
#लातेहार #नक्सल_गिरफ्तारी : पीएलएफआई के सक्रिय सदस्य लोकेंद्र यादव को पुलिस ने हेरहंज–पांकी मार्ग से दबोचा — क्षेत्र में लगातार रंगदारी और धमकी की घटनाओं में था शामिल
- पीएलएफआई संगठन का कुख्यात नक्सली लोकेंद्र यादव गिरफ्तार।
- गिरफ्तारी हेरहंज–पांकी मुख्य मार्ग पर पुलिस की विशेष छापेमारी में हुई।
- आरोपी पलामू जिले के पांकी निवासी, लेकिन हेरहंज थाना क्षेत्र में सक्रिय था।
- संवेदकों और ठेकेदारों से व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए रंगदारी मांगता था।
- लातेहार एसपी कुमार गौरव के निर्देश पर थाना प्रभारी कृष्ण पाल सिंह पवैया के नेतृत्व में टीम बनी।
- पुलिस कई दिनों से क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन और छापेमारी चला रही थी।
लातेहार पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पीएलएफआई के कुख्यात नक्सली लोकेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, इलाके में लंबे समय से आतंक फैलाने वाला यह उग्रवादी हेरहंज थाना क्षेत्र में सक्रिय था और लगातार संवेदकों, ठेकेदारों तथा स्थानीय कामगारों से रंगदारी वसूलने का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने एसपी कुमार गौरव के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर छापेमारी की और हेरहंज–पांकी रोड से उसे पकड़ा।
कौन है कुख्यात नक्सली लोकेंद्र यादव?
लोकेंद्र यादव पलामू जिले के पांकी का रहने वाला है, लेकिन पिछले कुछ महीनों से लातेहार जिले के हेरहंज थाना क्षेत्र में पीएलएफआई को सक्रिय करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस के अनुसार, यह संगठन की गतिविधियों को बढ़ाने के साथ-साथ नए युवाओं को जोड़ने की योजना बना रहा था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, वह अपने आप को कभी राकेश जी और कभी विकास जी के नाम से परिचय देकर ठेकेदारों और संवेदकों को धमकी देता था।
व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए देता था धमकी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि लोकेंद्र यादव रंगदारी के लिए मुख्य रूप से व्हाट्सएप कॉलिंग का इस्तेमाल करता था। वह इलाके में सड़क निर्माण, पुल निर्माण और खनन कार्य से जुड़े लोगों को फोन कर पैसे की मांग करता था। पैसे न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता था।
यह लगातार गांवों में दहशत फैला रहा था, जिससे स्थानीय विकास योजनाएं भी प्रभावित हो रही थीं।
एसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम
जैसे ही सूचना मिली कि लोकेंद्र यादव दोबारा इलाके में सक्रिय हो गया है और धमकी भरे कॉल कर रहा है, लातेहार एसपी कुमार गौरव ने तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया।
इसके बाद थाना प्रभारी कृष्ण पाल सिंह पवैया के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम बनाई गई, जिसमें हेरहंज थाना पुलिस और तकनीकी सेल के अधिकारी शामिल थे।
टीम ने कई दिनों तक इलाके में गुप्त सुरागों के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया।
लगातार निगरानी के बाद दबोचा गया नक्सली
पुलिस टीम ने रणनीतिक तरीके से उसके मूवमेंट की जानकारी जुटाई। इसी बीच सूचना मिली कि वह हेरहंज–पांकी मुख्य मार्ग से गुजरने वाला है।
एसपी कुमार गौरव ने कहा: “लातेहार में नक्सली गतिविधियों को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। पुलिस की तत्परता से एक बड़े उग्रवादी को गिरफ्तार किया गया है।”
पुलिस ने घेराबंदी कर मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलने की उम्मीद है, जो आगे की कार्रवाई में सहायक होंगी।
इलाके में राहत की भावना, विकास कार्यों में मिलेगी रफ्तार
लोकेंद्र यादव की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की है। संवेदकों और ठेकेदारों का कहना है कि पिछले कुछ समय से वह निर्माण कार्यों में बाधा डाल रहा था।
गांवों के सड़क और पुल निर्माण से जुड़े अधिकारी भी अब उम्मीद कर रहे हैं कि कार्य बिना किसी डर के आगे बढ़ेगा। पुलिस का कहना है कि पीएलएफआई के बचे हुए नेटवर्क को भी जल्द खत्म किया जाएगा।
न्यूज़ देखो: नक्सल-मुक्त लातेहार की दिशा में बड़ा कदम
लोकेंद्र यादव की गिरफ्तारी न सिर्फ पुलिस की सफलता है, बल्कि यह क्षेत्र में चल रही नक्सली गतिविधियों पर एक मजबूत प्रहार है। यह घटना बताती है कि प्रशासन सक्रिय है और अपराधियों को कानून के दायरे में लाने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्रवाई से विकास परियोजनाओं को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
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सुरक्षा का संकल्प, जागरूकता का संदेश
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नागरिकों के सहयोग और जागरूकता से भी यह लड़ाई मजबूत होती है। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत प्रशासन को अवगत कराना हर नागरिक का कर्तव्य है।







