
#बरवाडीह #शैक्षणिक_उत्सव : रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रेरक घोषणाओं के साथ मना वार्षिक समारोह।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत कुटमू चौक स्थित ब्राइट फ्यूचर रेसिडेंशियल स्कूल में 1 फरवरी 2026 को वार्षिक उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम ने शिक्षा के साथ सांस्कृतिक विकास के महत्व को रेखांकित किया।
- ब्राइट फ्यूचर रेसिडेंशियल स्कूल, कुटमू चौक में आयोजित हुआ वार्षिक उत्सव।
- 1 फरवरी 2026 को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति।
- जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर सहित कई विशिष्ट अतिथि रहे मौजूद।
- विद्यार्थियों ने नृत्य, गीत और नाटक से दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध।
- स्कूल प्रबंधन ने अनाथ बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा की घोषणा की।
बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के कुटमू चौक स्थित ब्राइट फ्यूचर रेसिडेंशियल स्कूल में रविवार, 1 फरवरी 2026 को वार्षिक उत्सव समारोह उत्साह, उल्लास और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। विद्यालय परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था, जहां सुबह से ही बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों की भीड़ उमड़ने लगी थी। यह आयोजन न केवल छात्रों की प्रतिभा को मंच देने का अवसर बना, बल्कि शिक्षा के साथ संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों के महत्व को भी सामने लाया।
गणमान्य अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बरवाडीह पश्चिमी जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर उपस्थित रहीं। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर मेघा श्रीराम डाल्टन, बेतला वन क्षेत्र पदाधिकारी उमेश कुमार दुबे तथा फोरेस्टर संतोष कुमार सिंह ने समारोह की शोभा बढ़ाई।
सभी अतिथियों का स्वागत विद्यालय के डायरेक्टर विनित कुमार चौधरी द्वारा फूल माला, गुलदस्ता एवं शॉल भेंट कर सम्मानपूर्वक किया गया। अतिथियों ने विद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में इस तरह के शैक्षणिक संस्थान बच्चों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने जीता दिल
वार्षिक उत्सव का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। बच्चों ने देशभक्ति, सामाजिक संदेश और पारिवारिक मूल्यों पर आधारित नृत्य, गीत और लघु नाटकों की प्रस्तुति दी। मंच पर बच्चों का आत्मविश्वास और अनुशासन देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
हर प्रस्तुति के बाद दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा। अभिभावकों ने बच्चों की प्रतिभा को देखकर गर्व महसूस किया और विद्यालय के शिक्षकों की मेहनत की सराहना की।
शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास पर जोर
इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर विनित कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में कहा:
“ब्राइट फ्यूचर रेसिडेंशियल स्कूल का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें हर मंच प्रदान करना है। शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व को निखारते हैं।”
उन्होंने बताया कि विद्यालय में समय-समय पर शैक्षणिक, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है, ताकि बच्चों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और रचनात्मकता का विकास हो सके।
मानवीय पहल की हुई सराहना
कार्यक्रम के दौरान डायरेक्टर विनित कुमार चौधरी ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील घोषणा करते हुए कहा कि:
“जिन बच्चों के माता-पिता दोनों नहीं हैं, उन्हें ब्राइट फ्यूचर रेसिडेंशियल स्कूल की ओर से निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी।”
इस घोषणा पर उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने तालियों के साथ इस पहल का स्वागत किया। लोगों ने इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय सामाजिक कदम बताया।
शिक्षकों और स्टाफ का योगदान
वार्षिक उत्सव को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों और स्टाफ का अहम योगदान रहा। कार्यक्रम की तैयारियों से लेकर मंच संचालन तक सभी ने समर्पण भाव से कार्य किया। इस अवसर पर शिक्षिकाएं निलिशा, काजल, पिंकी, नेहा, तनु तथा शिक्षक राहुल, आरके मेहता सहित समस्त विद्यालय परिवार की भूमिका सराहनीय रही।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में शामिल अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था और अनुशासन की प्रशंसा की। उनका कहना था कि इस तरह के आयोजन बच्चों को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं। स्थानीय लोगों ने भी विद्यालय को क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक पहल बताया।



न्यूज़ देखो: शिक्षा और संस्कार का संतुलन
ब्राइट फ्यूचर रेसिडेंशियल स्कूल का वार्षिक उत्सव यह दर्शाता है कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है। बच्चों को मंच देकर उनकी प्रतिभा को निखारना और सामाजिक जिम्मेदारी निभाना किसी भी शिक्षण संस्थान की पहचान होती है। इस आयोजन ने स्पष्ट किया कि यदि शिक्षा के साथ संस्कार और संवेदनशीलता जुड़ जाए, तो समाज को मजबूत आधार मिलता है।
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शिक्षा से ही बनेगा उज्ज्वल भविष्य
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