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चतरा पुलिस की बड़ी कामयाबी: ब्लाइंड गोल्ड लूटकांड का खुलासा, बिहार के दो हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार

#चतरा #सोना_लूटकांड : 21 दिसंबर को हुई स्वर्ण व्यवसायी से लूट का एसआईटी ने किया सफल उद्भेदन।

चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र में 21 दिसंबर को हुए ब्लाइंड गोल्ड लूटकांड का पुलिस ने सफल खुलासा कर दिया है। चतरा एसडीपीओ संदीप सुमन के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने बिहार के दो कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से लूटे गए सोने के आभूषण, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई अंतरराज्यीय अपराध पर पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है।

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  • 21 दिसंबर को हंटरगंज थाना क्षेत्र में हुई थी स्वर्ण व्यवसायी से लूट।
  • एसडीपीओ संदीप सुमन के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने किया उद्भेदन।
  • बिहार के दो हिस्ट्रीशीटर अपराधी गिरफ्तार।
  • लूट का 05.41 ग्राम सोना और 19 आभूषण बरामद।
  • लूट में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और दो मोबाइल जब्त।
  • आरोपियों पर झारखंड-बिहार में कई आपराधिक मामले दर्ज

चतरा जिले में हुई सोना लूट की घटना का पुलिस ने महज कुछ दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। 21 दिसंबर को झारखंड-बिहार बॉर्डर पर स्थित हंटरगंज थाना क्षेत्र के गोसाईंडीह इलाके में अज्ञात अपराधियों द्वारा एक स्वर्ण व्यवसायी से लूट की घटना को अंजाम दिया गया था। इस घटना के बाद से ही पुलिस के लिए यह मामला चुनौती बना हुआ था, जिसे अब सुलझा लिया गया है।

21 दिसंबर को पेट्रोल पंप के पास हुई थी लूट

चतरा एसडीपीओ संदीप सुमन ने बताया कि 21 दिसंबर को गोसाईंडीह स्थित गणपति पेट्रोल पंप के पास शेरघाटी के एक स्वर्ण व्यवसायी को निशाना बनाकर अपराधियों ने सोने के आभूषण लूट लिए थे। लूट की इस घटना के बाद पीड़ित स्वर्ण व्यवसायी संतोष कुमार, निवासी गोला बाजार, शेरघाटी (गया, बिहार) ने हंटरगंज थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद चतरा एसपी सुमित कुमार अग्रवाल के निर्देश पर इस कांड के उद्भेदन के लिए एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।

एसआईटी का गठन और सघन जांच

लूटकांड की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का नेतृत्व स्वयं एसडीपीओ संदीप सुमन ने किया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और गोपनीय सूचना के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।

जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे, जिसके आधार पर अपराधियों की पहचान बिहार के कुख्यात बदमाशों के रूप में की गई।

गया से दबोचे गए दो शातिर अपराधी

एसडीपीओ संदीप सुमन ने जानकारी दी कि छापेमारी के दौरान संतोष चौधरी उर्फ ढकनी को बिहार के गया जिला अंतर्गत मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भजेदा गांव से गिरफ्तार किया गया। वहीं दूसरे आरोपी सिकंदर रजक को शेरघाटी थाना क्षेत्र के चेरकी इलाके से धर दबोचा गया।

दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनसे सघन पूछताछ की, जिसमें उन्होंने लूट की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।

लूट का सोना और अन्य सामान बरामद

गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने लूटे गए 05.41 ग्राम सोने के कुल 19 आभूषण बरामद किए हैं। बरामद आभूषणों में—

  • कान का टॉप 01 जोड़ा
  • एक कान का पल्ला
  • ढोलना 01 पीस
  • नाकबेसर 08 पीस
  • नथुनी 08 पीस

इसके अलावा लूटकांड में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल और विभिन्न कंपनियों के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

आपराधिक इतिहास रहा है लंबा

एसडीपीओ संदीप सुमन ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों का आपराधिक इतिहास बेहद गंभीर रहा है।

संदीप सुमन ने कहा: “गिरफ्तार संतोष चौधरी उर्फ ढकनी के खिलाफ झारखंड और बिहार के अलग-अलग थानों में कुल 15 मामले दर्ज हैं, जबकि सिकंदर रजक के विरुद्ध 03 आपराधिक मामले दर्ज हैं।”

दोनों आरोपी पहले भी कई बार जेल जा चुके हैं और पेशेवर अपराधी माने जाते हैं।

छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी

इस सफल कार्रवाई में कई पुलिस अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। छापेमारी टीम में—
सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संदीप सुमन,
हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार,
एसआई रूपेश कुमार,
एसआई पुरुषोतम अग्निहोत्री,
एएसआई सुनील कुमार दुबे
के साथ सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई और समन्वय के कारण इस ब्लाइंड लूटकांड का सफल उद्भेदन संभव हो सका।

न्यूज़ देखो: अंतरराज्यीय अपराध पर पुलिस की मजबूत पकड़

यह कार्रवाई दर्शाती है कि चतरा पुलिस अंतरराज्यीय अपराधियों पर लगातार शिकंजा कस रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध रोकने के लिए पुलिस की सक्रियता साफ दिखाई दे रही है। ऐसे मामलों का त्वरित खुलासा आम जनता में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाता है। आगे यह देखना अहम होगा कि इस गिरोह से जुड़े अन्य अपराधों का भी खुलासा होता है या नहीं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अपराध के खिलाफ सजग समाज ही सबसे बड़ा हथियार

अपराधियों पर पुलिस की कार्रवाई तभी सफल होती है, जब समाज भी सतर्क रहता है। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय पर देना बेहद जरूरी है। इस खबर को साझा करें, चर्चा करें और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। आपकी जागरूकता ही सुरक्षित समाज की नींव है।

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