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लातेहार सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी: ईमेल मिलते ही पुलिस अलर्ट, कोर्ट परिसर में सघन जांच

#लातेहार #बम_धमकी : सिविल कोर्ट के आधिकारिक ईमेल पर धमकी संदेश मिलने के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई।

लातेहार जिला स्थित सिविल कोर्ट को गुरुवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए ई-मेल के बाद प्रशासन और पुलिस तुरंत अलर्ट हो गए। डीएसपी संजीव मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस ने बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड के साथ पूरे परिसर की सघन जांच कराई। जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

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  • लातेहार सिविल कोर्ट को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली।
  • सुबह करीब 10 बजे न्यायालय के आधिकारिक ईमेल पर आया धमकी भरा संदेश।
  • डीएसपी संजीव मिश्रा और थाना प्रभारी प्रमोद सिन्हा पहुंचे मौके पर।
  • बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने पूरे कोर्ट परिसर की तलाशी ली।
  • जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।

लातेहार जिले के सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद गुरुवार को न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुबह करीब 10 बजे कोर्ट के सरकारी ई-मेल आईडी पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा धमकी भरा संदेश भेजा गया, जिसमें कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। जैसे ही न्यायालय प्रशासन को इस ईमेल की जानकारी मिली, तुरंत पुलिस प्रशासन को सूचित किया गया।

सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया और सुरक्षा के मद्देनजर तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट परिसर में सघन जांच अभियान चलाया गया।

ईमेल मिलते ही पुलिस प्रशासन हुआ सक्रिय

धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस टीम तुरंत सिविल कोर्ट परिसर पहुंची। मौके पर डीएसपी संजीव मिश्रा और थाना प्रभारी प्रमोद सिन्हा पुलिस बल के साथ पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

इसके बाद पूरे न्यायालय परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच अभियान शुरू किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कोर्ट के अंदर और बाहर मौजूद सभी स्थानों की जांच करवाई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी भरे ईमेल को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई और पूरे परिसर की जांच कराई गई।

बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की तलाशी

मामले की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। इन टीमों ने न्यायालय परिसर के सभी कमरों, कार्यालयों, गलियारों और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से तलाशी ली।

जांच के दौरान पुलिस ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि परिसर में कहीं कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु मौजूद न हो। टीमों ने हर संभावित स्थान की सावधानीपूर्वक जांच की।

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लंबे समय तक चली इस जांच प्रक्रिया के बाद राहत की बात यह रही कि परिसर में किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।

एहतियात के तौर पर सुरक्षा बढ़ाई गई

हालांकि जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, लेकिन एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। पुलिस बल को परिसर के आसपास तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जा रही है और कोर्ट परिसर में आने-जाने वाले लोगों पर भी निगरानी रखी जा रही है।

ईमेल भेजने वाले की तलाश में जुटी पुलिस

धमकी भरे ई-मेल के पीछे कौन व्यक्ति या समूह है, इसका पता लगाने के लिए पुलिस की तकनीकी टीम को सक्रिय कर दिया गया है। ईमेल के स्रोत और भेजने वाले की पहचान करने के लिए साइबर स्तर पर जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही धमकी देने वाले व्यक्ति का पता लगाने की कोशिश की जाएगी।

इस घटना के बाद कोर्ट परिसर में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल रहा, लेकिन जांच में कोई खतरा नहीं मिलने के बाद स्थिति सामान्य हो गई।

न्यूज़ देखो: न्यायालयों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल

लातेहार सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी की घटना यह दिखाती है कि न्यायालय जैसे संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा हमेशा मजबूत रहनी चाहिए। हालांकि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर जांच की और किसी भी खतरे को टाल दिया, लेकिन इस तरह की घटनाएं प्रशासन के लिए चेतावनी भी हैं। यह जरूरी है कि साइबर माध्यम से आने वाली धमकियों की जांच तेजी से हो और दोषियों को कड़ी सजा मिले ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सतर्क समाज और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत

आज के दौर में सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है। यदि किसी को भी संदिग्ध गतिविधि या धमकी से जुड़ी जानकारी मिलती है तो उसे तुरंत प्रशासन तक पहुंचाना चाहिए।

ऐसी घटनाएं हमें यह याद दिलाती हैं कि सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर हमेशा सतर्क रहना जरूरी है। प्रशासन, पुलिस और नागरिकों के सहयोग से ही सुरक्षित माहौल बनाया जा सकता है।

यदि आप भी मानते हैं कि न्यायालय और सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, तो इस खबर को जरूर साझा करें। अपनी राय कमेंट में लिखें और जागरूकता फैलाने में अपनी भागीदारी निभाएं।

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Ravikant Kumar Thakur

चंदवा, लातेहार

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