#खलारी #शैक्षिक_कार्यक्रम : बाल संसद का गठन—विद्यार्थियों को नेतृत्व और जिम्मेदारी का प्रशिक्षण।
रांची के खलारी स्थित सर्ना एकेडमी में बाल संसद का गठन किया गया। छात्रों को विभिन्न पदों की जिम्मेदारी दी गई। कार्यक्रम में शपथ ग्रहण और बैज वितरण हुआ। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नेतृत्व के लिए प्रेरित किया।
- सर्ना एकेडमी में बाल संसद का गठन।
- छात्रों को बैज देकर दिलाई गई शपथ।
- हेड बॉय और हेड गर्ल का चयन।
- विभिन्न हाउस के लीडर्स नियुक्त।
- नेतृत्व क्षमता बढ़ाने पर जोर।
रांची जिले के खलारी क्षेत्र स्थित सर्ना एकेडमी कुसुमटोला में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बाल संसद का गठन किया गया। इस अवसर पर एक भव्य पदभार ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें चयनित छात्र-छात्राओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को बैज प्रदान कर शपथ दिलाई गई, जिससे उनमें जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित हो सके।
हेड बॉय और हेड गर्ल का चयन
समारोह में विद्यालय के हेड बॉय और हेड गर्ल का चयन किया गया।
एक शिक्षक ने कहा: “यह जिम्मेदारी छात्रों के नेतृत्व गुणों को विकसित करने में सहायक होगी।”
विभिन्न हाउस के लीडर्स नियुक्त
विद्यालय के अग्नि, जल, सूर्य और पृथ्वी हाउस के लिए बॉय एवं गर्ल ग्रुप लीडर्स का चयन किया गया।
इसके साथ ही ग्रीन, येलो, रेड और ब्लू हाउस के कैप्टन और वाइस कैप्टन भी नियुक्त किए गए।
समितियों में भी जिम्मेदारी
छात्रों को ग्रीन क्लब, सांस्कृतिक समिति और अनुशासन समिति में भी कैप्टन एवं वाइस कैप्टन के रूप में जिम्मेदारी दी गई।
एक छात्र ने कहा: “हमें नेतृत्व करने का अवसर मिला, यह हमारे लिए गर्व की बात है।”
शिक्षकों ने किया प्रेरित
विद्यालय के निदेशक, प्राचार्य और उप-प्राचार्य ने संयुक्त रूप से सभी चयनित विद्यार्थियों को बधाई दी।
प्राचार्य ने कहा: “आप सभी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करें।”
विद्यार्थियों में उत्साह
कार्यक्रम में छात्रों के बीच उत्साह देखा गया और उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प लिया।
सर्वांगीण विकास की पहल
बाल संसद के माध्यम से विद्यार्थियों को नेतृत्व, अनुशासन और सामूहिक कार्य की भावना सिखाई जा रही है।
शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
न्यूज़ देखो: नेतृत्व की पहली सीढ़ी
सर्ना एकेडमी की यह पहल दिखाती है कि स्कूल स्तर पर ही नेतृत्व क्षमता विकसित करने से छात्रों का भविष्य मजबूत बनता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जिम्मेदारी निभाना सीखें
नेतृत्व से आत्मविश्वास बढ़ता है।
जिम्मेदारी से व्यक्तित्व विकसित होता है।
टीमवर्क से सफलता मिलती है।
आइए, हम सीखने और आगे बढ़ने का प्रयास करें।
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