
#बोलबा #बालकल्याणयोजना : आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद बच्चों को प्रायोजन योजना से जोड़ने के लिए अंचल प्रशासन ने किया जागरूकता का आह्वान
- बोलबा प्रखंड में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को प्रायोजन योजना से जोड़ने का अभियान तेज।
- अंचल अधिकारी सुधाशु पाठक ने पात्र बच्चों की पहचान कर लाभ दिलाने की अपील की।
- वार्षिक आय 72,000 रुपये से कम वाले परिवारों के बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ।
- अनाथ, एकल, कोविड, नक्सली हिंसा या गंभीर बीमारी से प्रभावित बच्चों को प्राथमिकता।
- आवश्यक दस्तावेज के साथ अंचल कार्यालय में संपर्क करने का निर्देश।
सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड में जरूरतमंद और वंचित बच्चों को सरकारी प्रायोजन योजना से जोड़ने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उपायुक्त सिमडेगा के निर्देशानुसार जिले के सभी प्रखंडों में इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक पात्र बालक-बालिकाओं को इसका लाभ मिल सके। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों को आर्थिक एवं सामाजिक सहयोग प्रदान करना है, जो किसी कारणवश अभावग्रस्त परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं।
जरूरतमंद बच्चों की पहचान पर दिया जा रहा जोर
अंचल अधिकारी बोलबा सुधाशु पाठक ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रायोजन योजना के तहत 18 वर्ष से कम आयु के बालक-बालिकाओं को लाभ प्रदान किया जाएगा। इसके लिए प्रखंड स्तर पर पात्र बच्चों की पहचान की जा रही है और उन्हें योजना से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह योजना विशेष रूप से उन बच्चों के लिए है जो सामाजिक, आर्थिक या पारिवारिक कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं।
आय मानदंड के तहत मिलेगा योजना का लाभ
प्रायोजन योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए परिवार की वार्षिक आय 72,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर योजना से जोड़ा जाएगा।
इस मानदंड का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तव में जरूरतमंद बच्चों तक सरकारी सहायता पहुंचे और वे शिक्षा व पोषण से वंचित न रहें।
इन श्रेणियों के बच्चों को मिलेगी विशेष प्राथमिकता
अंचल प्रशासन के अनुसार कई विशेष परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों को इस योजना के तहत शामिल किया जा सकता है। इनमें अनाथ बच्चे, जिनके माता-पिता नहीं हैं, एकल अभिभावक वाले बच्चे, कोविड या नक्सली हिंसा में माता-पिता को खो चुके बच्चे, गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चे तथा एचआईवी जैसे रोगों से प्रभावित बच्चे शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त ऐसे बच्चे जो रिश्तेदारों की देखरेख में रह रहे हैं, जिनके माता-पिता कारागृह में हैं, या जो बाल विवाह, बाल श्रम एवं बच्चों के अवैध व्यापार जैसी परिस्थितियों से प्रभावित हैं, उन्हें भी योजना का लाभ दिलाने की व्यवस्था की गई है।
यह पहल बच्चों को संरक्षण, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आवश्यक दस्तावेजों के साथ अंचल कार्यालय में संपर्क का निर्देश
प्रायोजन योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए अभिभावकों एवं संबंधित व्यक्तियों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ अंचल कार्यालय में संपर्क करने का निर्देश दिया गया है।
आवश्यक दस्तावेजों में स्थानीय प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, स्कूल प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र (जहां लागू हो), आधार कार्ड सहित अन्य जरूरी कागजात शामिल हैं।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी दस्तावेजों की जांच के बाद ही पात्रता के अनुसार बच्चों को योजना से जोड़ा जाएगा।
समाज के सहयोग से बढ़ेगा योजना का प्रभाव
अंचल अधिकारी ने समाजसेवियों, पत्रकारों और जागरूक ग्रामीणों से अपील की है कि वे इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चे इसका लाभ प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र बच्चे सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं, इसलिए जन-जागरूकता इस अभियान की सफलता की कुंजी है।
बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
प्रायोजन योजना के माध्यम से प्रशासन का उद्देश्य न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना है, बल्कि बच्चों को शिक्षा, पोषण और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना भी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे बच्चों को समय पर सहायता और मार्गदर्शन मिले, तो वे समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
यह पहल बाल संरक्षण और समावेशी विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जो कमजोर वर्ग के बच्चों को नई उम्मीद देने का कार्य करेगी।

न्यूज़ देखो: जागरूकता ही दिलाएगी योजनाओं का वास्तविक लाभ
प्रायोजन योजना जैसी कल्याणकारी योजनाएं तभी सफल होती हैं जब सही लाभार्थियों तक उनकी जानकारी पहुंचे। प्रशासन के साथ समाज की भागीदारी से ही जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षा, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन मिल सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
हर बच्चे तक पहुंचे अधिकार और अवसर
जरूरतमंद बच्चों की पहचान और सहयोग समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
यदि आपके आसपास कोई पात्र बच्चा है तो उसे योजना से जोड़ने में मदद करें।
सरकारी योजनाओं का सही लाभ दिलाना ही सामाजिक सेवा का सच्चा रूप है।
इस खबर को ज्यादा से ज्यादा साझा करें ताकि कोई भी पात्र बच्चा योजना से वंचित न रहे।
आपकी जागरूकता किसी बच्चे के भविष्य को बदल सकती है।






