News dekho specials
Simdega

उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ कोलेबिरा लचरागढ़ बानो में श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ चैती छठ महापर्व

#कोलेबिराबानो #छठमहापर्व : चार दिवसीय अनुष्ठान के बाद उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रतियों ने पूर्णाहुति दी।

कोलेबिरा, लचरागढ़ और बानो क्षेत्र में चैती छठ महापर्व के अंतिम दिन व्रतियों ने उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का समापन किया। चार दिनों तक चले इस पर्व में विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बुधवार सुबह ऊषा अर्घ्य के साथ पूजा पूर्ण हुई और व्रतियों ने छठी मैया से सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का वातावरण बना रहा।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • कोलेबिरा, लचरागढ़, बानो में छठ महापर्व का हुआ भव्य समापन।
  • उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रतियों ने पूर्ण की चार दिवसीय साधना।
  • बुधवार सुबह ऊषा अर्घ्य के साथ संपन्न हुआ पर्व।
  • घाटों पर उमड़ी भारी भीड़, श्रद्धालुओं ने मांगी सुख-समृद्धि।
  • छठी मैया और भगवान सूर्य की विधि-विधान से हुई आराधना।

कोलेबिरा, लचरागढ़ और बानो क्षेत्र में लोक आस्था का महापर्व चैती छठ पूजा श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हो गया। चार दिनों तक चले इस पवित्र अनुष्ठान के अंतिम दिन बुधवार सुबह व्रतियों ने उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रत की पूर्णाहुति की। इस दौरान विभिन्न जलाशयों और घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

ऊषा अर्घ्य के साथ व्रत की पूर्णाहुति

छठ पूजा के चौथे दिन प्रातःकाल व्रतियों ने जलाशयों में खड़े होकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। इस ऊषा अर्घ्य के साथ चार दिनों से चल रहा व्रत संपन्न हुआ। व्रती महिलाओं और पुरुषों ने पूरे विधि-विधान के साथ भगवान सूर्य की वंदना की और छठी मैया से अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

विभिन्न घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

कोलेबिरा, लचरागढ़ और बानो के विभिन्न नदी-तालाबों और जलाशयों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का जमावड़ा लग गया था। व्रतियों के साथ उनके परिजन भी बड़ी संख्या में घाटों पर पहुंचे और पूजा-अर्चना में शामिल हुए। घाटों पर छठ गीतों और मंत्रोच्चार की गूंज से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

सूर्य उपासना का विशेष महत्व

छठ महापर्व में भगवान सूर्य की उपासना का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य ही एकमात्र ऐसे देवता हैं जो प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देते हैं और संपूर्ण जीवन के आधार हैं। सूर्य की ऊर्जा से ही पृथ्वी पर जीवन संभव है और सभी जीव-जंतु तथा वनस्पतियां उनसे ही पोषित होती हैं।

छठ पूजा के दौरान केवल सूर्य देव ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी उषा और प्रत्यूषा की भी आराधना की जाती है। प्रातःकाल सूर्य की पहली किरण ऊषा और संध्याकाल अंतिम किरण प्रत्यूषा के रूप में पूजी जाती है। इसी कारण छठ पर्व में संध्याकालीन और प्रातःकालीन दोनों अर्घ्य का विशेष महत्व होता है।

छठी मैया से मांगी सुख-समृद्धि

व्रतियों ने जल में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और छठी मैया से अपने परिवार की खुशहाली, सुख और सौभाग्य की कामना की। ऐसी मान्यता है कि छठ माता भगवान सूर्य की बहन हैं और उन्हें प्रसन्न करने के लिए यह व्रत किया जाता है।

इस दौरान श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष भी इसी प्रकार छठ पर्व मनाने की कामना की और अपने जीवन में सुख-शांति की प्रार्थना की। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला।

News dekho specials

आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम

छठ महापर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। इस पर्व के माध्यम से लोग प्रकृति, सूर्य और जल के महत्व को समझते हैं और उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं।

घाटों पर स्वच्छता, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। हर उम्र के लोगों ने पूरे मनोयोग से इस पर्व में भाग लिया और इसे सफल बनाया।

न्यूज़ देखो: परंपरा और प्रकृति से जुड़ाव का संदेश देता छठ महापर्व

चैती छठ महापर्व यह दर्शाता है कि हमारी परंपराएं केवल आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रकृति के प्रति सम्मान और संतुलन का भी संदेश देती हैं। सूर्य और जल जैसे तत्वों की पूजा हमें पर्यावरण संरक्षण की सीख भी देती है। सवाल यह है कि क्या हम इस भावना को अपने दैनिक जीवन में भी उतार पा रहे हैं? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आस्था के साथ जिम्मेदारी भी निभाएं, प्रकृति और परंपरा को दें सम्मान

छठ महापर्व हमें यह सिखाता है कि प्रकृति और परंपरा दोनों का सम्मान करना हमारी जिम्मेदारी है। केवल पर्व मनाना ही नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले संदेशों को अपने जीवन में अपनाना भी जरूरी है।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Birendra Tiwari

सिमडेगा

Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
🔔

Notification Preferences

error: