोनों पक्षों के लोगों को चोटें आईं और मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों ने थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर कुल 17 नामजद अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और छापेमारी अभियान चलाकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी और पुलिस कार्रवाई
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भोला यादव, शिवपूजन यादव, आशीष यादव, रघुनंदन यादव और लोकेश कुमार शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन सभी को विधिवत छापेमारी अभियान चलाकर पकड़ा गया और न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार:
“मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की गई है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।”
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
गिरफ्तार आरोपियों के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने दोनों पक्षों को गवाही के नाम पर थाना बुलाया, लेकिन बाद में केवल उनके पक्ष के लोगों को ही गिरफ्तार कर लिया गया।
परिजनों का आरोप है:
“दूसरे पक्ष के लोगों को बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया, जबकि हमारे लोगों को ही हाजत में बंद कर दिया गया।”
पोस्ता खेती को लेकर भी विवाद
परिजनों ने यह भी दावा किया है कि विवाद की जड़ दूसरे पक्ष द्वारा की जा रही अवैध पोस्ता की खेती थी, जिसे पुलिस ने पहले नष्ट किया था। इसी कारण दूसरे पक्ष के लोग नाराज थे और उन्होंने हमला किया।
इस हमले में उनके पक्ष के कई लोग घायल हुए, जिसमें एक व्यक्ति का हाथ टूटने की भी बात सामने आई है। इसके बावजूद परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने दूसरे पक्ष के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
इलाके में तनाव, पुलिस कर रही निगरानी
घटना के बाद बनवार गांव और आसपास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और शांति बनाए रखने के लिए लगातार गश्त कर रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी चाहे किसी भी पक्ष के हों, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
न्यूज़ देखो: निष्पक्ष जांच ही दिलाएगी भरोसा
यह मामला केवल मारपीट का नहीं, बल्कि प्रशासनिक निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों का भी है। जब किसी घटना में दोनों पक्ष शामिल हों, तो कार्रवाई भी संतुलित और पारदर्शी होनी चाहिए। अगर जांच निष्पक्ष नहीं हुई, तो लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है। क्या पुलिस सभी आरोपियों पर समान कार्रवाई करेगी—यह देखना महत्वपूर्ण होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
न्याय और विश्वास दोनों जरूरी
समाज में शांति और विश्वास बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
किसी भी विवाद को हिंसा में बदलने से पहले संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
साथ ही प्रशासन को भी निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आम लोगों का भरोसा बना रहे।
आइए, हम सब मिलकर शांति, कानून और आपसी सम्मान को प्राथमिकता दें।
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