
#खलारी #दुर्गापूजा : महाअष्टमी पर संधि बेला में पूजा और आरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
रांची जिले के खलारी क्षेत्र के मैकलुस्कीगंज स्थित लपरा शिव मंदिर में चैती दुर्गा पूजा धूमधाम से मनाई जा रही है। महाअष्टमी के दिन मां महागौरी की विशेष पूजा-अर्चना वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई। संधि बेला में सात्विक बलि और महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल बना हुआ है।
- लपरा शिव मंदिर, मैकलुस्कीगंज में चैती दुर्गा पूजा का आयोजन।
- महाअष्टमी पर मां महागौरी की विधिवत पूजा-अर्चना।
- पंडित जय प्रकाश पाण्डेय और लालू पाठक ने संपन्न कराई पूजा।
- संधि बेला में सात्विक बलि और महाआरती में श्रद्धालुओं की भीड़।
- आशीष चौरसिया, अभिषेक पांडे सहित कई लोग रहे मौजूद।
मैकलुस्कीगंज स्थित लपरा शिव मंदिर परिसर में चैती दुर्गा पूजा का उत्सव पूरे धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। मंदिर परिसर में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष भक्तों की भीड़ उमड़ रही है और पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
महाअष्टमी के अवसर पर गुरुवार को मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर मां आदिशक्ति की आराधना की और उनके आशीर्वाद की कामना की।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई पूजा
महाअष्टमी के दिन मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। लोग पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए मंदिर पहुंचे और विधिविधान से पूजा में शामिल हुए।
पूजा का संचालन पंडित जय प्रकाश पाण्डेय और लालू पाठक द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। उन्होंने सभी देवी-देवताओं एवं मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का आवाहन कर पूजा संपन्न कराई।
पंडित जय प्रकाश पांडे ने कहा: “मां महागौरी की आराधना करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और भक्तों को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।”
संधि बेला में सात्विक बलि और महाआरती
महाअष्टमी और नवमी के संधिकाल में परंपरा के अनुसार सात्विक संधि बलि दी गई। इस दौरान मां को भथुआ, केतारी, खीरा, नारियल, फल, फूल, मिठाई और अनाज का भोग अर्पित किया गया।
इसके पश्चात महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूब गया।
नवपत्रिका प्रवेश और अन्य अनुष्ठान
महाअष्टमी से एक दिन पहले बुधवार को मां कालरात्रि की पूजा एवं नवपत्रिका प्रवेश की रस्म भी पूरी की गई थी। गुरुवार को दोपहर 2:10 बजे देवी-देवताओं का विशेष आवाहन किया गया।
पूरे अनुष्ठान के दौरान परंपराओं और विधियों का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हुआ।
नवमी पर होगा कन्या पूजन और हवन
पंडित जय प्रकाश पांडे ने जानकारी दी कि नवमी तिथि को मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाएगी। इस दिन कन्या पूजन, हवन और कन्या भोजन का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अष्टमी और नवमी के दिन व्रत रखने से आत्मशुद्धि, मानसिक शांति और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
श्रद्धालुओं की रही व्यापक भागीदारी
इस आयोजन में आशीष चौरसिया, अभिषेक पांडे, चंदन गुप्ता, मनीष गिरि, रूपेश चौरसिया, हरि रजक, जय प्रकाश यादव, मनोज गिरि, विजय गुप्ता, रमेश गुप्ता, गणेश गुप्ता, प्रदीप यादव, सुनील गिरि, चंदर सिंह सहित दर्जनों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
महिलाओं और पुरुषों की बड़ी संख्या ने पूजा-अर्चना में भाग लेकर अपनी आस्था प्रकट की।
भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम
चैती दुर्गा पूजा का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने का माध्यम भी है।
मंदिर परिसर में उमड़ी भीड़ और भक्ति गीतों की गूंज इस बात का प्रमाण है कि आज भी लोग अपनी परंपराओं से गहराई से जुड़े हुए हैं।

न्यूज़ देखो: आस्था के साथ परंपरा की जीवंत झलक
लपरा शिव मंदिर में आयोजित यह दुर्गा पूजा दर्शाती है कि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में धार्मिक परंपराएं आज भी उतनी ही मजबूत हैं। विधि-विधान के साथ पूजा और लोगों की भागीदारी सामाजिक एकता को भी मजबूत करती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ऐसे आयोजनों को भविष्य में और बेहतर तरीके से कैसे संरक्षित किया जाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ जीवन में सकारात्मकता लाएं
दुर्गा पूजा हमें शक्ति, संयम और विश्वास का संदेश देती है।
ऐसे पर्व हमें आत्मशुद्धि और मानसिक शांति की ओर प्रेरित करते हैं।
आइए, हम भी इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में सकारात्मकता फैलाएं।
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