#रांची – विधानसभा सत्र की चुनौतियों पर डुमरी विधायक का खुलासा:
- झारखंड विधानसभा का बजट सत्र समाप्त, विधायकों की दिनचर्या परीक्षा जैसी रही
- डुमरी विधायक जयराम महतो बोले – “बोर्ड परीक्षा की तरह, सोने तक का समय नहीं”
- सुबह 11 बजे से रात 3 बजे तक विधानसभा कार्यवाही और तैयारी में बीते दिन
- प्रश्नोत्तर, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और डेटा कलेक्शन में व्यस्तता
“दिन में सदन, रात में तैयारी – बजट सत्र ने नहीं दी फुर्सत”
झारखंड विधानसभा का बजट सत्र विधायकों के लिए किसी बोर्ड परीक्षा से कम नहीं रहा। डुमरी विधायक जयराम महतो ने खुलासा किया कि सदन की कार्यवाही में दिनभर व्यस्त रहने के बाद, रातभर अगली चर्चा की तैयारी करनी पड़ती थी। उन्होंने बताया कि बजट सत्र के दौरान सोने तक का समय नहीं मिल पाता था, क्योंकि हर दिन नए मुद्दों, प्रश्नों और प्रस्तावों की तैयारी करनी होती थी।
व्यस्त दिनचर्या, चुनौतीपूर्ण कार्य
विधायक महतो के अनुसार, सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक सदन की कार्यवाही चलती थी, जिसमें प्रश्नोत्तर, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और विभिन्न मुद्दों पर बहस शामिल थी। लेकिन असली मेहनत रात में शुरू होती थी, जब अगले दिन के सवालों और बहस के लिए डेटा कलेक्ट करना पड़ता था।
- शून्यकाल की सूचना आधी रात 12:01 बजे विधानसभा जाकर जमा करनी पड़ती थी।
- तैयारी करते-करते अक्सर रात के 3 बज जाते थे।
- बजट सत्र से पहले सोचा था कि शाम को रांची घूमने का समय मिलेगा, लेकिन कमरे से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया।
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