सिमडेगा समाहरणालय में स्तनपान कक्ष और बच्चों के खेलने का स्थान शुरू

सिमडेगा समाहरणालय में स्तनपान कक्ष और बच्चों के खेलने का स्थान शुरू

author Birendra Tiwari
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#सिमडेगा #महिला_सशक्तिकरण : माताओं और बच्चों के लिए सुरक्षित सुविधा का शुभारंभ—डीसी कंचन सिंह ने फीता काटकर दी सौगात
  • सिमडेगा समाहरणालय भवन में स्तनपान कक्ष और बच्चों के खेलने का स्थान बनाया गया।
  • उद्घाटन उपायुक्त कंचन सिंह ने फीता काटकर किया।
  • पहल का उद्देश्य माताओं और बच्चों को सुरक्षित व अनुकूल वातावरण देना है।
  • स्तनपान कराने वाली माताओं को अब मिलेगा सुविधाजनक स्थान
  • मौके पर डीडीसी दीपांकर चौधरी, समाज कल्याण पदाधिकारी सुरजमुनी कुमारी समेत कई अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।

माताओं और बच्चों के लिए नई सुविधा

सिमडेगा के समाहरणालय भवन के ग्राउंड फ्लोर में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। यहां स्तनपान कराने वाली माताओं और छोटे बच्चों के लिए Feeding Room cum Children Play Area तैयार किया गया है। बुधवार को इसका उद्घाटन उपायुक्त सिमडेगा कंचन सिंह ने फीता काटकर किया।

सुरक्षित और अनुकूल वातावरण का प्रयास

इस कक्ष की शुरुआत का उद्देश्य माताओं को एक ऐसा स्थान उपलब्ध कराना है जहां वे निःसंकोच और सुरक्षित तरीके से स्तनपान करा सकें। साथ ही छोटे बच्चों के लिए खेलने और व्यस्त रहने की व्यवस्था भी की गई है। यह सुविधा न केवल माताओं को सहूलियत देगी बल्कि समाहरणालय आने वाले परिवारों के लिए भी राहत का साधन बनेगी।

अधिकारियों और नागरिकों की उपस्थिति

उद्घाटन अवसर पर उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी और जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुरजमुनी कुमारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीण और अधिकारी इस पहल के गवाह बने। उपस्थित लोगों ने उपायुक्त की इस पहल की सराहना की और इसे महिला एवं बाल हितैषी कदम बताया।

न्यूज़ देखो: मातृत्व और बाल कल्याण के लिए संवेदनशील पहल

सिमडेगा प्रशासन की यह पहल बताती है कि सरकारी कार्यालयों में भी मातृत्व और बाल हित को प्राथमिकता दी जा सकती है। स्तनपान कक्ष और खेल क्षेत्र की व्यवस्था प्रशासन की दूरदर्शिता और संवेदनशीलता को दर्शाती है। ऐसे कदम माताओं की झिझक को कम करेंगे और बच्चों को सहज वातावरण देंगे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

संवेदनशील समाज की ओर कदम

यह पहल केवल सुविधा नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का संदेश है। जब प्रशासन और समाज मिलकर मातृत्व और बाल कल्याण पर ध्यान देंगे तभी वास्तविक सशक्तिकरण संभव होगा। आप भी इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट करें और अधिक से अधिक लोगों तक इस प्रेरक पहल को पहुंचाएं।

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सिमडेगा

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