News dekho specials
Palamau

मेदिनीनगर में भगत सिंह की प्रतिमा का रंग बदलने पर बवाल, लोगों ने जताया कड़ा विरोध

#मेदिनीनगर #प्रतिमा_विवाद : हॉस्पिटल चौक पर प्रतिमा का रंग बदले जाने से लोगों में नाराजगी बढ़ी।

पलामू जिले के मेदिनीनगर स्थित हॉस्पिटल चौक पर शहीद भगत सिंह की प्रतिमा का रंग बदले जाने से विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना अनुमति प्रतिमा के स्वरूप में बदलाव किया गया। घटना के बाद लोगों ने विरोध जताते हुए प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामले पर प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • मेदिनीनगर हॉस्पिटल चौक स्थित प्रतिमा को लेकर विवाद।
  • शहीद भगत सिंह की प्रतिमा का रंग बदले जाने पर लोगों में आक्रोश।
  • पहले मिलिट्री थीम वाला रंग, अब चेहरे को किया गया पिंक रंग
  • स्थानीय लोगों ने इसे सम्मान के साथ खिलवाड़ बताया।
  • प्रशासन से जांच और कार्रवाई की उठी मांग।

पलामू जिले के मेदिनीनगर में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा को लेकर अचानक विवाद खड़ा हो गया है। हॉस्पिटल चौक स्थित इस प्रतिमा का रंग बदलने के बाद स्थानीय नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यह बदलाव बिना किसी पूर्व सूचना या जनसहमति के किया गया है, जो उचित नहीं है।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, मेदिनीनगर के प्रमुख स्थल हॉस्पिटल चौक पर स्थापित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पहले मिलिट्री थीम के अनुरूप रंगी हुई थी। यह रंग योजना उनके क्रांतिकारी व्यक्तित्व और ऐतिहासिक पहचान को दर्शाती थी।

लेकिन हाल ही में प्रतिमा के रंग में बदलाव कर दिया गया, जिसमें चेहरे को पिंक रंग में रंगा गया है। इस बदलाव के बाद स्थानीय लोगों ने इसे आपत्तिजनक बताया और विरोध जताना शुरू कर दिया।

लोगों में नाराजगी, मौके पर जुटी भीड़

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। लोगों ने साफ तौर पर कहा कि शहीद भगत सिंह जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा के साथ इस तरह का बदलाव उनके सम्मान के खिलाफ है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि:

“शहीदों की पहचान और उनके प्रतीकों के साथ छेड़छाड़ किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जा सकती।”

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

News dekho specials

बिना अनुमति बदलाव पर उठे सवाल

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि प्रतिमा का रंग किसके निर्देश पर बदला गया और क्या इसके लिए प्रशासनिक अनुमति ली गई थी या नहीं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस तरह का बदलाव बिना किसी आधिकारिक प्रक्रिया के किया गया है, जो नियमों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित प्रतिमाओं में बदलाव के लिए स्पष्ट प्रक्रिया होती है, जिसका पालन नहीं किया गया।

प्रशासन की चुप्पी से बढ़ी चिंता

घटना के बाद अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इससे लोगों की नाराजगी और भी बढ़ गई है।

लोगों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द इस मामले में हस्तक्षेप कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि विवाद और न बढ़े।

न्यूज़ देखो: सम्मान के मुद्दे पर संवेदनशीलता जरूरी

यह मामला केवल रंग बदलने का नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्रीय नायकों के सम्मान से जुड़ा हुआ है। सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित प्रतिमाएं समाज की भावनाओं से सीधे जुड़ी होती हैं, ऐसे में किसी भी बदलाव से पहले व्यापक सहमति और संवेदनशीलता जरूरी है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करे। क्या इस मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी—यह देखना अहम होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अपने नायकों के सम्मान की जिम्मेदारी हमारी भी

शहीदों का सम्मान केवल शब्दों से नहीं, बल्कि हमारे व्यवहार और सोच से भी झलकता है।
ऐसे मामलों में जागरूक रहना और सही आवाज उठाना हर नागरिक का कर्तव्य है।
आइए, हम अपने महान स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान को बनाए रखने का संकल्प लें।
अगर कहीं भी ऐसी लापरवाही दिखे, तो उसे नजरअंदाज न करें।
इस खबर पर अपनी राय जरूर दें, इसे शेयर करें और समाज में जागरूकता फैलाएं।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
🔔

Notification Preferences

error: